जनगणना प्रपत्र में सरना धर्म कोड की मांग तेज, विभिन्न आदिवासी संगठनों ने आंदोलन की दी चेतावनी...
Ranchi: Jharkhand में जनगणना प्रपत्र में अलग सरना धर्म कोड शामिल करने की मांग को लेकर विभिन्न आदिवासी संगठन एक मंच पर आ गए हैं. संगठनों ने सरकार से जल्द मांगें पूरी करने की अपील करते हुए चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो राज्यव्यापी आंदोलन शुरू किया जाएगा.
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आदिवासी संगठनों का कहना है कि सरना धर्म प्रकृति पूजक आदिवासी समुदाय की अलग धार्मिक पहचान है, जिसे जनगणना में स्वतंत्र कोड के रूप में मान्यता मिलनी चाहिए. उनका आरोप है कि लंबे समय से इस मांग को नजरअंदाज किया जा रहा है, जिससे आदिवासी समाज की सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान प्रभावित हो रही है.
पूर्व मंत्री और आदिवासी नेता देव कुमार धान ने कहा कि आज हर तरफ जनजातीय समुदाय के लोगों की जमीन प्रशासनिक अधिकारियों के संरक्षण में लूटी जा रही है. ऐसे में जनजातीय समुदाय पर चौतरफा हमलों के खिलाफ संघर्ष की तैयारी करनी होगी. उन्होने कहा कि आदिवासियों की जमीन को लूट से बचाने, जनगणना 2027 के कॉलम में धर्म वाले स्थान पर सरना धर्म कोड लागू करने की मांग तेज की जाएगी.
मीडिया को संबोधित करते हुए पूर्व शिक्षा मंत्री गीताश्री उरांव ने कहा कि आदिवासियों को अपने हक के लिए लगातार संघर्ष करना पड़ रहा है. उन्होंने राज्य सरकार से विभिन्न संस्थाओं में आदिवासी धर्म कॉलम लागू करने की मांग की. उन्होंने छोटानागपुर लॉ कॉलेज के नामांकन फार्म में धर्म वाले कॉलम में आदिवासियों के लिए कोई कॉलम नहीं होने का उदाहरण देते हुए कहा कि अभी मैं वहां से यह ठीक कराकर आ रही हूं. हम सबको जागरूक रहना होगा क्योंकि हमारी पहचान से ही खिलवाड़ की तैयारी की जा रही है.
बैठक में शामिल विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने कहा कि केवल सरना धर्म कोड ही नहीं, बल्कि आदिवासी अधिकारों, जल-जंगल-जमीन की सुरक्षा और सामाजिक पहचान से जुड़े कई मुद्दों पर भी सरकार को ठोस कदम उठाने होंगे.
संगठनों ने चेतावनी दी कि यदि केंद्र सरकार और संबंधित विभागों ने जल्द निर्णय नहीं लिया तो व्यापक जनआंदोलन, धरना-प्रदर्शन और रैलियों का आयोजन किया जाएगा.
आदिवासी नेताओं ने कहा कि यह केवल धार्मिक पहचान का सवाल नहीं, बल्कि आदिवासी अस्तित्व और परंपरा से जुड़ा विषय है. आने वाले दिनों में इस मुद्दे को लेकर राज्यभर में जनजागरण अभियान भी चलाया जाएगा.







