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झारखंड की राजनीति में बड़ा सियासी बयान: सरयू राय बोले– कांग्रेस और बीजेपी के बिना भी स्थिर सरकार संभव, सीएम हेमंत सोरेन को दिया प्रस्ताव

Dhanbad: सरयू राय ने कहा, “हेमंत सोरेन चाहें तो बिना कांग्रेस और भाजपा के सरकार बना सकते हैं. हम जैसे कुछ विधायक उन्हें बिना शर्त समर्थन देंगे.” उन्होंने वर्तमान हालात को देखते हुए ऐसी सरकार बनने की संभावना जताई और झारखंड में बिना कांग्रेस-भाजपा गठबंधन के सरकार बनाने के लिए जरूरी ‘मैजिक नंबर’ भी हेमंत सोरेन को बता दिया.
 
JHARKHAND

Dhanbad: जमशेदपुर पश्चिम विधायक सरयू राय ने बड़ा राजनीतिक बयान देते हुए कहा है कि बिना कांग्रेस और भाजपा के झारखंड में सरकार बन सकती है. उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को कांग्रेस-भाजपा से अलग नई सरकार बनाने का ऑफर देते हुए कहा कि वे खुद बिना शर्त समर्थन देने को तैयार हैं.

सरयू राय ने शुक्रवार को सोनारडीह भू-धंसान हादसे के घटनास्थल का दौरा किया. इस दौरान मीडिया से बातचीत में उन्होंने असम चुनाव को लेकर कांग्रेस और झामुमो के बीच चल रही खींचतान पर प्रतिक्रिया देते हुए यह बड़ा संकेत दिया.

सरयू राय ने कहा, “हेमंत सोरेन चाहें तो बिना कांग्रेस और भाजपा के सरकार बना सकते हैं. हम जैसे कुछ विधायक उन्हें बिना शर्त समर्थन देंगे.” उन्होंने वर्तमान हालात को देखते हुए ऐसी सरकार बनने की संभावना जताई और झारखंड में बिना कांग्रेस-भाजपा गठबंधन के सरकार बनाने के लिए जरूरी ‘मैजिक नंबर’ भी हेमंत सोरेन को बता दिया. बता दें कि वर्तमान में झारखंड विधानसभा में दलगत स्थिति इस तरह की है, झामुमो 34, आरजेडी के पास 4, लेफ्ट 2, कांग्रेस 16, बीजेपी 21, आजसू 1, जेडीयू 1, जेएलकेएम 1, लोजपाआर 1. सरकार बनाने के लिए कुल 41 विधायकों का समर्थन जरूरी है.

सरयू राय ने कहा कि बिहार चुनाव में कांग्रेस ने झामुमो को हिस्सेदारी नहीं दी और अब असम चुनाव में भी यही स्थिति बन रही है. उनके मुताबिक, जहां गठबंधन की गुंजाइश होती है, वहीं कांग्रेस अपने सहयोगियों को हिस्सेदारी देती है, ताकि गठबंधन से सरकार बची रहे.

उन्होंने असम चुनाव के बाद हवा का रुख क्या होगा, यह कहना मुश्किल बताते हुए कांग्रेस और झामुमो के बीच चल रही बयानबाजी पर सवाल उठाया. सरयू राय ने कहा कि चुनाव के बाद यही दल फिर साथ आकर मतभेद खत्म होने की बात करेंगे, लेकिन वर्तमान बयानबाजी से गठबंधन की विश्वसनीयता पर असर पड़ रहा है. सरयू राय ने एक बयान का जिक्र करते हुए कहा कि झारखंड के अफसरों को “माफिया” कहना सीधे तौर पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर हमला है. ऐसे में यदि हेमंत सोरेन अपने राजनीतिक कद को बड़ा मानते हैं, तो उन्हें नई राह अपनानी चाहिए.

विधायक सरयू राय सोनारडीह ओपी स्थित टांडाबस्ती में हुए भू-धंसान की दर्दनाक घटना के बाद पीड़ित परिवारों का हाल-चाल लेने घटनास्थल पर पहुंचे थे. यहां उन्होंने प्रभावित परिवारों से मुलाकात की और उनकी समस्याएं सुनीं. उन्होंने प्रशासन से त्वरित राहत एवं पुनर्वास की मांग भी की.