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झारखंड राज्यसभा चुनाव में INDIA गठबंधन को माले का समर्थन, दीपांकर बोले- BJP की रणनीति होगी नाकाम

 
झारखंड राज्यसभा चुनाव में INDIA गठबंधन को माले का समर्थन, दीपांकर बोले- BJP की रणनीति होगी नाकाम
Ranchi, Jharkhand News: झारखंड राज्यसभा चुनाव से पहले INDIA गठबंधन को बड़ा राजनीतिक समर्थन मिला है। भाकपा (माले) लिबरेशन के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने स्पष्ट कर दिया है कि उनकी पार्टी के दोनों विधायक राज्यसभा चुनाव में INDIA गठबंधन के उम्मीदवारों के पक्ष में मतदान करेंगे। उन्होंने दावा किया कि भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार को जिताने की कोशिश सफल नहीं होगी।

रविवार को मीडिया से बातचीत में दीपांकर भट्टाचार्य ने कहा कि पार्टी ने अपने दोनों विधायकों को गठबंधन के पक्ष में मतदान करने का निर्देश दिया है। चुनाव प्रक्रिया के लिए दो पोलिंग एजेंट भी नियुक्त किए जा चुके हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि विधानसभा में मौजूदा संख्या बल को देखते हुए भाजपा की रणनीति कामयाब नहीं होगी।

भट्टाचार्य ने कहा कि यदि विपक्षी खेमे में क्रॉस वोटिंग नहीं होती है तो भाजपा के पास अपने समर्थित उम्मीदवार को जिताने के लिए आवश्यक संख्या नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा निर्दलीय उम्मीदवार के जरिए राजनीतिक समीकरण बदलने की कोशिश कर रही है, लेकिन विधायक इस प्रयास को सफल नहीं होने देंगे।

राज्यसभा चुनाव के बहाने उन्होंने केंद्र सरकार और चुनावी व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि देश में लोकतांत्रिक संस्थाओं पर लगातार दबाव बढ़ रहा है और चुनावी प्रक्रिया को लेकर भी कई गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि चुनाव प्रणाली की निष्पक्षता को लेकर जनता के बीच चिंता बढ़ी है।

झारखंड की दो राज्यसभा सीटों के लिए मुकाबला दिलचस्प हो गया है। सत्तारूढ़ गठबंधन की ओर से झारखंड मुक्ति मोर्चा ने बैद्यनाथ राम को उम्मीदवार बनाया है, जबकि कांग्रेस ने प्रणव झा को मैदान में उतारा है। दूसरी ओर भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नथवानी भी चुनावी दौड़ में शामिल हैं।

विधानसभा के मौजूदा गणित पर नजर डालें तो INDIA गठबंधन के पास कुल 56 विधायक हैं। इनमें झामुमो के 34, कांग्रेस के 16, राजद के 4 और भाकपा (माले) लिबरेशन के 2 विधायक शामिल हैं। वहीं भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए के पास 24 विधायक हैं। ऐसे में चुनावी परिणाम काफी हद तक दलों की एकजुटता और संभावित क्रॉस वोटिंग पर निर्भर करेगा।

18 जून को होने वाले मतदान और मतगणना पर अब राजनीतिक दलों की नजरें टिकी हैं। माले के समर्थन के बाद INDIA गठबंधन का दावा और मजबूत हुआ है, जबकि भाजपा समर्थित खेमे के लिए चुनौती बढ़ती दिखाई दे रही है।