Breaking News: झारखंड-छत्तीसगढ़ बॉर्डर पर भीषण सड़क हादसा, 5 की मौत और 37 घायल
Simdega: झारखंड के सिमडेगा से छत्तीसगढ़ के कुनकुरी जा रही एक यात्री बस के पलट जाने से पांच लोगों की दर्दनाक मौत हो गई. वहीं 17 से ज्यादा घायल हो गए. घायलों में से चार की हालत गंभीर है और उन्हें बेहतर इलाज के लिए अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है.
दरअसल, अनमोल बस (CG 14G 0263) शुक्रवार सुबह सिमडेगा के कुरडेग से छत्तीसगढ़ के कुनकुरी जा रही थी. बस में दो दर्जन से ज्यादा यात्री सवार थे. सुबह करीब 9:45 बजे, जशपुर जिले के करडेगा चौकी इलाके में गोड़ाअंबा गांव के पास ढलान के दौरान बस के ब्रेक अचानक फेल हो गए.
लोगों के अनुसार, बस में सवार एक यात्री ने ड्राइवर से रुकने को कहा, लेकिन कंडक्टर चिल्लाया, "ब्रेक फेल हो गए हैं." इससे बस में अफरा-तफरी मच गई. कुछ ही देर बाद, बेकाबू बस सड़क किनारे सुरेंद्र साय के निर्माणाधीन प्रधानमंत्री आवास से टकरा कर पलट गई.
हादसे से मौके पर अफरा-तफरी मच गई. आस-पास के ग्रामीण तुरंत मदद के लिए आगे आए. गोड़ाअंबा गांव के रहने वाले दिगंबर यादव ने सबसे पहले राहत का काम शुरू किया. उन्होंने सरपंच पति शिवशंकर साय, उपसरपंच दशरथ प्रसाद यादव और प्रभाशंकर यादव के साथ मिलकर प्रशासन को सूचना दी और घायलों को निकालने में मदद की. बाद में जेसीबी की मदद से पलटी हुई बस को उठाया गया और फंसे हुए यात्रियों को निकाला गया.
घटना की जानकारी मिलने पर प्रशासन ने तीन एंबुलेंस मौके पर भेजीं. घायलों को तुरंत कुनकुरी अस्पताल और दूसरे अस्पतालों में भर्ती कराया गया. सुबह करीब 11 बजे एसडीएम नंदजी पांडे, एसडीपीओ विनोद मंडावी पुलिस और प्रशासन की टीमों के साथ मौके पर पहुंचे और बचाव का काम शुरू किया. प्रशासन की गाड़ियों ने भी घायलों को अस्पताल पहुंचाया.
कुनकुरी ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर डॉ. के. कुजूर ने बताया कि हादसे में पांच लोगों की मौत हो गई. मरने वालों में पति-पत्नी और पिता-पुत्र शामिल हैं. मरने वालों की पहचान मकरीबंधा के रहने वाले महेश राम (45) और उनकी पत्नी बिमला (42), सिमडेगा की रहने वाली संपति देवी (52), ढोढ़ी के रहने वाले डिगेश्वर (40) और उनके पांच महीने के बेटे घनश्याम के तौर पर हुई है.
हादसे की जानकारी मिलने के बाद छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पत्नी कौशल्या देवी साय भी कुनकुरी हॉस्पिटल पहुंचीं. उन्होंने घायलों से मुलाकात की, उनका हालचाल पूछा और डॉक्टरों को उन्हें बेहतर इलाज और आवश्यक सुविधाएं देने के निर्देश दिए. फिलहाल, प्रशासन और पुलिस घटना की जांच कर रही है.







