Newshaat_Logo

पहाड़ों में धमाके, सड़कों पर हाइवा की कतार, रात में ढुलाई, ग्रामीणों में दहशत..प्रशासन की चुप्पी पर सवाल...

Giridih: सूत्रों के अनुसार, खनन स्थलों पर सुरक्षा मानकों की भी अनदेखी की जा रही है. बिना पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था के विस्फोट किए जा रहे हैं, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है. पर्यावरण को भी भारी नुकसान पहुंच रहा है. पहाड़ों की कटाई और लगातार हो रहे विस्फोटों से इलाके का प्राकृतिक संतुलन प्रभावित हो रहा है.
 
JHARKHAND

Giridih: क्षेत्र में अवैध खनन और पत्थर कारोबार का खेल लगातार बढ़ता जा रहा है. हालात ऐसे हैं कि दिन के उजाले में पहाड़ियों और खदानों में विस्फोटक बिछाए जाते हैं, शाम होते ही जोरदार धमाके किए जाते हैं और रातभर हाइवा वाहनों के जरिए पत्थरों की ढुलाई की जाती है. इस पूरे खेल से स्थानीय लोग दहशत में हैं, वहीं प्रशासन की कार्रवाई पर भी सवाल उठने लगे हैं.

landscape of mining truck activities. mining work 46252279 Stock Photo at  Vecteezy

ग्रामीणों का आरोप है कि अवैध खनन का यह कारोबार लंबे समय से चल रहा है. शाम के समय होने वाले तेज धमाकों से आसपास के घरों में कंपन महसूस होता है. कई बार दीवारों में दरारें आने और धूल-धुएं से परेशानी की शिकायत भी सामने आई है. इसके बावजूद जिम्मेदार विभागों की ओर से ठोस कार्रवाई नहीं होने से लोगों में नाराजगी बढ़ रही है.

स्थानीय लोगों का कहना है कि रात होते ही हाइवा और भारी वाहनों की लंबी कतार सड़कों पर नजर आती है. तेज रफ्तार वाहनों के कारण सड़क दुर्घटना का खतरा भी बढ़ गया है. ग्रामीणों का आरोप है कि अवैध ढुलाई में लगे वाहन बिना किसी डर के लगातार परिचालन कर रहे हैं, जिससे यह साफ संकेत मिलता है कि माफियाओं का नेटवर्क काफी मजबूत है.

एक विशाल ट्रक धूल भरे पहाड़ी खदान से भारी मात्रा में अयस्क ले जा रहा है  जिससे धूल के बादल उड़ रहे हैं, खनन, गंदी जगह, उद्योग पृष्ठभूमि चित्र ...

सूत्रों के अनुसार, खनन स्थलों पर सुरक्षा मानकों की भी अनदेखी की जा रही है. बिना पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था के विस्फोट किए जा रहे हैं, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है. पर्यावरण को भी भारी नुकसान पहुंच रहा है. पहाड़ों की कटाई और लगातार हो रहे विस्फोटों से इलाके का प्राकृतिक संतुलन प्रभावित हो रहा है.

सिंडिकेट की पहुंच या कहे दबंगई का अंदाजा इस खबर के साथ लगी तस्वीर/वीडियो बता रही है कि कैसे दिन में ही विस्फोटक बिछा दिया जा रहा है. यहां एक महत्वपूर्ण बात यह है कि जिस इलाके में अवैध खनन का खेल खुलेआम चल रहा है, उसी इलाके में पिछले दिनों पत्थर लदे हाइवा की चपेट में आने से एक महिला ने दम तोड़ दिया था. जिसके बाद काफी हंगामा हुआ था.

देवरी के अंचलधिकारी ने अवैध खनन के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करवायी थी. मौत और हीरोडीह में दर्ज प्राथमिकी के बाद भी यहां अवैध माइनिंग बंद नहीं हुआ है. गुरुवार 7 मई की दोपहर में जब ईटीवी भारत की टीम फिर से इस इलाके में पहुंची तो मंजर वही था. यहां दिन में विस्फोटक लगाया जा रहा था और विस्फोट की तैयारी की जा रही थी.

खनन विभाग ने फिर से कही कार्रवाई की बात

इस विषय पर प्रभारी खनन पदाधिकारी सह निरीक्षक विश्वनाथ उरांव ने बताया कि वर्तमान में किसगो-गिद्धा इलाके में एक भी वैध खनन पट्टा (पत्थर का) नहीं है. पहले भी इस इलाके में संचालित अवैध खदान के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करवायी गई थी. पूर्व में संजय यादव, किशोरी यादव, मुन्ना बास्के, मोहन सिंह, उत्तम सिंह, तरुण सिंह और मोहन यादव के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाया गया था. फिर से अगर इस इलाके में अवैध माइंस का संचालन किया जा रहा है तो निश्चित तौर पर जांच होगी और कार्रवाई भी की जाएगी.