झारखंड में बच्चा चोर अफवाह गंभीर हिंसात्मक रूप लेता जा रहा, बच्चा चोर समझ कर मारपीट किए जाने पर धनबाद SSP ने जारी की सख्त चेतावनी
Dhanbad: कोयलांचल समेत आसपास के जिलों में इन दिनों बच्चा चोर की अफवाहों ने लोगों के बीच भय और भ्रम का माहौल बना दिया है. सोशल मीडिया पर वायरल संदेशों और गलत सूचनाओं के आधार पर कई जगहों पर निर्दोष लोगों को 'बच्चा चोर' बताकर भीड़ द्वारा मारपीट किए जाने की घटनाएं सामने आई हैं. खास बात यह है कि इन मामलों में अधिकतर राहगीर, मजदूर, भिक्षुक या मानसिक रूप से अस्वस्थ व्यक्ति निशाना बने हैं. हालात को गंभीरता से लेते हुए पुलिस प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है.
एसएसपी प्रभात कुमार की स्पष्ट चेतावनी
वरीय पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार ने साफ कहा है कि अफवाहों के आधार पर किसी को अपराधी ठहराना और उसके साथ हिंसा करना खुद एक गंभीर अपराध है. उन्होंने नागरिकों से अपील की है कि यदि कोई व्यक्ति संदिग्ध लगे तो उसे पकड़कर मारपीट करने के बजाय तुरंत नजदीकी थाना ले जाएं या फिर डायल 112 पर सूचना दें. उन्होंने कहा कि भीड़ बनाकर कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ कड़ी धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर गिरफ्तारी की जाएगी. किसी भी हाल में भीड़तंत्र को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
सोशल मीडिया पर पुलिस की पैनी नजर
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बिना सत्यापन के बच्चा चोरी से जुड़ी कोई भी खबर, वीडियो या फोटो शेयर करना दंडनीय है. सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी. पुलिस ने लोगों से अपील की है कि यदि कोई भ्रामक या भड़काऊ पोस्ट दिखे तो उसे तुरंत पुलिस तक पहुंचाएं, ताकि समय रहते कार्रवाई हो सके.
गांव-मोहल्लों तक पहुंचा जागरुकता अभियान
अफवाहों पर रोक लगाने के लिए धनबाद पुलिस ने जिला प्रशासन के साथ मिलकर व्यापक जन-जागरूकता अभियान शुरू किया है. शिक्षा, स्वास्थ्य, समाज कल्याण और पंचायती राज विभाग सहित कई विभाग इस अभियान में सहयोग कर रहे हैं. गांव-गांव और मोहल्लों में लोगों को समझाया जा रहा है कि अफवाहों पर भरोसा न करें और किसी भी संदिग्ध परिस्थिति में सीधे पुलिस से संपर्क करें.
सामाजिक और धार्मिक संगठनों से सहयोग की अपील
एसएसपी ने स्वयंसेवी संस्थाओं, धार्मिक संगठनों, व्यापार मंडलों और शांति समितियों से भी आगे आकर समाज को जागरूक करने का आह्वान की है. उनका कहना है कि सामूहिक प्रयास से ही अफवाहों और भीड़ से हिंसा पर प्रभावी रोक लगाई जा सकती है.
अभिभावकों और बच्चों के लिए विशेष सलाह
पुलिस ने अभिभावकों से आग्रह किया है कि वे बच्चों को अजनबियों से सतर्क रहने की सीख दें. साथ ही बच्चों को यह भी बताया जाए कि किसी भी संदिग्ध स्थिति में तुरंत अपने परिजनों या पुलिस को सूचना दें. अंत में पुलिस प्रशासन ने दोहराया है कि अफवाह के नाम पर हिंसा किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी. शांति, संयम और जागरूकता ही ऐसे हालात से निपटने का सबसे प्रभावी उपाय है.







