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बुजुर्गों के लिए देवघर पुलिस की मानवीय और संवेदनशील पहल, वृद्धों के लिए 'सम्मान' कार्यक्रम की शुरुआत...

Deoghar: इस कार्यक्रम के तहत देवघर में अकेले रहने वाले बुजुर्गों और बुजुर्ग दंपतियों का पंजीकरण किया जाएगा, ताकि पुलिस उनकी सुरक्षा सुनिश्चित कर सके...
 
Deoghar

Deoghar: उम्र के आखिरी पड़ाव में कई बुजुर्ग अकेले हो जाते हैं. रोजगार और नौकरी के कारण उनके बच्चे उनसे दूर रहते हैं. ऐसे में उनकी सुरक्षा एक बड़ी समस्या बन जाती है. बुजुर्ग माता-पिता बच्चों से दूर अकेले जीवन यापन करने को मजबूर होते हैं.

ऐसे में वे कभी खुद को किसी भी कारण से असुरक्षित महसूस करते हैं तो उनकी मदद के लिए कोई नहीं आ पाता. इसी समस्या से निपटने के लिए देवघर पुलिस ने एक मानवीय और संवेदनशील पहल की है, जिसका नाम है “सम्मान” — यानी संवेदनशीलता, मदद, मार्गदर्शन और निगरानी.

इस कार्यक्रम के तहत देवघर में अकेले रहने वाले बुजुर्गों और बुजुर्ग दंपतियों का पंजीकरण किया जाएगा, ताकि पुलिस उनकी सुरक्षा सुनिश्चित कर सके. इस योजना में खासतौर पर 70 वर्ष या उससे अधिक उम्र के बुजुर्गों को प्राथमिकता दी जा रही है.
पंजीकरण कराने वाले बुजुर्गों की जानकारी पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी. पुलिस समय-समय पर उनके घरों के आसपास गश्त करेगी, हालचाल लेगी और जरूरत पड़ने पर सीधे संपर्क भी करेगी.
कार्यक्रम की शुरुआत होते ही जिले के बुजुर्गों में सुरक्षा की एक नई उम्मीद जगी है. बुजुर्गों का कहना है कि यह योजना सिर्फ एक सुरक्षा कार्यक्रम नहीं, बल्कि भरोसे और सम्मान की भावना को मजबूत करती है.
देवघर के बुजुर्ग राम किशोर सिंह बताते हैं कि कुछ दिन पहले बुजुर्गों का एक प्रतिनिधिमंडल पुलिस अधीक्षक से मिला था और सुरक्षा को लेकर चिंता जताई थी. उसी का सकारात्मक परिणाम आज “सम्मान” कार्यक्रम के रूप में सामने आया है.
वहीं 75 वर्षीय योगेंद्र झा का कहना है कि देवघर एक धार्मिक नगरी है, जहां श्रद्धालुओं के साथ-साथ असामाजिक तत्वों की आवाजाही भी रहती है. खासकर सावन और त्योहारों के दौरान ऐसे घर निशाने पर होते हैं जहां सिर्फ बुजुर्ग रहते हैं. ऐसे में पुलिस की यह पहल बेहद सराहनीय है.
देवघर पेंशनर समाज के अध्यक्ष संतोष कुमार कहते हैं कि अधिकांश बुजुर्गों के बच्चे बाहर काम करते हैं, जिससे घरों में असुरक्षा की भावना बनी रहती है. लेकिन “सम्मान” कार्यक्रम ने बुजुर्गों को मानसिक सुकून दिया है और अब वे खुद को अकेला महसूस नहीं कर रहे.
वहीं रामेश्वर सिंह का मानना है कि यह पहल अच्छी है, लेकिन 70 वर्ष से अधिक उम्र के कई बुजुर्गों तक इसकी जानकारी नहीं पहुंच पा रही है. इसके लिए पुलिस को और जागरूकता अभियान चलाने की जरूरत है, ताकि ज्यादा से ज्यादा बुजुर्ग इस योजना से जुड़ सकें.
इस पूरे कार्यक्रम को लेकर देवघर के पुलिस अधीक्षक सौरभ कुमार बताते हैं कि यह योजना पूरी तरह वरिष्ठ नागरिकों के लिए समर्पित है. फिलहाल दो बुजुर्ग इस योजना के तहत पंजीकरण करा चुके हैं और आने वाले दिनों में यह संख्या और बढ़ेगी.
एसपी सौरभ कुमार ने जिलेवासियों से अपील की है कि यदि उनके पड़ोस या परिचय में कोई ऐसे बुजुर्ग या बुजुर्ग दंपती हैं जो अकेले रहते हैं और पात्रता पूरी करते हैं, तो उन्हें इस कार्यक्रम की जानकारी दें और पंजीकरण में मदद करें.
देवघर पुलिस ने इस योजना के लिए टोल फ्री नंबर 9296913007 और 9241821642 भी जारी किए हैं, जहां संपर्क कर लोग पूरी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं.