काला, घना और डरावना मंजर, झारखंड में बारिश के साथ साथ तेज गर्जन...IMD का Alert
2• ओरेंज अलर्ट – पलामू, हजारीबाग, लातेहार, चतरा व गढ़वा में ऑरेंज अलर्ट जारा है. यहां पर हवा 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती है. यहां के लोगों को थोड़ा अधिक सावधान रहने की जरूरत है.
2• ओरेंज अलर्ट – पलामू, हजारीबाग, लातेहार, चतरा व गढ़वा में ऑरेंज अलर्ट जारा है. यहां पर हवा 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती है. यहां के लोगों को थोड़ा अधिक सावधान रहने की जरूरत है.
Jharkhand Weather Update: बिहार से लेकर झारखंड की राजधानी रांची तक मौसम का प्रकोप जारी है. लगातार बारिश के कारण रांची से लेकर रामगढ़ तक, खूंटी से लेकर हजारीबाग तक, ऐसा लग रहा है कि मानो हर जिले की सड़क पानी से भरी है. यहां सड़क और तालाब के पानी में फर्क कर पाना मुश्किल हो गया है. क्योंकि इसबार झारखंड में मॉनसून कुछ ज्यादा ही मेहरबान हो चुका है. बिहार से लेकर रांची तक गर्जन के साथ वर्षा और वज्रपात लगातार हो रही है. मौसम विभाग ने खराब मौसम के लिए एक लाइडलाइन भी जारी की है, जिसमें लोगों से कहा गया है कि अगर बहुत जरूरी न हो, तो अपने घर से बाहर न निकलें.
मानसून यहां से विदाई का नाम ही नहीं ले रहा है. ऐसे में लोगों को आज और कल भी बारिश से थोड़ी परेशानी झेलनी पड़ सकती है.
आज भी होगी भारी बारिश
पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने निम्न दबाव क्षेत्र के कारण यह वर्षा प्रणाली सक्रिय हो रही है. समुद्र तल से 9.6 किलोमीटर ऊंचाई तक फैले इस चक्रवाती परिसंचरण के अगले 12 घंटे में अवदाब में तब्दील होने की संभावना है. जिस वजह से 4 अक्टूबर को खासतौर पर झारखंड में भारी से भारी बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया गया है.
प्रमुख शहरों का तापमान और AQI आंकड़ा शनिवार का है

जानें आज कहां-कहां होगी बारिश
1 • येलो अलर्ट– 4 अक्टूबर को दुमका, गोड्डा, पाकुर, साहिबगंज, चतरा, गढ़वा और जिलों में कहीं-कहीं भारी वर्षा हो सकती है. इन जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है
2• ओरेंज अलर्ट – पलामू, हजारीबाग, लातेहार, चतरा व गढ़वा में ऑरेंज अलर्ट जारा है. यहां पर हवा 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती है. यहां के लोगों को थोड़ा अधिक सावधान रहने की जरूरत है.
3 • रांची मौसम विभाग ने खासतौर पर जो मछली पकड़ने वाले, खेत खलियान में किसान काम करने वाले हैं. अगर वे मैदानी इलाके में जाते हैं, तो उनको अधिक सावधानी रहना होगा. क्योंकि, इस तरह काम करने वालों को वज्रपात के समय तुरंत सुरक्षित स्थान का शरण नहीं मिल पाता है.
4• 6 अक्टूबर के बाद से एक बार मौसम फिर करवट लेगा. बारिश बंद हो सकती है और आसमान साफ होगा. क्योंकि बंगाल की खाड़ी में निम्न दबाव का असर काफी हद तक कमजोर पड़ जाएगा.Jharkhand







