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हत्या केस में बीजेपी कार्यकर्ता का नाम आने से मचा राजनीतिक तूफान, बीजेपी पर हमलावर हुई कांग्रेस, झामुमो का प्रदर्शन

Ranchi: पुलिस के अनुसार रामनवमी के मंगला जुलूस के दौरान बालिका लापता हो गई थी. अगले दिन उसके शव को गांव के पास बांस की झाड़ियों में बरामद किया गया. पोस्टमार्टम में क्रूर हत्या की पुष्टि हुई. एसआईटी जांच में खुलासा हुआ कि हत्या अंधविश्वास और तंत्र-मंत्र के नाम पर नरबलि का हिस्सा थी. गिरफ्तार तीन आरोपियों में मृतका की मां रेशमी देवी, स्थानीय तांत्रिक शांति देवी और भीम राम शामिल है. पुलिस का दावा है कि बेटे की लंबी उम्र या अन्य अंधविश्वास के लिए इस क्रूर कृत्य को अंजाम दिया गया.
 
JMM JHARKHAND

Ranchi: झारखंड के हजारीबाग जिले के विष्णुगढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत कुसुम्भा गांव में 13 वर्षीय नाबालिग बालिका की हत्या के मामले में पुलिस के खुलासे के बाद राजनीतिक घमासान तेज हो गया है. झामुमो और कांग्रेस ने मुख्य आरोपी भीम राम को भाजपा का स्थानीय कार्यकर्ता बताया गया है. इसके साथ ही झामुमो और कांग्रेस के नेताओं ने भाजपा पर तीखा हमला बोल दिया है.

पुलिस के अनुसार रामनवमी के मंगला जुलूस के दौरान बालिका लापता हो गई थी. अगले दिन उसके शव को गांव के पास बांस की झाड़ियों में बरामद किया गया. पोस्टमार्टम में क्रूर हत्या की पुष्टि हुई. एसआईटी जांच में खुलासा हुआ कि हत्या अंधविश्वास और तंत्र-मंत्र के नाम पर नरबलि का हिस्सा थी. गिरफ्तार तीन आरोपियों में मृतका की मां रेशमी देवी, स्थानीय तांत्रिक शांति देवी और भीम राम शामिल है. पुलिस का दावा है कि बेटे की लंबी उम्र या अन्य अंधविश्वास के लिए इस क्रूर कृत्य को अंजाम दिया गया.

झामुमो रांची जिला इकाई ने इस घटना के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया. जिला स्कूल से अल्बर्ट एक्का चौक तक आक्रोश मार्च निकाला गया. झामुमो रांची जिला संयोजक प्रमुख मुस्ताक आलम के नेतृत्व में बड़ी संख्या में नेता-कार्यकर्ता शामिल हुए.

JMM protest in Ranchi

प्रदर्शनकारियों ने मुख्य आरोपी भीम राम को “भीम डकैत” करार देते हुए फांसी की मांग की. मुस्ताक आलम ने कहा, “जो लोग पहले इस आपराधिक घटना पर हाय-तौबा मचा रहे थे, वे अब चुप्पी साधे हुए हैं. भाजपा कार्यकर्ता भीम राम को फांसी दी जानी चाहिए. रहमान डकैत को खोजने वाले झामुमो प्रवक्ता ने अब भाजपा से पूछा कि भीम डकैत मिल चुका है, उसे फांसी दिलाने की मांग वे खुद करें.”

कांग्रेस भी मुखर हो गई है. प्रदेश प्रवक्ता सोनाल शांति ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा, “इस घटना में हाय-तौबा मचाने वाली भाजपा नेताओं के मुंह पर अब ताला क्यों लगा है? प्रदेश भाजपा अध्यक्ष आदित्य प्रसाद साहू और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी अपराधियों से भरी फौज के सेनानायक हैं.”

सोनाल शांति ने आगे कहा कि भाजपा के ब्रांड एंबेसडर बृजभूषण शरण सिंह और कुलदीप सेंगर जैसे लोग हैं, जिनसे कार्यकर्ता सीखते हैं. “रहमान डकैत” भाजपा के नेताओं-कार्यकर्ताओं के रूप में गांव-गली में मौजूद हैं. विष्णुगढ़ कांड ने भाजपा का “काला सच” उजागर कर दिया. भाजपा एजेंडे के तहत अपने लोगों को बचाती है और प्रशासनिक विफलता पर उंगली उठाती है. लगभग सभी समाज-विरोधी कृत्यों में भाजपा की संलिप्तता उजागर होती है, फिर भी वे खुद को संस्कारी बताते हैं.

उन्होंने आरोप लगाया कि आरोपी की गिरफ्तारी और उसके भाजपा से जुड़ाव के बावजूद आदित्य साहू, बाबूलाल मरांडी समेत कोई भाजपा नेता कुछ नहीं बोल रहा, जो कई सवाल खड़े करता है. कांग्रेस ने भाजपा को अंधविश्वास बढ़ावा देने का भी आरोप लगाया.

क्या है पूरा मामला

यह मामला शुरू में दुष्कर्म-हत्या के रूप में दर्ज हुआ था. भाजपा ने पहले राज्य सरकार पर कानून-व्यवस्था बिगड़ने का आरोप लगाते हुए हजारीबाग बंद और बाद में झारखंड बंद की घोषणा की थी. अब पुलिस खुलासे के बाद सियासी पारा चढ़ गया है. झारखंड हाईकोर्ट ने भी मामले पर संज्ञान लिया है.

दोनों पक्ष अब एक-दूसरे पर राजनीतिक लाभ उठाने और दोहरे मापदंड का आरोप लगा रहे हैं. पुलिस जांच जारी है और न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ रही है. इस जघन्य अपराध ने पूरे राज्य में आक्रोश पैदा कर दिया है, साथ ही अंधविश्वास की कुप्रथा पर भी सवाल उठाए हैं.