हजारीबाग घटना पर सरकार सख्त: मंत्री इरफान अंसारी ने पीड़ित परिजनों से की मुलाकात, जांच के लिए विशेष टीम बनाई
Hazaribagh: झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी तीन लोगों की संदिग्ध हत्या की जानकारी लेने के लिए हजारीबाग पहुंचे. इस दौरान मंत्री ने जिले के एसपी अमन कुमार से वार्ता की और जल्द से जल्द पूरे मामले का उद्भेदन करने के निर्देश दिए. मंत्री ने कहा कि बहुत ही बेहरमी के साथ तीनों लोगों की हत्या की गई है.
![]()
मंत्री इरफान अंसारी ने कहा कि घटना को लेकर जांच टीम गठित की गई है. जिला प्रशासन को स्पष्ट रूप से कहा कि इस पूरे मामले को लेकर जांच में किसी तरह का कोताही ना करें. घटना में जो भी व्यक्ति शामिल हैं उसे सजा मिलना चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि जांच की प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है. बहुत जल्द प्रशासन खुलासा करेगा.
दरअसल, हजारीबाग के मुफस्सिल थाना क्षेत्र पोता जंगल स्थित नदी से पिछले दिनों तीन शव बरामद किए गए थे. इनमें एक युवक और दो युवतियां शामिल थीं. तीनों बीते पांच दिनों से लापता थे. मृतकों की पहचान 27 वर्षीय आदिल हुसैन, 19 वर्षीय सानिया परवीन और खुशी के रूप में हुई है. तीनों पिछले कई दिनों से लापता थे. जिनकी तलाश परिजन लगातार कर रहे थे. वहीं घटना के बाद परिजनों और ग्रामीणों में भारी आक्रोश है. उनका आरोप है कि तीनों के शरीर पर चोट के निशान हैं, जिससे मामला संदिग्ध प्रतीत हो रहा था.
मंत्री इरफान अंसारी ने कहा कि जिन लोगों के शव बरामद किए गए हैं उनकी स्थिति देखकर मन काफी व्यथित हैं. बाल काट दिए गए हैं और आंखें निकाल ली गई है. ऐसे में लगता है कि बड़े ही दर्दनाक तरीके से तीनों की हत्या की गई है. उन्होंने कहा कि ऐसी घटना देखकर काफी दुख होता है. किसी को भी किसी को मारने का अधिकार नहीं है. अगर किसी बात को लेकर विवाद है उसे बैठकर समाप्त करना चाहिए.
हजारीबाग पुलिस के सामने हत्या का उद्भेदन करना चुनौती से कम नहीं है. तीनों 5 दिनों से लापता थे. पुलिस को गुमशुदगी का आवेदन दिया गया था. घटना ने पुलिस के कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़ा कर दिया है.







