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निकाय चुनाव के लिए निर्वाचन आयोग ने जारी किया सख्त निर्देश, चुनाव के दौरान अगर कोई सरकारी कर्मी गड़बड़ी करते हैं तो होगा सख्त एक्शन

Ranchi: इस गैर-दलीय आधार पर होने वाले चुनाव में राज्य के 43 लाख 33 हजार 574 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे. इसमें पुरुष मतदाताओं की संख्या 22 लाख 7 हजार 203, महिला मतदाताओं की संख्या 21 लाख 26 हजार 227 तथा थर्ड जेंडर मतदाताओं की संख्या 144 है.
 
Nigam

Ranchi: झारखंड में आगामी नगर निकाय चुनाव को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए राज्य निर्वाचन आयोग ने सख्त निर्देश जारी किए हैं. निर्वाचन आयोग के सचिव राधेश्याम प्रसाद ने स्पष्ट किया कि यदि मतदान कार्य में तैनात सरकारी कर्मी बूथ कैप्चरिंग या अन्य अनैतिक गतिविधियों में शामिल पाए जाते हैं और यह प्रमाणित हो जाता है, तो उन्हें तीन से पांच साल तक की सजा हो सकती है. राधेश्याम प्रसाद ने बताया कि आम नागरिकों के लिए ऐसी गड़बड़ियों पर एक से पांच साल तक की सजा का प्रावधान है, लेकिन सरकारी कर्मचारियों या पदाधिकारियों के मा

इस गैर-दलीय आधार पर होने वाले चुनाव में राज्य के 43 लाख 33 हजार 574 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे. इसमें पुरुष मतदाताओं की संख्या 22 लाख 7 हजार 203, महिला मतदाताओं की संख्या 21 लाख 26 हजार 227 तथा थर्ड जेंडर मतदाताओं की संख्या 144 है. राज्य में कुल 48 नगर निकाय हैं, जिनमें 9 नगर निगम, 20 नगर परिषद और 19 नगर पंचायत शामिल हैं. इन सभी में 23 फरवरी 2026 को एक ही दिन बैलेट पेपर के माध्यम से मतदान होगा. कुल 1,087 वार्डों में 4,304 बूथ बनाए गए हैं, जहां लगभग 50,000 सरकारी कर्मी ड्यूटी पर तैनात रहेंगे.

प्रत्येक बूथ पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम

प्रत्येक मतदान केंद्र पर प्रीज़ाइडिंग ऑफिसर सहित पांच निर्वाचन कर्मी तैनात रहेंगे. इसके अलावा हर बूथ पर एक पदाधिकारी के साथ चार पुलिसकर्मी सुरक्षा व्यवस्था संभालेंगे. मतदान केंद्र के 100 मीटर दायरे में बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था की गई है. उड़नदस्ता टीमों तथा वरीय पदाधिकारियों द्वारा भी निरीक्षण किया जाएगा.

मतगणना के लिए व्यापक तैयारियां

मतदान के बाद 27 फरवरी 2026 को मतगणना होगी. मतगणना स्थल (बज्रगृह) की सुरक्षा तीन लेयर में सुनिश्चित की गई है. चुनाव आयोग ने बैलेट पेपर का उपयोग करने का निर्णय लिया है. महापौर/अध्यक्ष पद के लिए पिंक कलर का तथा वार्ड पार्षद के लिए सफेद रंग का बैलेट पेपर होगा. मतदाता अपने परिचय पत्र दिखाकर मतदान कर सकेंगे. मले में न्यूनतम सजा तीन वर्ष की होगी. इसके अलावा विभागीय कार्रवाई भी होगी, जिससे उनकी नौकरी भी जा सकती है. आयोग ने अपेक्षा की है कि सभी निर्वाचन कर्मी स्वच्छ एवं निष्पक्ष मतदान में अपनी भूमिका निभाएंगे.