झारखंड में हेमंत सरकार के खिलाफ भाजपा का आंदोलन होगा तेज, जनहित के मुद्दों पर बनाई गई नई रणनीति
Ranchi: झारखंड में विपक्षी भाजपा ने हेमंत सरकार के खिलाफ जनहित के मुद्दों पर आंदोलन तेज करने का फैसला लिया है. पार्टी की कोर कमेटी की बैठक में राज्य की वर्तमान स्थिति, कानून व्यवस्था, विकास कार्यों और जनसमस्याओं को लेकर विस्तृत चर्चा की गई. बैठक में निर्णय लिया गया कि भाजपा आने वाले दिनों में राज्यभर में चरणबद्ध आंदोलन चलाकर सरकार को घेरने का काम करेगी.

करीब दो घंटे तक चली इस बैठक में पार्टी के शीर्ष नेताओं ने वर्तमान राजनीतिक स्थिति के साथ-साथ राज्य सरकार के खिलाफ आंदोलन तेज करने का निर्णय लिया. बैठक की जानकारी देते हुए बीजेपी नेता अमर कुमार बाउरी ने कहा कि शुक्रवार को पार्टी के प्रदेश पदाधिकारी की बैठक बुलाई गयी है. इस बैठक में कोर कमेटी में लिए गए निर्णय से अवगत कराया जाएगा और इसे जमीनी स्तर पर उतारने का काम किया जाएगा.

प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू के नेतृत्व में हुई भाजपा कोर कमेटी की बैठक में एसआईआर सहित विभिन्न विषयों पर मंत्रणा होती रही. बैठक की जानकारी देते हुए भाजपा नेता अमर कुमार बाउरी ने कहा कि समसामयिक विषयों के साथ-साथ एसआईआर को लेकर भी चर्चा हुई है. हम लोग राज्य सरकार पर नजर रख रहे हैं क्योंकि मुख्यमंत्री जी भी बैठक कर अपने लोगों को तैयार कर रहे हैं, ऐसे में हमारी भी इस पर नजर है. एसआईआर को लेकर भ्रम फैलाने की हर कोशिश को नाकाम किया जाएगा इसके लिए भाजपा कार्यकर्ता पूरी तरह से तैयार हैं.
उन्होंने कहा कि पार्टी ने तय किया है कि किसानों के मुद्दे पर सरकार के खिलाफ आंदोलन तेज करने का निर्णय लिया गया है. क्योंकि जिस तरह से ओलावृष्टि से परेशान किसान को ठगा गया है और उन्हें 3200रु. धान के समर्थन मूल्य देने की बात कही गई थी वह यह सरकार नहीं दे पाई. इसी तरह से ओलावृष्टि के कारण फसल नष्ट हुआ है किसानों को मुआवजा सरकार के द्वारा दिया जाना चाहिए था. मातृशक्ति वंदन अधिनियम हो या बिजली पानी की समस्या हो या जमीन म्युटेशन इन तमाम मुद्दों को लेकर राज्य स्तरीय आंदोलन पार्टी ने छेड़ने का निर्णय लिया है.
बैठक में भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि राज्य में बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, बिजली-पानी की समस्या, खराब सड़कें और कानून व्यवस्था जैसे मुद्दों पर सरकार पूरी तरह विफल साबित हुई है. पार्टी का कहना है कि आम जनता कई समस्याओं से जूझ रही है, लेकिन सरकार समाधान निकालने में असफल रही है.
कोर कमेटी ने तय किया कि पार्टी कार्यकर्ता जिला स्तर से लेकर राज्य स्तर तक जनसंपर्क अभियान चलाएंगे और जनता की समस्याओं को प्रमुखता से उठाएंगे. इसके साथ ही विभिन्न मुद्दों पर धरना-प्रदर्शन और आंदोलन की रणनीति भी तैयार की गई है.
भाजपा नेताओं ने कहा कि पार्टी जनता की आवाज बनकर सरकार की नीतियों का विरोध करेगी और जनहित से जुड़े मुद्दों पर लगातार संघर्ष जारी रखेगी. वहीं सत्तारूढ़ दल की ओर से भाजपा के आरोपों को राजनीतिक बताया जा रहा है. राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आगामी दिनों में झारखंड की राजनीति में भाजपा और सत्तापक्ष के बीच टकराव और तेज हो सकता है.







