‘DC सर, पुल बनवा दीजिए’... मासूमों की पुकार, पलामू में बाढ़ बनी बड़ी मुसीबत
Palamu: झारखंड के पलामू जिले के बिश्रामपुर प्रखंड की घासीदास पंचायत में बारिश के बाद ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। पंचायत के जानकीनगर और हथगड़वा गांव के आसपास बहने वाली धुरिया और जमुनदाहा नदियां उफान पर हैं। दोनों गांवों में पुल नहीं होने के कारण ग्रामीणों का आवागमन प्रभावित हो गया है।

हालात का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बुधवार को जानकीनगर निवासी राकेश कुमार की तबीयत खराब होने के बाद ग्रामीण उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन नदी की तेज धार के कारण वे उसे पार नहीं करा सके। इसके बाद गांव में ही डॉक्टर बुलाकर राकेश का इलाज कराया जा रहा है।
मासूम बच्चों ने DC से लगाई पुल बनवाने की गुहार
बाढ़ जैसे हालात के बीच जानकीनगर और हथगड़वा गांव के मासूम बच्चों ने अब पलामू के उपायुक्त (DC) से पुल बनवाने की गुहार लगाई है। बच्चों का कहना है कि पुल नहीं होने के कारण बारिश के मौसम में उन्हें पढ़ाई के लिए स्कूल जाने में काफी परेशानी होती है।
दोनों गांव के बच्चों को नौवीं और दसवीं की पढ़ाई के लिए पांडू प्रखंड के कजरू गांव जाना पड़ता है। स्कूल पहुंचने के लिए बच्चों को करीब पांच किलोमीटर पैदल सफर करना पड़ता है और इस दौरान उन्हें नदी पार करनी पड़ती है।
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30-40 बच्चों की पढ़ाई प्रभावित
ग्रामीणों के मुताबिक, पुल नहीं होने की वजह से करीब 30 से 40 बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। बारिश के दौरान नदी का जलस्तर बढ़ने पर बच्चे स्कूल जाने से मजबूरन रुक जाते हैं। जानकीनगर और हथगड़वा गांव में करीब 100 घरों की आबादी है। यहां बड़ी संख्या में अनुसूचित जाति के परिवार रहते हैं, जबकि कुछ आदिवासी परिवार भी गांव में निवास करते हैं।
बरसात में गांव हो जाता है दूसरे इलाकों से कट
जानकीनगर निवासी अमित कुमार ने बताया कि बरसात के दिनों में नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद गांव का दूसरे इलाकों से संपर्क लगभग कट जाता है। ग्रामीणों को जरूरी काम के लिए भी काफी परेशानी उठानी पड़ती है।
उन्होंने बताया कि गांव के कुछ स्कूली बच्चे शिक्षक प्रशिक्षण का कोर्स भी कर रहे हैं, लेकिन बारिश के दौरान नदी पार करना मुश्किल होने के कारण वे अपनी पढ़ाई के लिए बाहर नहीं जा पाते।
ग्रामीण लंबे समय से नदी पर पुल बनाने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि पुल बनने से बच्चों की पढ़ाई के साथ-साथ मरीजों को अस्पताल पहुंचाने और रोजमर्रा के कामों के लिए आवागमन में बड़ी राहत मिलेगी।
पंचायत स्तर से कई बार भेजे जा चुके हैं पत्र
घासीदास पंचायत की मुखिया अंजू देवी ने बताया कि पुल निर्माण की मांग को लेकर कई स्तर पर पत्र भेजे गए हैं और अधिकारियों से लगातार गुहार लगाई गई है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि प्रशासन इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए जल्द कोई स्थायी समाधान निकालेगा।
2025 में भी सामने आया था पुल का मुद्दा
घासीदास पंचायत में पुल की समस्या पहले भी सामने आ चुकी है। 2025 में राजखाड़ गांव का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसके बाद इस समस्या को प्रमुखता से उठाया गया था। उस मामले में पलामू DC ने तत्काल संज्ञान लेते हुए DMFT फंड से राजखाड़ में पुल निर्माण की घोषणा की थी।
अब जानकीनगर और हथगड़वा के ग्रामीणों को भी उम्मीद है कि प्रशासन उनकी वर्षों पुरानी मांग पर जल्द कार्रवाई करेगा और नदी पर पुल का निर्माण कराया जाएगा, ताकि बरसात में बच्चों की पढ़ाई और मरीजों के इलाज जैसी जरूरी सेवाएं बाधित न हों।







