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'रांची को दिल्ली का जंतर-मंतर मत बनने दीजिए 'सर, नौकरी चाहिए... आंदोलन नहीं' JPSC-JSSC अभ्यर्थियों की सीएम से गुहार

Ranchi: "सर, रांची को दिल्ली का जंतर-मंतर मत बनने दीजिए।" छात्र का कहना था कि झारखंड के युवा केवल पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया और अपनी मेहनत के अनुरूप रोजगार चाहते हैं. उनका आरोप है कि भर्ती प्रक्रियाओं में लगातार हो रही देरी से हजारों युवाओं का भविष्य अधर में लटका हुआ है.
 
JHARKHAND

Ranchi: झारखंड में JPSC (झारखंड लोक सेवा आयोग) और JSSC (झारखंड कर्मचारी चयन आयोग) की लंबित भर्ती प्रक्रियाओं, परीक्षा कैलेंडर और नियुक्तियों को लेकर राजधानी रांची के जयपाल सिंह स्टेडियम में अभ्यर्थियों का आंदोलन लगातार जारी है. प्रदर्शन कर रहे युवाओं ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से हाथ जोड़कर अपील की है कि सरकार उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुने और जल्द समाधान निकाले. छात्रों ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते संवाद नहीं हुआ तो रांची भी दिल्ली के जंतर-मंतर की तरह लंबे आंदोलन का केंद्र बन सकता है.

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'रांची को जंतर-मंतर मत बनने दीजिए'

आंदोलन के दौरान एक अभ्यर्थी ने मुख्यमंत्री से भावुक अपील करते हुए कहा, "सर, रांची को दिल्ली का जंतर-मंतर मत बनने दीजिए।" छात्र का कहना था कि झारखंड के युवा केवल पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया और अपनी मेहनत के अनुरूप रोजगार चाहते हैं. उनका आरोप है कि भर्ती प्रक्रियाओं में लगातार हो रही देरी से हजारों युवाओं का भविष्य अधर में लटका हुआ है.

'हमारे यहां नौकरी से शादी होती है, लड़के से नहीं'

प्रदर्शन के दौरान एक छात्र का बयान चर्चा का विषय बन गया. उसने कहा, "हमारे यहां नौकरी से शादी होती है, लड़के से नहीं।" छात्र ने कहा कि बेरोजगारी केवल आर्थिक समस्या नहीं, बल्कि सामाजिक सम्मान और भविष्य से जुड़ा मुद्दा भी है। इसलिए समयबद्ध भर्ती और पारदर्शी नियुक्ति प्रक्रिया युवाओं की सबसे बड़ी मांग है.

'सिर्फ पानी के सहारे बैठे हैं'

आंदोलन में शामिल युवाओं ने स्पष्ट किया कि उनका प्रदर्शन पूरी तरह गैर-राजनीतिक है। छात्रों का कहना है कि वे किसी राजनीतिक दल के समर्थन से आंदोलन नहीं कर रहे हैं। एक प्रदर्शनकारी ने कहा, "हम सिर्फ पानी के सहारे यहां बैठे हैं। हमें किसी राजनीतिक दल का सहयोग नहीं चाहिए। हमारी लड़ाई रोजगार और युवाओं के भविष्य की है।"

हजारीबाग से पहुंचे छात्र ने सरकार को दी चेतावनी

हजारीबाग से आए एक छात्र ने कहा कि यदि सरकार ने अभ्यर्थियों से बातचीत नहीं की तो आंदोलन और व्यापक हो सकता है. उसने कहा कि सरकार को जल्द छात्रों के प्रतिनिधिमंडल को बुलाकर वार्ता करनी चाहिए और लंबित भर्तियों पर स्पष्ट रोडमैप जारी करना चाहिए। छात्रों का कहना है कि संवाद ही इस विवाद का सबसे बेहतर समाधान है.

लंबित भर्तियों पर स्पष्ट रोडमैप की मांग

प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों का कहना है कि उनका उद्देश्य सरकार से टकराव नहीं, बल्कि समाधान निकालना है. वे चाहते हैं कि सरकार JPSC और JSSC से जुड़ी लंबित परीक्षाओं, नियुक्तियों, परीक्षा कैलेंडर और भर्ती प्रक्रिया पर स्पष्ट निर्णय लेकर समयसीमा घोषित करे. उनका कहना है कि जब तक सरकार की ओर से ठोस पहल नहीं होती, तब तक उनका शांतिपूर्ण आंदोलन जारी रहेगा.

सरकार से संवेदनशील पहल की उम्मीद

आंदोलन में शामिल छात्रों का कहना है कि झारखंड के हजारों अभ्यर्थियों का भविष्य इन भर्ती प्रक्रियाओं पर निर्भर है. ऐसे में सरकार को युवाओं की चिंताओं को गंभीरता से लेते हुए जल्द संवाद शुरू करना चाहिए, ताकि लंबे समय से रोजगार का इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों का भरोसा कायम रह सके.