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झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे दिन JMM विधायकों ने हाथी और परिसीमन का उठाया मुद्दा...

Ranchi: आजसू विधायक ने हाथी के मसले को लेकर प्रदर्शन किया. वहीं झामुमो के विधायक ने परिसीमन का विरोध किया और केंद्र को सरना विरोधी बताया.
 
Ranchi

Jharkhand Vidhan Sabha Budget Session 2026: झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे दिन सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले परिसर में धरना-प्रदर्शन देखने को मिला.

आजसू विधायक ने हाथी के मसले को लेकर प्रदर्शन किया. वहीं झामुमो के विधायक ने परिसीमन का विरोध किया और केंद्र को सरना विरोधी बताया.

मांडू से आजसू विधायक निर्मल महतो उर्फ तिवारी महतो ने विधानसभा परिसर में तख्ती-बैनर के साथ धरना प्रदर्शन किया.
विधायक तिवारी महतो उर्फ निर्मल महतो ने हाल ही में जंगली हाथियों के हमले में सात लोगों की मौत के मामले को उठाते हुए सरकार से मृतकों के परिजनों को तत्काल 20 लाख रुपये मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की.
आजसू विधायक निर्मल महतो ने कहा कि राज्य में लगातार हो रही माइनिंग और खनन गतिविधियों के कारण जंगली हाथी जंगल छोड़कर गांवों की ओर रुख कर रहे हैं, जिससे ग्रामीण इलाकों में दहशत का माहौल है.
उन्होंने आरोप लगाया कि वन विभाग की टीम हाथियों की सही तरीके से निगरानी और खोजबीन नहीं कर पा रही है, जिससे आम लोगों की जान जोखिम में है.
सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जब सरकार जंगली हाथियों को नहीं खोज पा रही है तो अपराधियों पर कैसे नियंत्रण करेगी. विधायक ने इस मुद्दे पर सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए और पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने की मांग दोहराई.
झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे दिन की कार्यवाही शुरू होने से पहले पूर्व मंत्री एवं विधायक हेमलाल मुर्मू ने मीडिया से बातचीत में साफ किया कि झारखंड मुक्ति मोर्चा राज्य में परिसीमन का विरोध करेगा.
क्योंकि इससे राज्य में लोकसभा और विधानसभा की अनुसूचित जनजाति आरक्षित सीट का नुकसान होगा.
हेमलाल मुर्मू ने कहा कि राज्य की सरकार ने जनगणना में सरना धर्म कोड वाले प्रस्ताव को पास कर केंद्र को भेजा है लेकिन उसने कोई फैसला नहीं किया है क्योंकि वह सरना और आदिवासी विरोधी है.
हेमलाल मुर्मू ने कहा कि राज्यपाल ने अपने अभिभाषण में सरकार के कार्यों का जिक्र किया है. जो लोग यह कह रहे हैं.
राज्यपाल ने सरकार द्वारा दिये गए झूठे उपलब्धियों को पढा है,उनसे पूछिये कि अभी बजट सत्र के दौरान राष्ट्रपति ने संसद में जो अभिभाषण पढ़ा वह क्या था.