स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा: रांची सदर अस्पताल के आपातकालीन विभाग में मल्टी स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की तैनाती
Ranchi: राजधानी के मरीजों के लिए राहत भरी खबर है. रांची सदर अस्पताल के आपातकालीन (इमरजेंसी) विभाग को अब पहले से कहीं अधिक सशक्त और चौकस किया जा रहा है. गंभीर मरीजों को समय पर और बेहतर इलाज उपलब्ध कराने के उद्देश्य से अस्पताल प्रशासन ने इमरजेंसी यूनिट में मल्टी-स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की तैनाती का फैसला लिया है.
अब तक इमरजेंसी में प्राथमिक इलाज के बाद मरीजों को अलग-अलग विभागों में रेफर करना पड़ता था, जिससे कई बार इलाज में देरी हो जाती थी. नई व्यवस्था के तहत इमरजेंसी में ही मेडिसिन, सर्जरी, ऑर्थोपेडिक, एनेस्थीसिया और अन्य जरूरी विशेषज्ञ उपलब्ध रहेंगे, ताकि मरीजों को तुरंत निर्णय और इलाज मिल सके.
गंभीर मरीजों को होगा सीधा फायदा
अस्पताल प्रशासन के अनुसार, सड़क दुर्घटना, हार्ट अटैक, ब्रेन स्ट्रोक, गंभीर चोट, प्रसव संबंधी जटिलता और अन्य आपात स्थितियों में अब मरीजों को एक ही स्थान पर विशेषज्ञ इलाज मिलेगा. इससे न सिर्फ समय की बचत होगी, बल्कि मरीजों की जान बचाने की संभावनाएं भी बढ़ेंगी.
24×7 अलर्ट मोड में रहेगा इमरजेंसी विभाग
नई व्यवस्था के तहत इमरजेंसी विभाग को 24 घंटे अलर्ट मोड में रखा जाएगा. डॉक्टरों के साथ-साथ नर्सिंग स्टाफ, टेक्नीशियन और सपोर्ट स्टाफ की भी शिफ्टवार तैनाती सुनिश्चित की जा रही है. इसके अलावा, जरूरी दवाएं, ऑक्सीजन सपोर्ट, ट्रॉमा केयर और प्राथमिक जांच सुविधाओं को भी मजबूत किया गया है.
रेफरल सिस्टम पर पड़ेगा असर
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले से रांची सदर अस्पताल पर निर्भर आसपास के जिलों के मरीजों को भी लाभ मिलेगा. पहले जिन मरीजों को बड़े निजी अस्पतालों या रिम्स रेफर करना पड़ता था, उनमें से कई का इलाज अब यहीं संभव हो सकेगा. इससे सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था पर लोगों का भरोसा और मजबूत होगा.
प्रशासन का दावा
अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि यह कदम आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की दिशा में बड़ा कदम है. आने वाले दिनों में इमरजेंसी विभाग में और भी आधुनिक उपकरणों की व्यवस्था की जाएगी, ताकि मरीजों को किसी भी स्थिति में त्वरित और गुणवत्तापूर्ण इलाज मिल सके. मल्टी-स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की तैनाती के बाद रांची सदर अस्पताल का आपातकालीन विभाग अब ज्यादा सक्षम, तेज और भरोसेमंद बनकर उभरेगा—जिसका सीधा फायदा आम मरीजों को मिलेगा
डॉ. विमलेश कुमार सिंह ने कहा, “सड़क दुर्घटना, ब्रेन स्ट्रोक, फ्रैक्चर और अन्य गंभीर आपात स्थितियों में आने वाले मरीजों को अब इमरजेंसी में ही तुरंत विशेषज्ञ इलाज मिल सकेगा. पहले अवकाश के दिनों या रात के समय केवल फिजिशियन उपलब्ध रहते थे, जिससे या तो मरीजों को रिम्स रेफर करना पड़ता था या फिर ऑन-कॉल डॉक्टर बुलाने में काफी समय लग जाता था.”
नई व्यवस्था के तहत जैसे ही कोई मरीज आपात स्थिति में सदर अस्पताल पहुंचेगा, उसकी समस्या के अनुसार संबंधित विशेषज्ञ डॉक्टर तुरंत इलाज शुरू कर देंगे. इससे मरीजों को बेहतर और तेज इलाज मिलने के साथ-साथ समय की बचत भी होगी.
मरीजों को मिलेगा बड़ा लाभ
यह नई सेवा उन सभी मरीजों के लिए बड़ी राहत साबित होगी जो आपातकाल में सदर अस्पताल पहुंचते हैं. अब उन्हें बेहतर इलाज के लिए दूसरी जगह जाने या लंबा इंतजार करने की जरूरत नहीं पड़ेगी. सदर अस्पताल प्रबंधन का दावा है कि इस व्यवस्था से इमरजेंसी सेवाओं की गुणवत्ता में काफी सुधार आएगा और राजधानी के मरीजों को उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधा अपने नजदीकी अस्पताल में ही उपलब्ध हो सकेगी.







