8 साल की बच्ची से दुष्कर्म मामले में आरोपी को उम्रकैद, कोर्ट ने लगाया ₹1 लाख जुर्माना
Bihar news: उत्तराखंड के हरिद्वार में आठ वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म के मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट ने आरोपी को कड़ी सजा सुनाई है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (फास्ट ट्रैक कोर्ट) लक्ष्मण सिंह ने आरोपी दयानंद को दोषी ठहराते हुए आजीवन कठोर कारावास और एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। साथ ही पीड़िता के पुनर्वास के लिए 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का भी आदेश दिया गया है।
गन्ने के खेत में हुई थी वारदात
शासकीय अधिवक्ता आदेश चौहान के अनुसार, घटना 1 मार्च 2025 की है। पथरी क्षेत्र में एक दंपति खेत में मजदूरी कर रहा था। इसी दौरान उनकी आठ वर्षीय बेटी घर के पास खेल रही थी। बच्ची की मां ने उसे पास के मुर्गा फार्म से मुर्गा लाने के लिए भेजा था, लेकिन काफी देर तक वापस नहीं लौटने पर परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की।
तलाश के दौरान बच्ची के पिता गन्ने के खेत में पहुंचे, जहां उन्होंने आरोपी दयानंद को कथित रूप से बच्ची के साथ दुष्कर्म करते हुए देखा। पिता के शोर मचाने पर आरोपी मौके से भागने की कोशिश करने लगा।
पॉक्सो एक्ट के तहत दर्ज हुआ था मामला
घटना के बाद पीड़िता के पिता की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी दयानंद, जो मूल रूप से बिहार के मधेपुरा जिले के ग्वालपारा का रहने वाला है, के खिलाफ दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट की धाराओं में मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
पीड़िता को 10 लाख रुपये मुआवजे का आदेश
मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए आजीवन कठोर कारावास की सजा सुनाई। इसके अलावा अदालत ने पीड़िता को मानसिक, सामाजिक और शारीरिक क्षति की भरपाई के लिए 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का निर्देश दिया। आदेश के मुताबिक, 5 लाख रुपये की फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) कराई जाएगी, जबकि शेष 5 लाख रुपये नकद पीड़िता को दिए जाएंगे।
फास्ट ट्रैक कोर्ट के इस फैसले को बच्चों के खिलाफ अपराधों पर सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है।







