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EVM से चुनाव कराने की मांग को लेकर BJP सड़क पर, बैलेट पेपर से चुनाव में धांधली का आरोप लगाया...

Deoghar: सरकार से मांग की कि नगर निकाय चुनाव जल्द से जल्द, दलगत आधार पर और ईवीएम के जरिए कराए जाएं. साथ ही चेतावनी दी कि जब तक चुनाव की घोषणा नहीं होती, भाजपा अपना आंदोलन जारी रखेगी. वहीं भाजपा के जिला अध्यक्ष सचिन रवानी ने भी सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि जब विधानसभा चुनाव ईवीएम से हुए और उसी से सरकार बनी, तब ईवीएम सही लगने लगी. लेकिन अब निकाय चुनाव में बैलेट पेपर की बात समझ से परे है...
 
DEOGHAR NEWS

Deoghar: झारखंड में लंबे समय से अटके नगर निकाय चुनाव को लेकर सियासत तेज हो गई है. कोर्ट की फटकार के बाद सरकार ने चुनाव की तैयारियों के संकेत तो दिए हैं, लेकिन अब तक तारीखों का ऐलान नहीं हुआ है. इसी बीच सरकार के ईवीएम की जगह बैलेट पेपर से निकाय चुनाव कराने के फैसले ने नया विवाद खड़ा कर दिया है. जैसे ही बैलेट पेपर से चुनाव की खबर सामने आई, भाजपा ने इसे मुद्दा बनाते हुए पूरे राज्य में विरोध शुरू कर दिया. इसी कड़ी में मंगलवार को देवघर में भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने नगर निगम कार्यालय के सामने जोरदार धरना-प्रदर्शन किया. बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता इस विरोध में शामिल हुए.

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धरने में मौजूद देवघर के पूर्व विधायक और भाजपा नेता नारायण दास ने हेमंत सरकार पर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार कांग्रेस के इशारे पर जानबूझकर निकाय चुनाव नहीं करवा रही है. नारायण दास का आरोप है कि सरकार को डर है कि अगर निकाय चुनाव हुए तो भाजपा हर जगह मजबूत स्थिति में आ जाएगी.

उन्होंने सरकार से मांग की कि नगर निकाय चुनाव जल्द से जल्द, दलगत आधार पर और ईवीएम के जरिए कराए जाएं. साथ ही चेतावनी दी कि जब तक चुनाव की घोषणा नहीं होती, भाजपा अपना आंदोलन जारी रखेगी. वहीं भाजपा के जिला अध्यक्ष सचिन रवानी ने भी सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि जब विधानसभा चुनाव ईवीएम से हुए और उसी से सरकार बनी, तब ईवीएम सही लगने लगी. लेकिन अब निकाय चुनाव में बैलेट पेपर की बात समझ से परे है.

सचिन रवानी ने याद दिलाया कि रघुवर दास की सरकार के दौरान निकाय चुनाव दलगत आधार पर कराए गए थे. इसी मांग को लेकर भाजपा की ओर से राज्यपाल के नाम एक ज्ञापन नगर आयुक्त को सौंपा गया. फिलहाल निकाय चुनाव को लेकर सियासी घमासान तेज हो चुका है और अब सबकी नजर सरकार के अगले कदम और चुनाव की तारीखों के ऐलान पर टिकी है.