राज्यकर्मियों और NHM कर्मियों के लिए खुशखबरी, झारखंड सरकार का बड़ा कदम- इंडियन बैंक के साथ बीमा सुविधा को लेकर हुआ करार
Ranchi: राज्य सरकार के कर्मचारियों के वेतन खाता पैकेज और एनएचएम झारखंड के कर्मचारियों के वेतन खाता एवं एचआरआईएस पैकेज को लेकर झारखंड सरकार और इंडियन बैंक के बीच आज महत्वपूर्ण एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए. इस समझौते के तहत राज्य सरकार के कर्मचारियों, खासकर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के स्वास्थ्य कर्मियों को 45 लाख से लेकर 2 करोड़ 57 लाख रुपये तक का बीमा लाभ मिलेगा.

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मौजूदगी में हुआ एमओयू
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की उपस्थिति में झारखंड मंत्रालय में आयोजित कार्यक्रम में यह एमओयू साइन किया गया. मुख्यमंत्री ने इस करार का स्वागत करते हुए कहा कि इससे पहले भी इंडियन बैंक के साथ कई करार हो चुके हैं और यह उसकी एक और कड़ी है. उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग सरकार का अभिन्न अंग है और इस एमओयू से स्वास्थ्य कर्मियों को बड़ी सहायता मिलेगी.

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि जीवन में कई बार स्वास्थ्य संबंधी बड़ी चुनौतियां आती हैं, जिसका उदाहरण उन्होंने कोविड महामारी दिया. उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में मध्यम वर्गीय परिवार के लिए यह बहुत बड़ी चुनौती बन जाती है. सीएम ने बैंक द्वारा दिए जा रहे बीमा पैकेज को उम्दा बताया और कहा कि इससे स्वास्थ्य कर्मियों का मनोबल बढ़ेगा. उन्होंने याद दिलाया कि संक्रमण के बीच काम करने वाले स्वास्थ्यकर्मी अक्सर आर्थिक सुरक्षा की मांग करते थे, जो अब पूरी हो रही है.

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वित्तमंत्री राधाकृष्ण किशोर ने साफ कहा कि राज्य सरकार ने फैसला किया है कि सोशल सेक्टर में जिन बैंकों का प्रदर्शन अच्छा नहीं है, उनमें सरकारी राशि नहीं रखी जाएगी. उन्होंने इंडियन बैंक की सराहना करते हुए बताया कि राज्य में बैंक की 166 शाखाएं हैं और इसके पास 25 हजार करोड़ रुपये की जमा राशि है, जिसमें से 8 हजार करोड़ रुपये ऋण के रूप में दिए गए हैं. हालांकि, उन्होंने गढ़वा, पलामू और चतरा जैसे जिलों में बैंक की शाखाएं न होने पर चिंता जताई और कहा कि इन क्षेत्रों में शाखाएं बढ़ाने की जरूरत है ताकि अधिक से अधिक लोगों को बैंकिंग सुविधाएं मिल सकें.

वित्तमंत्री राधाकृष्ण किशोर ने गुरुजी क्रेडिट कार्ड योजना के प्रति बैंकों की उदासीनता पर नाराजगी जताते हुए इंडियन बैंक का उदाहरण दिया. उन्होंने कहा कि बैंक को 130 आवेदन मिले थे, जिनमें से मात्र 53 ही स्वीकृत किए गए. मंत्री ने बैंक से अपील की कि छात्रों को उच्च शिक्षा से वंचित न होने देने के लिए अधिक से अधिक आवेदनों को स्वीकृति दी जाए. इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने सभी कर्मचारियों को बधाई दी और इंडियन बैंक को एमओयू के लिए धन्यवाद दिया.
इंडियन बैंक के प्रबंध निदेशक विनोद कुमार ने कहा कि बैंक सीएसआर गतिविधियों के तहत एंबुलेंस, स्कूल बस और अन्य कार्यों के लिए तत्पर है. सरकार के किसी भी प्रस्ताव पर बैंक इसे शीघ्र क्रियान्वित करेगा. यह एमओयू राज्य सरकार के कर्मचारियों खासकर स्वास्थ्य क्षेत्र में काम करने वाले कर्मियों के लिए आर्थिक सुरक्षा और बेहतर सुविधाएं सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.







