हजारीबाग वन भूमि घोटाला: हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, IAS विनय चौबे की जमानत याचिका नामंजूर
Ranchi: हजारीबाग वन भूमि घोटाला मामले में आरोपी IAS अधिकारी विनय कुमार चौबे को झारखंड हाईकोर्ट से राहत नहीं मिली है. जस्टिस अनुभा रावत चौधरी की अदालत ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी है. 23 अप्रैल को इस मामले में सुनवाई पूरी हो गई थी. झारखंड हाईकोर्ट के अधिवक्ता धीरज कुमार ने बताया कि दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था.
क्या है पूरा मामला
यह मामला हजारीबाग में वन विभाग की जमीन से जुड़ा है. हजारीबाग एसीबी ने कांड संख्या 11/2025 दर्ज किया था. आरोप है कि विनय कुमार चौबे ने उपायुक्त रहते हुए पांच प्लॉटों की जमाबंदी नियमों के विरुद्ध कराई. संबंधित भूमि गैरमजरूआ खास जंगल झाड़ी के रूप में दर्ज थी, जिसे बाद में निजी स्वामित्व में बदलने की कोशिश की गई. नियमों के अनुसार, इस प्रकार की वन भूमि का उपयोग बिना केंद्र सरकार की मंजूरी के अन्य कार्यों में नहीं किया जा सकता. आरोप यह भी है कि इस प्रक्रिया में अधिकारियों और विनय सिंह ने खरीदार के रूप में मिलकर साजिश रची थी.
क्या हुआ था पिछली सुनवाई के दौरान
23 अप्रैल को सुनवाई के दौरान एसीबी की ओर से कहा गया था कि आरोपी की भूमिका संदिग्ध है और मामले में अभी और जांच की आवश्यकता है. वहीं बचाव पक्ष ने दलील दी थी कि आरोप निराधार है, ठोस सबूत नहीं हैं और उनके मुवक्किल को बेवजह फंसाया गया है. बचाव पक्ष ने यह भी कहा था कि आरोपी जांच में सहयोग करने को तैयार हैं, इसलिए उन्हें जमानत मिलनी चाहिए. हालांकि अदालत इन तर्कों से सहमत नहीं हुई और जमानत देने से इनकार कर दिया.







