देवघर पहुंचे बिहार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार, बाबा बैद्यनाथ का बाहर से किया दर्शन
Deoghar: बिहार के स्वास्थ्य मंत्री और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार सोमवार को देवघर पहुंचे। देवघर पहुंचने पर सर्किट हाउस में स्थानीय जेडीयू कार्यकर्ताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने उन्हें बाबा बैद्यनाथ की तस्वीर भेंट कर सम्मानित किया।
जमुई के झाझा दौरे से सीधे देवघर पहुंचे निशांत कुमार
निशांत कुमार जमुई जिले के झाझा दौरे पर गए थे। वहां से लौटने के दौरान उन्होंने देवघर और बासुकीनाथ में भगवान भोलेनाथ के दर्शन करने का कार्यक्रम बनाया था। देवघर पहुंचने पर स्थानीय जेडीयू नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया और बाबा बैद्यनाथ धाम के धार्मिक महत्व की जानकारी दी।
सावन की तीसरी सोमवारी होने के कारण बाबा बैद्यनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी हुई थी। भीड़ को देखते हुए निशांत कुमार ने मंदिर परिसर के बाहर से ही बाबा बैद्यनाथ का दर्शन किया। इसके बाद वह बासुकीनाथ धाम के लिए रवाना हो गए।

पूर्व जेडीयू विधायक के निधन पर जताया दुख
देवघर में स्थानीय कार्यकर्ताओं ने निशांत कुमार को देवघर के पूर्व जेडीयू विधायक कामेश्वर दास के निधन की जानकारी दी। निधन की खबर सुनकर उन्होंने दुख व्यक्त किया और शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी संवेदना प्रकट की।
देवघर प्रवास के दौरान निशांत कुमार ने मीडिया से कोई बातचीत नहीं की। वह अपने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत सुरक्षा व्यवस्था के बीच देवघर से बासुकीनाथ के लिए रवाना हुए।
बासुकीनाथ में दर्शन के बाद पटना लौटने का कार्यक्रम
निशांत कुमार के साथ बिहार के बेलहर से वरिष्ठ विधायक मनोज यादव, एमएलसी संजय प्रसाद समेत जेडीयू के कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे। बासुकीनाथ धाम में भगवान भोलेनाथ के दर्शन के बाद उनके पटना लौटने का कार्यक्रम है।
स्वास्थ्य मंत्री बनने के बाद बढ़ी राजनीतिक सक्रियता
बता दें कि निशांत कुमार बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुत्र हैं। हाल के राजनीतिक घटनाक्रम के बाद उन्हें राज्य के स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है। स्वास्थ्य मंत्री का पद संभालने के बाद उनकी राजनीतिक सक्रियता को लेकर लगातार चर्चा होती रही है और विपक्ष की ओर से भी विभिन्न प्रतिक्रियाएं सामने आती रही हैं।
फिलहाल, देवघर दौरे के दौरान निशांत कुमार ने किसी राजनीतिक मुद्दे पर टिप्पणी नहीं की और धार्मिक यात्रा के तहत बाबा बैद्यनाथ तथा बासुकीनाथ धाम के दर्शन को प्राथमिकता दी।







