Newshaat_Logo

राहुल गांधी के बयान से गरमाई राजनीति, आदित्य साहू बोले- गरीबों से नफरत करती है कांग्रेस

Ranchi: आदित्य साहू ने कहा कि राहुल गांधी, कांग्रेस और तमाम विपक्षी पार्टियों को गरीब नाम से ही नफरत है. इन्हें गरीब नाम ही पसंद नहीं है. कोई गरीब देश के सर्वोच्च कुर्सी पर बैठे, यह इन्हें बर्दाश्त नहीं हो रहा है. यह राज घराने के लोग हैं, सोने-चांदी के चम्मच में खाने वाले लोगों को भला गरीब लोग कैसे पसंद आ सकते हैं?
 
JHARKHAND

Ranchi: कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर विवादित बयान देने पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी द्वारा प्रधानमंत्री पर कई गई अपमानजनक भाषा बेहद ही दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है. उन्होंने कहा कि यह बयान कांग्रेस की उस मानसिकता को दर्शाता है, जो एक साधारण परिवार से निकलकर देश की सेवा में समर्पित नेतृत्व को स्वीकार नहीं कर पा रही है.

आदित्य साहू होंगे झारखंड BJP के नए अध्यक्ष, आज होगी औपचारिक घोषणा |  Jharkhand BJP Aditya Sahu Set to Be New State President After Nomination

आदित्य साहू ने कहा कि राहुल गांधी, कांग्रेस और तमाम विपक्षी पार्टियों को गरीब नाम से ही नफरत है. इन्हें गरीब नाम ही पसंद नहीं है. कोई गरीब देश के सर्वोच्च कुर्सी पर बैठे, यह इन्हें बर्दाश्त नहीं हो रहा है. यह राज घराने के लोग हैं, सोने-चांदी के चम्मच में खाने वाले लोगों को भला गरीब लोग कैसे पसंद आ सकते हैं? जब कभी कोई गरीब व्यक्ति ऊंचा पायदान चढ़ता है तो इन्हें नागवार गुजरता है.

उन्होंने कहा कि इनके पूर्वज जवाहर लाल नेहरू हो, इंदिरा गांधी हो, राजीव गांधी हो या फिर इनके द्वारा जो भी प्रधानमंत्री बनाए गए हैं, सभी इनके इशारे पर नाचते रहे हैं. नरेंद्र मोदी ने इस परिपाटी को ही बदल दिया है. पिछले 12 वर्षों में प्रधानमंत्री मोदी ने गांव, गरीब, किसान, मजदूर, शोषित और वंचित वर्ग के कल्याण के लिए ऐतिहासिक कार्य किए हैं. यही कारण है कि देश की 140 करोड़ जनता नरेंद्र मोदी एवं भाजपा को पसंद भी करती है और झोली भर भर के आशीर्वाद भी देती है. जब से नरेंद्र मोदी पीएम बने हैं एक सेवक के रूप में उन्होंने अपना जीवन समर्पित किया है.

Was not allowed to speak in House': LoP Rahul Gandhi questions Lok Sabha  Speaker Om Birla | Mathrubhumi English

आदित्य साहू ने कहा कि यह पहली बार नहीं है जब कांग्रेस ने अपनी नकारात्मक और अमर्यादित राजनीति का परिचय दिया है, इसके पहले भी कई बार जब भी राहुल गांधी, कांग्रेस या विपक्षी दलों को मौका मिला है, इन्होंने प्रधानमंत्री को गालियां बककर अपमानित करने का काम किया है. राहुल गांधी विदेशों में जाकर भी देशवासियों को लगातार अपमानित और बदनाम करने का काम करते रहे हैं. कांग्रेस और विपक्ष जितना प्रधानमंत्री मोदी जी का अपमान करेंगे, जितनी भी गालियां देंगे, जनता उतनी ही मजबूती से उनके साथ खड़ी रहेगी और ऐसे अहंकारी नेताओं को लोकतांत्रिक तरीके से लगातार नकारती रहेगी.

कांग्रेस का पलटवार

वहीं कांग्रेस के प्रदेश मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा ने कहा कि जब-जब देश की जनता महंगाई, आर्थिक बदहाली और बेराजगारी पर जाता है तो मूल मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए भाजपा के नेता ऐसे अनर्गल बातें करने लगते हैं. राकेश सिन्हा ने कहा कि लोकतंत्र में जनता के मुद्दों पर सरकार और पीएम मोदी की आलोचना स्वभाविक है. जब-जब केंद्र सरकार की आलोचना होती है, तब- तब भाजपा के नेता मूल मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए अनर्गल प्रलाप करने लगते हैं.

राकेश सिन्हा ने कहा कि भाजपा और उसके नेताओं की सबसे बड़ी समस्या यह है कि वे लोकतंत्र में सवाल पूछने को भी अपराध मानने लगे हैं. भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू पहले यह बताएं कि देश की जनता महंगाई, बेरोजगारी, किसानों की बदहाली और युवाओं के भविष्य पर सवाल पूछे तो उसका जवाब कौन देगा? हर आलोचना को प्रधानमंत्री का अपमान बताकर भाजपा अपनी विफलताओं पर पर्दा नहीं डाल सकती. राहुल गांधी लगातार देश के ज्वलंत मुद्दों को उठा रहे हैं, इसलिए भाजपा घबराई हुई है, सच्चाई यह है कि भाजपा ने पिछले वर्षों में लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर किया, विपक्ष की आवाज दबाई और जनता से जुड़े मूल मुद्दों से ध्यान भटकाने की राजनीति की.

राकेश सिन्हा ने कहा कि भाजपा बार-बार प्रधानमंत्री के गरीब परिवार से आने की बात करती है, लेकिन आज गरीब सबसे ज्यादा परेशान है, रसोई गैस महंगी, पेट्रोल-डीजल महंगा, शिक्षा और स्वास्थ्य महंगे हो चुके हैं, करोड़ों युवा नौकरी की तलाश में भटक रहे हैं, अगर सरकार की नीतियों पर सवाल उठेंगे तो भाजपा उसे गाली और अपमान बताकर भावनात्मक राजनीति शुरू कर देती है. कांग्रेस स्पष्ट कहना चाहती है कि देश किसी व्यक्ति विशेष से नहीं, संविधान और जनता की ताकत से चलता है. लोकतंत्र में प्रधानमंत्री से सवाल पूछना देशद्रोह नहीं, बल्कि जनता के प्रति जिम्मेदारी है. भाजपा को आलोचना सुनने की आदत डालनी चाहिए, क्योंकि लोकतंत्र में जवाबदेही सबसे ऊपर होती है.