झारखंड में नक्सल नेटवर्क पर बड़ा प्रहार! PLFI के दो उग्रवादी गिरफ्तार, जंगलों से हथियारों का जखीरा बरामद
पुलिस अधीक्षक को मिली गुप्त सूचना के आधार पर विशेष टीम गठित कर जंगल में छापेमारी की गई, जहां से दोनों आरोपियों को दबोच लिया गया। तलाशी के दौरान उनके पास से दो देसी तमंचे और दो कारतूस भी बरामद किए गए हैं। पुलिस अब उनसे पूछताछ कर संगठन के अन्य नेटवर्क की जानकारी जुटाने में लगी है।
पलामू में शुरू हुई हाईटेक QR कोड पुलिसिंग
इधर पलामू पुलिस ने अपराध और नक्सली गतिविधियों पर लगाम लगाने के लिए आधुनिक डिजिटल निगरानी प्रणाली शुरू की है। बड़े शहरों की तर्ज पर अब जिले में QR कोड आधारित पुलिसिंग लागू की गई है। पुलिस ने बैंक, एटीएम, ज्वेलरी शॉप और अन्य संवेदनशील इलाकों समेत 650 स्थानों को चिन्हित किया है, जहां QR कोड लगाए गए हैं।
पेट्रोलिंग टीम इन स्थानों पर पहुंचकर QR कोड स्कैन करेगी, जिससे जवानों की लोकेशन और गश्त की पूरी जानकारी सीधे पुलिस मुख्यालय और एसपी कार्यालय तक पहुंचेगी। यह पूरा सिस्टम झारखंड पुलिस के ‘रक्षक’ ऐप से जुड़ा हुआ है।
“पुलिसिंग होगी ज्यादा जवाबदेह” — एसपी
कपिल चौधरी ने कहा कि इस नई व्यवस्था का मकसद अपराध रोकने के साथ-साथ गश्ती दलों को अधिक प्रभावी और जवाबदेह बनाना है। उन्होंने कहा कि इससे आम लोगों के बीच सुरक्षा का भरोसा भी मजबूत होगा।
सारंडा जंगल से हथियारों का जखीरा बरामद
वहीं पश्चिमी सिंहभूम के सारंडा और टोंटो-गोइलकेरा जंगलों में नक्सलियों के खिलाफ चल रहे बड़े अभियान में सुरक्षाबलों ने भारी मात्रा में हथियार, गोला-बारूद और विस्फोटक सामग्री बरामद की है। यह कार्रवाई कोबरा 209 बटालियन के नेतृत्व में चलाए गए सर्च ऑपरेशन के दौरान की गई।
सूत्रों के अनुसार हाल ही में एक लाख के इनामी नक्सली मिसिर बेसरा के दस्ते के साथ मुठभेड़ हुई थी, जिसमें एक नक्सली मारा गया था। इसके बाद से पूरे इलाके में लगातार सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।
झारखंड में लगातार हो रही इन कार्रवाइयों को सुरक्षाबलों की बड़ी रणनीतिक सफलता माना जा रहा है, जिससे नक्सली संगठनों की गतिविधियों पर बड़ा असर पड़ सकता है।







