असम विधानसभा चुनाव: JMM के स्टार प्रचारकों पर बवाल, BJP ने साधा आदिवासी कार्ड...
Ranchi: असम में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर झारखंड में सियासी बयानबाजी जारी है. भाजपा ने झामुमो पर आदिवासी विरोधी होने का आरोप लगाया है. वहीं झामुमों ने इस पर पलटवार किया है.
दरअसल, झामुमो ने स्टार प्रचारकों की संशोधित सूची जारी की है. जिसमें जनजातीय समुदाय से आने वाले विधायक सुखराम उरांव और जिग्गा सुसरण होरो को हटाकर मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू और पार्टी महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्या को स्टार प्रचारक बनाया गया है. इसे लेकर भाजपा ने झामुमो पर हमला बोला है.
भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी शिवपूजन पाठक ने कहा कि यह पहला मौका नहीं है, जब झामुमो का आदिवासी विरोधी चेहरा उजागर हुआ है. इससे पहले पेसा कानून नियमावली में भी जिस तरह से एक्ट का गर्दन मरोड़ने का काम किया गया है, वह दर्शाता है कि झामुमो का आदिवासी प्रेम दिखावा भर है.
शिवपूजन पाठक ने कहा कि झामुमो के नेतृत्व वाली सरकार ने पेसा नियमावली बनाकर मूल पेसा एक्ट की आत्मा ही मार दी. इस सरकार में संथाल में तुष्टीकरण के चलते जनजातीय समुदाय की उपेक्षा हो रही है. फिर भी झामुमो और सरकार मौन रहती है. उन्होंने कहा कि असम के लोग समझदार हैं और उनके झांसे में नहीं आएंगे, क्योंकि अगर उन्होंने झारखंड में आदिवासियों के लिए कुछ नहीं किया, तो असम में क्या करेंगे?
वहीं जेएमएम के केंद्रीय प्रवक्ता मनोज पांडेय ने कहा कि झामुमो को भाजपा से सर्टिफिकेट लेने की जरूरत नहीं है. उन्होंने कहा कि जिस सुदिव्य कुमार सोनू की स्टार प्रचारक वाली लिस्ट में एंट्री हुई है, उन्होंने भाजपा के नेता बाबूलाल मरांडी की गिरिडीह में राजनीति को धराशायी किया है. वह दो बार विधानसभा चुनाव जीत कर मंत्री बनें हैं.
मनोज पांडेय ने कहा कि दूसरी ओर संगठन की मजबूत जानकारी रखने वाले सुप्रियो भट्टाचार्य को स्टार प्रचारक बनाया गया है, जिनके कद का कोई संगठनकर्ता भाजपा में नहीं है. ऐसे में हमारे स्टार प्रचारक से भाजपा नेताओं के पेट में दर्द क्यों हो रहा है. हमारे नेताओं की काबिलियत से भाजपा के नेता क्यों घबरा जाते हैं, यह बड़ा सवाल है.







