जयराम महतो पर पुलिस का बड़ा एक्शन? गिरफ्तारी की मांग को लेकर आंदोलन की तैयारी
Ranchi News: डुमरी विधायक जयराम महतो के खिलाफ बरवाअड्डा थाना में दर्ज मामले को लेकर झारखंड पुलिस एसोसिएशन ने मोर्चा खोल दिया है। एसोसिएशन ने विधायक की गिरफ्तारी की मांग की है। मांग पूरी नहीं होने पर चरणबद्ध आंदोलन शुरू करने की तैयारी की जा रही है।

एसोसिएशन के मुताबिक, संगठन की विभिन्न शाखाओं के साथ-साथ जिला बल और सशस्त्र बल के सदस्यों ने आंदोलन के समर्थन में अपनी सहमति जताई है। इससे मामला अब पुलिस महकमे में भी चर्चा का विषय बन गया है।
पुलिसकर्मियों से धक्का-मुक्की और धमकी का आरोप
झारखंड पुलिस एसोसिएशन ने आरोप लगाया है कि डुमरी विधायक जयराम महतो बरवाअड्डा थाना परिसर में पहुंचे और वहां सरकारी कार्य में बाधा डालने की कोशिश की।
एसोसिएशन का दावा है कि इस दौरान पुलिसकर्मियों के साथ कथित तौर पर असंसदीय शब्दों का इस्तेमाल किया गया। साथ ही धक्का-मुक्की और धमकी देने के भी आरोप लगाए गए हैं।
हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि जांच और संबंधित कानूनी प्रक्रिया के जरिए ही होगी।
गिरफ्तारी की मांग को लेकर आंदोलन की तैयारी
एसोसिएशन के अनुसार, जयराम महतो की गिरफ्तारी की मांग को लेकर संगठन की सभी शाखाओं, जिला बल और सशस्त्र बल के सदस्यों ने आंदोलन में शामिल होने पर सहमति जताई है।
एसोसिएशन का कहना है कि पुलिसकर्मियों के साथ कथित दुर्व्यवहार के मामले में त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई होनी चाहिए। संगठन ने मामले के वरीय पर्यवेक्षक पदाधिकारियों से अनुसंधान में किसी भी तरह की जानबूझकर देरी नहीं करने का अनुरोध किया है।
राकेश कुमार पांडेय ने दी आंदोलन की चेतावनी
झारखंड पुलिस एसोसिएशन के प्रदेश संयुक्त सचिव-सह-कोषाध्यक्ष राकेश कुमार पांडेय ने कहा कि पुलिसकर्मियों के साथ कथित दुर्व्यवहार के मामले में अगर कार्रवाई नहीं होती है, तो एसोसिएशन आंदोलन का रास्ता अपनाएगा।
उन्होंने कहा कि संगठन की मांग है कि पूरे मामले में नियमानुसार कार्रवाई की जाए और जांच को बिना किसी दबाव या अनावश्यक देरी के आगे बढ़ाया जाए।
मामले में अब आगे क्या?
पुलिस एसोसिएशन की ओर से आंदोलन की चेतावनी के बाद अब मामले की जांच और पुलिस प्रशासन की कार्रवाई पर नजर रहेगी। विधायक की गिरफ्तारी को लेकर अंतिम निर्णय जांच के तथ्यों, उपलब्ध साक्ष्यों और लागू कानूनी प्रक्रिया के आधार पर संबंधित एजेंसियों द्वारा लिया जाएगा।
फिलहाल, इस मामले ने झारखंड में राजनीतिक और पुलिस दोनों स्तरों पर हलचल बढ़ा दी है।







