सारंडा जंगल में फिर गूंजी गोलियां: सुरक्षाबलों से मुठभेड़ के बाद भी भाग निकला 1 करोड़ का इनामी मिसिर बेसरा
जानकारी के अनुसार यह मुठभेड़ वेस्ट सिंहभूम डिस्ट्रिक्ट के जरायकेला थाना क्षेत्र के कोलभोंगा और मारंगापोंगा गांवों के बीच हुई। दोनों ओर से लगातार गोलियां चलीं, जिससे पूरा इलाका दहशत में आ गया। मुठभेड़ में कई नक्सलियों के घायल होने की आशंका जताई जा रही है, हालांकि अब तक किसी शव या घायल नक्सली की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
मिसिर बेसरा फिर भाग निकला
सुरक्षाबलों के मुताबिक इस ऑपरेशन का मुख्य लक्ष्य एक करोड़ के इनामी नक्सली कमांडर मिसिर बेसरा था। हालांकि मुठभेड़ के दौरान वह अपने दस्ते के साथ जंगल का फायदा उठाकर फरार होने में कामयाब रहा।
बताया जाता है कि हाल के महीनों में सुरक्षाबलों ने कई बार उसके खिलाफ अभियान चलाया है, लेकिन हर बार वह बच निकलने में सफल रहा है।
पहले भी मारा जा चुका है बड़ा नक्सली
गौरतलब है कि इसी इलाके में 22 जनवरी को सुरक्षाबलों ने 3.35 लाख के इनामी नक्सली Pratiram Majhi उर्फ अनल दा को मार गिराया था। इसके बाद से ही मिसिर बेसरा और उसके सहयोगी असीम मंडल के खिलाफ अभियान और तेज कर दिया गया है।
‘अंतिम लड़ाई’ के तौर पर देखा जा रहा ऑपरेशन
केंद्र सरकार द्वारा नक्सलियों के खात्मे के लिए 31 मार्च तक का लक्ष्य तय किए जाने के बाद सुरक्षा बलों ने अभियान को और तेज कर दिया है। सारंडा के जंगलों में करीब चार हजार जवानों की तैनाती के साथ बड़े स्तर पर ऑपरेशन चलाया जा रहा है।
गोलियों की आवाज से सहमे ग्रामीण
मुठभेड़ के दौरान गोलियों की लगातार तड़तड़ाहट से आसपास के गांवों में दहशत फैल गई। ग्रामीणों ने बताया कि सुबह अचानक जोरदार फायरिंग की आवाजें आने लगीं, जिसके बाद लोग डर के कारण अपने-अपने घरों में ही दुबक गए।
जंगल में बिछे हैं आईईडी
सुरक्षाबलों के सामने सबसे बड़ी चुनौती जंगल में बिछाए गए आईईडी बम हैं। नक्सलियों ने कई जगह विस्फोटक लगाकर सुरक्षाबलों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की है। इसी वजह से सर्च ऑपरेशन बेहद सावधानी के साथ चलाया जा रहा है।
फिलहाल मुठभेड़ के बाद पूरे इलाके में सर्च ऑपरेशन जारी है और सुरक्षाबल नक्सलियों के ठिकानों की तलाश में जंगल के भीतर गहराई तक अभियान चला रहे हैं।







