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सांप दिखने पर बिलकुल घबराएं नहीं, सीधा स्नेक रेस्क्यूअर को दें सूचना..कोडरमा वन विभाग ने जारी की अपील...

Koderma: वन विभाग के अनुसार, अधिकांश हादसे तब होते हैं जब लोग बिना जानकारी के सांप को पकड़ने या भगाने का प्रयास करते हैं. इससे सांप के काटने का खतरा बढ़ जाता है. प्रशिक्षित स्नेक रेस्क्यूअर सुरक्षित तरीके से सांप को पकड़कर उसे प्राकृतिक आवास में छोड़ देते हैं.
 
KODERMA JHARKHAND

Koderma: मानसून के दौरान जंगलों और खेतों से निकलकर रिहायशी इलाकों में सांपों के पहुंचने की घटनाएं बढ़ जाती हैं. ऐसे में लोगों की सुरक्षा और वन्यजीव संरक्षण को ध्यान में रखते हुए कोडरमा वन प्रमंडल ने महत्वपूर्ण अपील जारी की है. डीएफओ (डिविजनल फॉरेस्ट ऑफिसर) ने लोगों से कहा है कि यदि कहीं सांप दिखाई दे तो घबराएं नहीं और न ही उसे मारने या खुद पकड़ने की कोशिश करें. इसकी सूचना तुरंत अधिकृत स्नेक रेस्क्यूअर या वन विभाग को दें.

Snake rescuer Prashant Tiwari

खुद पकड़ने की कोशिश पड़ सकती है भारी

वन विभाग के अनुसार, अधिकांश हादसे तब होते हैं जब लोग बिना जानकारी के सांप को पकड़ने या भगाने का प्रयास करते हैं. इससे सांप के काटने का खतरा बढ़ जाता है. प्रशिक्षित स्नेक रेस्क्यूअर सुरक्षित तरीके से सांप को पकड़कर उसे प्राकृतिक आवास में छोड़ देते हैं.

 बरसात के इस मौसम में सांपों के अपने बिल से निकलने का खतरा बढ़ जाता है. सांप के बारे में आपको कुछ बताएं या दिखाएं उससे पहले यह जान लेना जरूरी है कि सांप धार्मिक और इंसानी जिंदगी के लिहाज से काफी जरूरी हैं. पर्यावरण संरक्षण के लिए सांपों का अस्तित्व बचाना जरूरी है. आमतौर पर लोग सांपों को इंसान का दुश्मन मानते हैं, लेकिन वास्तविकता इससे अलग है.

लोग ऐसा मानते जरूर हैं कि सांप इंसान के लिए खतरनाक हैं, लेकिन ऐसा बिल्कुल भी नहीं है. जब तक सांप को छेड़ा ना जाए, तब तक वह किसी को नुकसान नहीं पहुंचाते हैं और सांप अपने बिल में ही रहना पसंद करते हैं. ऐसे में सांपों के प्रति लोगों की धारणा बदलने में स्नेक रेस्क्यूअर प्रशांत तिवारी पिछले कई सालों से जुटे हैं और सांपों की रक्षा की मुहिम के साथ वे सांपों को रिहायशी इलाकों से रेस्क्यू कर उनके प्राकृतिक घर यानी जंगलों तक छोड़ने में अहम भूमिका निभा रहे हैं.

 वन विभाग भी लोगों से सांप को नहीं मारने और सर्पदंश की स्थिति में झाड़-फूंक के बजाय अपने नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जाकर इलाज करने की सलाह देता है. स्नेक रेस्क्यूअर प्रशांत तिवारी को स्नेक रेस्क्यू किट देकर सम्मानित किए जाने के मौके पर डीएफओ सौमित्र शुक्ला ने कहा कि घर या आसपास कहीं भी सांप दिख जाए, तो उसे मारे नहीं, बल्कि प्रशांत जैसे स्नैक रेस्क्यूअर को फोन कर जानकारी दें.

गिने-चुने सांप ही जहरीले होते हैं, बावजूद इसके सांपों से दूरी भी जरूरी है. ऐसे में हम भी आपसे गुजारिश करते हैं कि बारिश के इस मौसम में अगर आपको कहीं सांप दिख जाए, तो आप उसे छेड़े या मारे नहीं, बल्कि प्रशांत जैसे स्नेक रेस्क्यू करने वाले लोगों को फोन करें और सांपों को उनके सुरक्षित घर तक पहुंचने में एक जागरूक नागरिक की भूमिका निभाएं.