रांची में एथलेटिक्स चैंपियनशिप की धमाकेदार शुरुआत, दीपक भट्ट ने गोल्ड मेडल पर जमाया कब्जा
Ranchi: राजधानी रांची के मोरहाबादी स्थित बिरसा मुंडा एथलेटिक्स स्टेडियम में शुक्रवार सुबह से 29वीं राष्ट्रीय सीनियर एथलेटिक्स फेडरेशन प्रतियोगिता का भव्य आगाज हो गया. सुबह 10 बजे तक हुए पहले सत्र में ही देश के कई दिग्गज और अंतरराष्ट्रीय स्तर के एथलीट ट्रैक और फील्ड पर नजर आए.
खिलाड़ियों के दमदार प्रदर्शन और दर्शकों के उत्साह ने पहले दिन से ही प्रतियोगिता का माहौल हाई-वोल्टेज बना दिया है. चार दिनों तक चलने वाली इस प्रतियोगिता को भारतीय एथलेटिक्स का सबसे बड़ा घरेलू आयोजन माना जा रहा है, जिसमें 62 अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं.

प्रतियोगिता के शुरुआती सत्र में पुरुष 100 मीटर और 400 मीटर की शुरुआती हीट्स आयोजित की गईं. इसके साथ ही डेकाथलॉन, लॉन्ग जंप और अन्य फील्ड इवेंट्स में भी मुकाबले शुरू हुए. सुबह का मौसम खिलाड़ियों के लिए अनुकूल रहा, जिसका असर प्रदर्शन में भी देखने को मिला. कॉमनवेल्थ गेम्स ब्रॉन्ज मेडलिस्ट तेजस्विन शंकर डेकाथलॉन स्पर्धा में पूरे आत्मविश्वास के साथ मैदान में उतरे. तेजस्विन ने प्रतियोगिता से पहले कहा था कि रांची का मौसम खिलाड़ियों की रिकवरी और प्रदर्शन के लिए काफी बेहतर है और पहले सत्र में उसका असर साफ नजर आया.

पहले दिन पुरुष 10 हजार मीटर दौड़ में उत्तराखंड के दीपक भट्ट ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया. जीत के बाद दीपक भट्ट ने ट्रैक पर खुशी जाहिर करते हुए जश्न मनाया. लंबी दूरी की इस चुनौतीपूर्ण दौड़ में उन्होंने शुरुआत से ही शानदार लय बनाए रखी और अंतिम चरण में बढ़त बनाते हुए मुकाबला अपने नाम कर लिया. दर्शकों ने भी तालियों के साथ उनके प्रदर्शन का स्वागत किया.
जीत के बाद दीपक भट्ट ने कहा, रांची का मौसम और ट्रैक दोनों ही शानदार हैं. मैंने शुरुआत से अपनी लय बनाए रखी और आखिरी लैप में पूरी ताकत झोंक दी. राष्ट्रीय स्तर पर यह जीत मेरे आत्मविश्वास को और मजबूत करेगी.

भारतीय स्प्रिंट स्टार और राष्ट्रीय रिकॉर्ड धारक अनिमेष कुजूर भी पहले दिन ट्रैक पर उतरे. पुरुष 100 मीटर हीट्स में जैसे ही कुजूर मैदान में पहुंचे, स्टेडियम में मौजूद दर्शकों का उत्साह बढ़ गया. कुजूर का मुख्य फोकस इस प्रतियोगिता में 200 मीटर स्पर्धा पर है, लेकिन 100 मीटर में भी उनके प्रदर्शन पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं. खिलाड़ियों के बीच कॉमनवेल्थ गेम्स क्वालिफिकेशन को लेकर जबरदस्त प्रतिस्पर्धा देखने को मिल रही है.

इस बार की प्रतियोगिता कई मायनों में ऐतिहासिक मानी जा रही है. पहली बार एक ही मंच पर 62 अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं. इनमें 27 ओलंपियन शामिल हैं, जिन्होंने रियो 2016, टोक्यो 2020 और पेरिस 2024 ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व किया है.
इसके अलावा 28 खिलाड़ी वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप में हिस्सा ले चुके हैं. हाल ही में दक्षिण कोरिया के गुमी में आयोजित एशियन एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2025 के कई पदक विजेता भी रांची में अपनी चुनौती पेश कर रहे हैं.

प्रतियोगिता में अन्नू रानी, तेजस शिर्से, श्रीशंकर एम, तजिंदरपाल सिंह तूर, सचिन यादव, शैले सिंह और प्रवीन चित्रावेल जैसे कई बड़े नाम आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं. महिला लॉन्ग जंप, पुरुष हैमर थ्रो और डिस्कस थ्रो मुकाबलों को लेकर भी दर्शकों में खास उत्साह देखा गया. शाम के सत्र में पुरुष 100 मीटर और 400 मीटर के सेमीफाइनल मुकाबले होने हैं, जिसे लेकर खेल प्रेमियों में उत्सुकता बढ़ती जा रही है.
वहीं झारखंड एथलेटिक्स एसोसिएशन के महासचिव मधुकांत पाठक ने कहा, रांची में इतने बड़े स्तर की राष्ट्रीय प्रतियोगिता का सफल आयोजन झारखंड के लिए गर्व की बात है. देश के शीर्ष एथलीट यहां पहुंचे हैं और खिलाड़ियों के लिए विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराने की कोशिश की गई है. पहले दिन से ही प्रतियोगिता का माहौल बेहद उत्साहपूर्ण रहा.

रांची में आयोजित यह प्रतियोगिता सिर्फ राष्ट्रीय चैंपियनशिप तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए क्वालिफिकेशन हासिल करने का अंतिम बड़ा घरेलू मंच भी है. यही वजह है कि हर खिलाड़ी अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन देने की कोशिश कर रहा है. एएफआई चयन समिति की नजरें भी खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर टिकी हुई हैं. खेल प्रेमियों का मानना है कि रांची में आयोजित यह प्रतियोगिता भारतीय एथलेटिक्स के लिए एक नए दौर की शुरुआत साबित हो सकती है.







