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Champai Soren का हेमंत सरकार पर बड़ा हमला! बोले- ‘ऊपर से नीचे तक बिका है पूरा सिस्टम’

Saraikela: उन्होंने अपने बयान में डॉ. राम मनोहर लोहिया के कथन “जब सड़कें खामोश हो जाती हैं, तो सदन आवारा हो जाती है” का उल्लेख करते हुए मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों पर सरकार को घेरा.
 
JHARKHAND

Saraikela: झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और सरायकेला विधायक चंपाई सोरेन ने JPSC-JSSC भर्ती परीक्षाओं को लेकर चल रहे विवाद के बीच हेमंत सरकार पर तीखा हमला बोला है। सोशल मीडिया पर जारी बयान में उन्होंने झारखंड सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि दूसरे राज्यों में पेपर लीक होता होगा, लेकिन झारखंड में “ऊपर से नीचे तक पूरा सिस्टम ही बिका हुआ है।”

'हम तो आपके सामने हैं...', हेमंत से बगावत के सवाल पर बोले पूर्व सीएम चंपई  सोरेन

चंपाई सोरेन ने सरकार पर युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया और पूरे मामले की जांच CBI से कराने की मांग दोहराई।

‘राज्य सरकार की एजेंसियों पर कैसे भरोसा करें?’

पूर्व मुख्यमंत्री ने अपने बयान में आरोप लगाया कि सत्ता के संरक्षण में युवाओं का भविष्य बेचने वाले लोगों ने CID के जरिए हाईकोर्ट तक को गुमराह किया है। उन्होंने सवाल उठाया कि ऐसी स्थिति में राज्य सरकार की जांच एजेंसियों पर भरोसा कैसे किया जा सकता है।

चंपाई सोरेन ने कहा कि अब कथित तौर पर अपराधी खुद पेपर लीक करने की बात स्वीकार कर रहे हैं, इसके बावजूद सरकार इसे नकार रही है। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की सच्चाई सामने लाने के लिए CBI जांच जरूरी है।

‘CBI जांच की आंच सत्ता के शीर्ष तक जाने का डर’

चंपाई सोरेन ने आरोप लगाया कि CBI जांच से सरकार इसलिए पीछे हट रही है क्योंकि इसकी आंच सत्ता के शीर्ष तक पहुंचने का डर है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय एजेंसी ही इस पूरे मामले की वास्तविकता सामने ला सकती है।

हालांकि, ये आरोप चंपाई सोरेन की ओर से लगाए गए हैं। सरकार की ओर से इन आरोपों पर प्रतिक्रिया मिलने पर खबर को अपडेट किया जा सकता है।

छात्र आंदोलन पर भी सरकार को घेरा

JPSC-JSSC विवाद को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन का जिक्र करते हुए चंपाई सोरेन ने सरकार की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जब न्याय की मांग करने पर युवाओं को लाठी मिलती है और राज्य का युवा निराश होकर आंदोलन करने को मजबूर होता है, तब जनता का सड़कों पर उतरना स्वाभाविक है।

उन्होंने अपने बयान में डॉ. राम मनोहर लोहिया के कथन “जब सड़कें खामोश हो जाती हैं, तो सदन आवारा हो जाती है” का उल्लेख करते हुए मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों पर सरकार को घेरा।

‘जनता को सड़कों पर आना ही पड़ता है’

चंपाई सोरेन ने आरोप लगाया कि विपक्ष को बदनाम करने के लिए झूठे आरोपों का इस्तेमाल करना एक परंपरा बन गई है और सत्ता में तानाशाही का रवैया दिखाई दे रहा है।

उन्होंने कहा कि जब युवाओं को न्याय नहीं मिलता, आंदोलनकारियों पर कार्रवाई होती है और सरकार उनकी आवाज सुनने के बजाय दमन का रास्ता अपनाती है, तो ऐसे में जनता को अपने अधिकारों के लिए सड़कों पर उतरना पड़ता है।

JPSC-JSSC विवाद पर बढ़ी सियासी बयानबाजी

गौरतलब है कि JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं को लेकर झारखंड में छात्र आंदोलन लगातार जारी है। परीक्षा में कथित अनियमितता, पेपर लीक और भर्ती प्रक्रिया में सुधार समेत कई मुद्दों को लेकर अभ्यर्थी आंदोलन कर रहे हैं।

विधानसभा घेराव के दौरान छात्रों और पुलिस के बीच हुए टकराव के बाद यह मुद्दा और गरमा गया है। विपक्षी दल सरकार पर लगातार हमलावर हैं और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। अब चंपाई सोरेन के ताजा बयान के बाद JPSC-JSSC विवाद को लेकर झारखंड की सियासत और गरमाने के आसार हैं।