गर्भवती महिलाओं, बेहोश मरीजों और सर्पदंश के मरीजों को गंगा पार ले जाएगी बोट एंबुलेंस, सीएस ने ट्रायल कर दिया आदेश
Jharkhand Desk: झारखंड के साहिबगंज जिले में लंबे समय से बंद पड़ी बोट एंबुलेंस सेवा को आखिरकार फिर से चालू कर दिया गया है. जिला मुख्यालय में बोट एंबुलेंस का संचालन फिर से शुरू हो गया है. सीएस डॉ. रामदेव पासवान और डॉ. मुकेश कुमार ने बिजली घाट पर तैनात बोट एंबुलेंस का ट्रायल देखा. उन्होंने गंगा के बीच में जाकर इसे जांचा और परखा और पाया कि यह चालू हालत में है. गर्भवती महिलाओं, बेहोश मरीजों और सर्पदंश के मरीजों को गंगा पार ले जाने के लिए बोट चालकों को अनुमति दे दी गई है. बाढ़ कम होने तक रात्रिकालीन सेवाएं स्थगित रहेंगी. इसके बाद रात्रिकालीन सेवाएं फिर से शुरू होंगी. फिलहाल सुबह से शाम 5 बजे तक सेवा उपलब्ध कराई जाएगी.
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सीएस ने बताया कि दो बोट एंबुलेंस खरीदी गई थीं, लेकिन विभिन्न कारणों से उन्हें बंद कर दिया गया था. राजमहल में भी बोट को देखा जाएगा और मरम्मत के बाद अनुमंडल में उसका संचालन भी शुरू कर दिया जाएगा. फिलहाल, एक बोट चालू हो गई है. इस बोट में लगे ईंधन और ड्राइवर लागत सहित सभी खर्च आयुष्मान भारत फंड से वहन किए जाएंगे. मरीज के परिजन डीएस डॉ. देवेश कुमार के मोबाइल नंबर 7903744978, 9199867299, डॉ. महमूद आलम के 7870276430 और सीएस डॉ. रामदेव पासवान के 9661167879 पर कॉल करें. कॉल करने पर बोट एंबुलेंस भेज दी जाएगी. मरीज के इस पार पहुंचने पर सड़क पर 108 या 1962 एंबुलेंस खड़ी कर दी जाएगी. वहां से मरीज को जिला सदर अस्पताल पहुंचाया जाएगा. वापस लौटने पर अस्पताल की डिस्चार्ज स्लिप दिखाने पर यही सुविधा दी जाएगी. यह सुविधा नि:शुल्क होगी.
गौरतलब है कि दो साल पहले प्रशासन ने डीएमएफटी फंड से 64 लाख रुपये की लागत से दो बोट एंबुलेंस खरीदी थीं. एक साहिबगंज और दूसरी राजमहल अनुमंडल भेजी गई थी, ताकि दोनों बोट एंबुलेंस गंगा के 83 किलोमीटर क्षेत्र को कवर कर सकें. प्रत्येक बोट एंबुलेंस की लागत 29 लाख 17200 रुपये थी. छह महीने तक इसे किसी तरह चलाया गया,
उसके बाद शर्तों के मुताबिक आपूर्तिकर्ता को वित्तीय और जिला प्रशासन का सहयोग नहीं मिलने पर इसे बंद कर दिया गया. उस दौरान दोनों एंबुलेंस से 64 मरीजों को भी सेवा नहीं मिल सकी. तब से दोनों एंबुलेंस घाट पर ही तैनात थीं. यह एंबुलेंस जिला मुख्यालय में तो ठीक रही, लेकिन राजमहल अनुमंडल के गंगा घाट पर तैनात एंबुलेंस बाढ़ में डूब गई. रखरखाव के अभाव में बोट का एसी और मोटर चोरी हो गया है. अभी वह बोट पानी में डूबी हुई है.







