कांग्रेस का ‘वोट चोर गद्दी छोड़’ अभियान, BJP सरकार के खिलाफ आंदोलन की पूरी रणनीति तैयार
Jharkhand Desk: राहुल गांधी भारत की चुनावी राजनीति में सफलता के प्रतीक नहीं हैं. उनके पास संसाधन नहीं है. संगठन भी मज़बूत नहीं है. मीडिया उनके आरोपों और भाषणों को जगह नहीं देता है. राहुल गाँधी को लगता है कि विपक्ष उन्हें रोकने की कोशिश करता तो वही नेता अब यहां-वहां से मुद्दों को उठाता हुआ पब्लिक के बीच आ जाता है. वहीं, अब जो मुद्दा राहुल और उनके पार्टी के नेता लगातार उठा रहे हैं वो है 'वोट चोरी' का आरोप. कुछ दिनों पहले ही कांग्रेस की ‘वोटर अधिकार यात्रा' मुंगेर में हुआ था. जिसमें रैली को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने बीजेपी पर आरोप लगते हुए कहा था कि ‘वोट चोरी' संविधान पर हमला है. जिसके बाद ये मामला सुप्रीम कोर्ट तक गया था.

वहीं, बार बार कांग्रेस वोट चोरी के मुद्दे को छोड़ना नहीं चाहती और पार्टी की पूरी कोशिश है कि इस मुद्दे से जन-जन को जोड़ा जाए. इसी लक्ष्य के साथ कांग्रेस ने राष्ट्रव्यापी "वोट चोर-गद्दी छोड़" हस्ताक्षर अभियान 15 सितंबर से 15 अक्तूबर 2025 तक चला रखा है. केंद्रीय नेतृत्व ने झारखंड प्रदेश कांग्रेस को इस हस्ताक्षर अभियान में कम से कम 25 लाख लोगों के हस्ताक्षर लेकर AICC को भेजने का टास्क दिया है, लेकिन अभियान के 17 दिन में राज्य के ज्यादातर इलाकों में अभी तक "वोट चोर-गद्दी छोड़ हस्ताक्षर अभियान" रफ्तार पकड़ती नहीं दिख रही है.

ऐसे में अब झारखंड कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने राज्य के प्रदेश स्तरीय नेताओं से इस अभियान में सक्रिय भूमिका निभाने और बैनर-झंडे के साथ घर-घर जाकर "वोट चोरी" के मुद्दे से आम जन को अवगत कराने और लोकतंत्र के लिए वोट चोरी कैसे बड़ा खतरा है इसको लेकर जागरुकता लाने के लिए सभी कांग्रेसियों को सक्रिय होने का निर्देश दिया है.
झारखंड कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने बताया कि अब झारखंड में यह अभियान जोर-शोर से चलता हुआ दिखाई देगा. उन्होंने बताया कि पंचायत और वार्ड स्तर से लेकर प्रखंड, मंडल, जिला और प्रदेश स्तर के सभी पार्टी पदाधिकारियों को यह निर्देश दिया गया है कि वे सभी "वोट चोर-गद्दी छोड़ हस्ताक्षर अभियान को जोर-शोर से चलाएं".
झारखंड प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने कहा कि राज्य में हस्ताक्षर अभियान को रफ्तार देने के लिए आज शाम वह कांग्रेसियों के साथ ऑनलाइन मीटिंग करेंगे. उन्होंने बताया कि अभियान को सफल बनाने की रणनीति बनाने के लिए 05 अक्टूबर को रांची के सर्किट हाउस में भी एक बैठक होगी. उन्होंने कहा कि न्याय योद्धा के रूप में उनके नेता राहुल गांधी ने लोकतंत्र को बचाने के लिए जो अभियान शुरू किया है, उसे हमसब मिलकर घर-घर तक ले जाएंगे और कम से कम 30 से 40 लाख लोगों का हस्ताक्षर कराकर AICC को भेजेंगे.







