हजारीबाग में गैस एजेंसी पर प्रशासन की नजर, मनमानी पर फटकार के बाद शुरू हुआ सिलेंडर सप्लाई...
Hazaribagh: हजारीबाग में एलपीजी गैस एजेंसियों की मनमानी से आम उपभोक्ता लंबे समय से परेशान थे. समय पर सिलेंडर नहीं मिलना, अनावश्यक देरी, फोन नहीं उठाना और बुकिंग के बावजूद कई दिनों तक डिलीवरी न होना. ये शिकायतें लगातार सामने आ रही थीं. स्थिति तब बिगड़ गई जब कई मोहल्लों में लोगों को मजबूरन महंगे दाम पर अवैध रूप से सिलेंडर खरीदने पड़े.
उपभोक्ताओं का फूटा गुस्सा
शहर के विभिन्न इलाकों में गैस उपभोक्ताओं ने एजेंसी के खिलाफ नाराजगी जताई. लोगों का कहना था कि बुकिंग के बाद भी 10–15 दिनों तक सिलेंडर नहीं पहुंचाया जा रहा था, जबकि एजेंसी परिसर में सिलेंडरों का स्टॉक मौजूद था. महिलाओं और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा दिक्कतों का सामना करना पड़ा.
प्रशासन की दखल के बाद हरकत में एजेंसी
मामले की गंभीरता को देखते हुए Hazaribagh जिला प्रशासन ने शिकायतों का संज्ञान लिया. प्रशासनिक अधिकारियों ने गैस एजेंसी का औचक निरीक्षण किया और वितरण व्यवस्था की जांच की. निरीक्षण के दौरान कई खामियां सामने आईं, जिसके बाद एजेंसी संचालक को कड़ी फटकार लगाई गई. प्रशासन की सख्ती के तुरंत बाद एजेंसी ने वितरण प्रक्रिया शुरू की. लंबित बुकिंग वाले उपभोक्ताओं को प्राथमिकता के आधार पर सिलेंडर दिए गए और होम डिलीवरी व्यवस्था को भी बहाल किया गया.
तय समय पर वितरण का निर्देश
प्रशासन ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि
- बुकिंग के 48 घंटे के भीतर सिलेंडर की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए
- उपभोक्ताओं से किसी भी तरह की अतिरिक्त राशि न ली जाए
- वितरण में लापरवाही मिलने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी
उपभोक्ताओं ने ली राहत की सांस
प्रशासनिक हस्तक्षेप के बाद सिलेंडर मिलते ही लोगों ने राहत की सांस ली. उपभोक्ताओं का कहना है कि अगर पहले ही निगरानी होती तो उन्हें इतनी परेशानी नहीं झेलनी पड़ती. साथ ही लोगों ने मांग की है कि भविष्य में भी गैस एजेंसियों की नियमित जांच की जाए.
आगे भी जारी रहेगी निगरानी
जिला प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि एलपीजी वितरण व्यवस्था पर लगातार नजर रखी जाएगी. किसी भी तरह की शिकायत मिलने पर संबंधित एजेंसी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल प्रशासन की सख्ती के बाद हजारीबाग में गैस सिलेंडर वितरण सामान्य होता दिख रहा है, लेकिन उपभोक्ताओं की नजर अब भी व्यवस्था की स्थायित्व पर टिकी हुई है.







