देश का नाम रोशन कर लौटे एशिया कप चैंपियन खिलाड़ी, बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पर ढोल-नगाड़ों और फूल-मालाओं से स्वागत
Ranchi: एशिया कप में शानदार प्रदर्शन कर देश का नाम रोशन करने वाले खिलाड़ियों का रांची लौटने पर भव्य स्वागत किया गया. राजधानी स्थित बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पर खिलाड़ियों के पहुंचते ही खेल प्रेमियों, परिजनों, खेल संघ के पदाधिकारियों और प्रशंसकों ने फूल-मालाओं तथा ढोल-नगाड़ों के साथ उनका अभिनंदन किया.
खिलाड़ियों के स्वागत के लिए बड़ी संख्या में समर्थक एयरपोर्ट पहुंचे थे. इस दौरान पूरे परिसर में उत्साह का माहौल देखने को मिला। लोगों ने खिलाड़ियों के सम्मान में नारे लगाए और उनके साथ तस्वीरें खिंचवाईं. खिलाड़ियों को फूल-मालाएं पहनाकर और बुके भेंट कर सम्मानित किया गया.
एयरपोर्ट पर खिलाड़ियों का भव्य स्वागत
खिलाड़ियों के आगमन के साथ ही एयरपोर्ट परिसर देशभक्ति और खेल भावना से जुड़े नारों से गूंज उठा. दिल्ली में आयोजित हॉकी इंडिया के सम्मान समारोह में भाग लेने के बाद सभी खिलाड़ी अपने गृह राज्य झारखंड पहुंचे. एयरपोर्ट पर पारंपरिक तरीके से उनका अभिनंदन किया गया. खिलाड़ियों के हाथ धुलवाए गए, उन्हें फूल-मालाएं पहनाई गईं और ढोल-नगाड़ों के साथ स्वागत किया गया. इस दौरान उपस्थित लोगों ने खिलाड़ियों की उपलब्धि पर गर्व जताते हुए उनका उत्साहवर्धन किया.
जापान में 29 मई से 6 जून 2026 तक आयोजित अंडर-18 एशिया कप में भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया. वहीं, भारतीय महिला टीम ने कांस्य पदक जीतकर देश को एक और बड़ी उपलब्धि दिलाई. दोनों टीमों की सफलता में झारखंड के खिलाड़ियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही. भारतीय पुरुष टीम में झारखंड के आशीष तनी पूर्ति और प्रेमचंद शामिल थे. आशीष तनी पूर्ति पूरे टूर्नामेंट में शानदार फॉर्म में रहे और उन्होंने कई महत्वपूर्ण मुकाबलों में निर्णायक भूमिका निभाई.
वहीं, प्रेमचंद ने भी टीम के लिए प्रभावी प्रदर्शन कर स्वर्ण पदक जीतने में योगदान दिया. महिला वर्ग में कांस्य पदक विजेता भारतीय टीम में झारखंड की संदीपा कुमारी, पुष्पा मांझी, सुगन सांगा, खिली कुमारी, नीलम टोपनो और श्रुति कुमारी शामिल थीं. इन खिलाड़ियों ने पूरे टूर्नामेंट में शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए भारत को पदक दिलाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया.

एशिया कप में झारखंड के आठ खिलाड़ी हुए थे शामिल
खिलाड़ियों के स्वागत के दौरान हॉकी झारखंड के महासचिव विजय शंकर सिंह ने कहा कि यह झारखंड के लिए बेहद गर्व का क्षण है. उन्होंने कहा कि झारखंड की धरती हमेशा से हॉकी प्रतिभाओं की जननी रही है. हमारे खिलाड़ियों ने एक बार फिर साबित कर दिया कि यदि उन्हें सही अवसर और संसाधन मिले तो वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन कर सकते हैं.
अंडर-18 एशिया कप में झारखंड के आठ खिलाड़ियों का भारतीय टीम का हिस्सा बनना अपने आप में बड़ी उपलब्धि है. पुरुष टीम का स्वर्ण और महिला टीम का कांस्य पदक जीतना राज्य के हॉकी इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय है. हमें अपने खिलाड़ियों पर गर्व है और हॉकी झारखंड उनके बेहतर भविष्य के लिए हर संभव सहयोग करता रहेगा.

उन्होंने आगे कहा कि इन खिलाड़ियों की सफलता राज्य के हजारों युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी. आने वाले वर्षों में झारखंड से और अधिक खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाएंगे. इस अवसर पर हॉकी झारखंड के महासचिव विजय शंकर सिंह के अलावा अशोक भगत, आश्रिता लकड़ा, दशरथ महतो, हॉकी कोच करुणा पूर्ति, दूलारी टोपनो, मनीष तथा अन्य खेल प्रेमी मौजूद रहे. सभी ने खिलाड़ियों को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की.
एयरपोर्ट परिसर में स्वागत के दौरान "भारत माता की जय", "वंदे मातरम" और "हॉकी जिंदाबाद" के नारे लगातार गूंजते रहे. खिलाड़ियों ने भी इस सम्मान के लिए झारखंडवासियों का आभार व्यक्त किया और कहा कि यह सम्मान उन्हें भविष्य में और बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित करेगा. झारखंड के इन युवा सितारों की उपलब्धि ने एक बार फिर राज्य को भारतीय हॉकी के मजबूत गढ़ के रूप में स्थापित कर दिया है.







