हजारीबाग की महिला किसान ने बंजर जमीन को बना डाला उपजाऊ, अब सालों भर हो रही मुनाफे की कमाई
Hazaribagh: किसान अब परंपरागत खेती के तरीके छोड़कर आधुनिक और स्मार्ट कृषि पद्धतियों को अपना रहे हैं. हजारीबाग के सुदूरवर्ती कटकमसांडी प्रखंड के हरहद गांव की 10 महिलाओं ने मिलकर मिश्रित खेती करना शुरू किया है. महिलाएं अन्य किसानों को सीख भी दे रही हैं कि मिश्रित खेती कर वे अधिक पैसा कमा सकते हैं. महत्वपूर्ण बात यह है कि महिलाएं वैसे खेत में मिश्रित खेती कर रही हैं, जो पहले बंजर हुआ करता था.
दरअसल, हजारीबाग का सुदूरवर्ती कटकमसांडी प्रखंड के हरहद गांव की 10 महिलाओं का समूह इन दिनों मिश्रित खेती कर रही हैं. महिलाएं वैसे खेत में मिश्रित खेती कर रही हैं जो पहले बंजर हुआ करता था. लगभग 10 एकड़ जमीन में महिलाओं ने पहले जमीन को उर्वर बनाया. इसके लिए जैविक खाद का उपयोग किया, जिसे महिलाओं ने खुद से तैयार किया था. जहां अब मिश्रित खेती हो रही है.
मिश्रित खेती का अर्थ होता है कि सब्जी के साथ-साथ वैसे फलों की खेती करना जो मुनाफा वाले हों. जैसे महिलाएं शरीफा, अमरूद, अनानास, आम जैसे फलों की खेती मौसमी सब्जियों के साथ कर रही हैं. महिलाओं का कहना है कि खेत में फलदार फल लगाने से दो फायदा हो रहे हैं, एक ओर सब्जी बेचकर मुनाफा होता है तो दूसरी ओर फल बेचकर मुनाफा हो रहा है. जिससे सालों भर खेती का व्यवसाय चलता रहता है. महिलाओं का कहना है कि यह एक बेहतर खेती करने का तरीका है, जिससे अन्य किसान भी अपने खेत में इस तरह खेती कर सकते हैं.

मिश्रित खेती करने के लिए लीड्स संस्था ने महिलाओं को प्रेरित किया. पहले महिलाओं को उन क्षेत्रों में ले जाकर अवलोकन कराया गया, जहां मिश्रित खेती हो रही थी. महिलाओं को बताया गया कि कैसे मिश्रित खेती कर लाभ कमाया जा सकता है. किसानों को बताया गया कि मौसमी सब्जियों के साथ फलों की खेती करने से कमाई अधिक होती है. किसान मौसमी सब्जी के साथ पपीता, शरीफा, अनानास की खेती एक साथ कर सकते हैं. ऐसा खेती सालों भर मुनाफा देता है.

हजारीबाग उपायुक्त अंजनी अंजन कहते हैं कि सरकार की ओर से मिश्रित खेती करने के लिए किसानों को प्रेरित किया जा रहा है. कई जगह किसान खेती के साथ-साथ पशुपालन भी कर रहे हैं. जिससे उन्हें दोहरा लाभ हो रहा है. उन्होंने कहा कि जिस तरह से महिलाएं एक साथ मौसमी सब्जी के साथ-साथ फलों की भी खेती कर रही हैं, यह उन्नत खेती का बेहतरीन उदाहरण है.

उन्होंने कहा कि मिश्रित खेती करने के लिए जेएसएलपीएस से जुड़ी महिलाएं काम कर रही हैं, जिससे उनका जीवन स्तर बदला है. मिश्रित खेती आधुनिक खेती का एक बेहतरीन उदाहरण है. जिससे किसान सालों भर अच्छी कमाई कर सकते हैं. जरूरत है अन्य किसान को भी मिश्रित खेती का प्रशिक्षण लेकर अपने खेत में खेती करने की.







