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झारखंड में निकाय चुनाव को लेकर लोहरदगा में चुनावी माहौल गरम, जन समस्या और दावों के बीच समाधान की राह तक रहा आम आदमी...

Lohardaga: सीवरेज की समस्या आज भी गंभीर है. बरसाती नालों पर तेजी से अवैध अतिक्रमण हो रहा है. लोगों के पास रोजगार का कोई साधन नहीं है....

 
झारखंड

Lohardaga: झारखंड में नगर निकाय चुनाव को लेकर लोहरदगा में भी चुनावी माहौल गरमा गया है. प्रत्याशी नामांकन करके जनता के बीच पहुंच रहे हैं और विकास के बड़े-बड़े वादे उनसे कर रहे हैं.

दरअसल लोहरदगा शहर राजनीतिक, सामाजिक, आर्थिक और धार्मिक दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण शहर है. इस शहर में समस्याएं गंभीर हैं और उनका निराकरण अपेक्षित रूप से हो नहीं पाया है.

नगर परिषद चुनाव के दौरान यह मुद्दे हावी हो रहे हैं. जनता के सवालों का प्रत्याशियों को जवाब देना पड़ रहा है. झारखंड का यह छोटा सा जिला तेजी से आगे बढ़ रहा है.
हालांकि समस्याओं के निराकरण के मामले में अभी भी यह जिला पीछे है. चुनावी मैदान में उतर रहे प्रत्याशी जन मुद्दों को लेकर संवेदनशील और सक्रिय होने का दावा भी कर रहे हैं.
लोहरदगा की साल 2011 में हुई जनगणना के आंकड़े बताते हैं कि लोहरदगा शहर की आबादी उस समय महज 57,411 थी. उस समय शहर में मकान की संख्या 11,102 थी.
कुल 35.20 स्क्वायर किलोमीटर में फैले 23 वार्ड वाले लोहरदगा शहर में सबसे बड़ी समस्या साफ-सफाई की है. आज तक एक स्थाई डंपिंग यार्ड का निर्माण तक नगर परिषद में नहीं हो पाया है.
सीवरेज की समस्या आज भी गंभीर है. बरसाती नालों पर तेजी से अवैध अतिक्रमण हो रहा है. लोगों के पास रोजगार का कोई साधन नहीं है.
बॉक्साइट के नाम पर यहां के लोग धूल फांकने को विवश हैं. इसके अलावा पेयजल की समस्या भी गंभीर है. सड़क जाम ने पहले से ही परेशान कर रखा है. बाईपास का निर्माण कार्य भी धीमी गति से चल रहा है.
शहरी जलापूर्ति योजना को लेकर काम शुरू तो हुआ है लेकिन वह अभी सिर्फ कागजों में नजर आ रहा है. जो प्रत्याशी अध्यक्ष और वार्ड पार्षद पद के लिए चुनाव मैदान में हैं. वह इन समस्याओं का निराकरण करने का दावा कर रहे हैं. पिछले प्रतिनिधियों की कमजोरी को गिना रहे हैं.
महत्वपूर्ण बात यह है कि इस चुनाव में जो प्रत्याशी नजर आ रहे हैं, वह युवा भी हैं, पुराने खिलाड़ी भी और राजनीतिक दल के समर्थित प्रत्याशी भी हैं.
ऐसे में जनता की समस्याओं का आने वाले समय में कितना निराकरण हो पाएगा, यह भी लोगों के लिए एक बड़ा सवाल है?
नगर परिषद के चुनाव में लोहरदगा में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो चुकी है. प्रत्याशियों का नामांकन हो चुका है. अब चुनावी मैदान में आरोप-प्रत्यारोप और दावों का दौर जारी है.
जैसे-जैसे चुनाव का समय नजदीक आ रहा है, वैसे-वैसे गतिविधि तेज होती जा रही है. शहर और शहर के लोगों की समस्याओं के निराकरण को लेकर खूब दावे किए जा रहे हैं.