स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी का बड़ा ऐलान, रिम्स में बढ़ेंगी स्वास्थ्य सुविधाएं, 200 वेंटिलेटर और आधुनिक टॉयलेट व्यवस्था जल्द
Ranchi: झारखंड के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) में स्वास्थ्य सुविधाओं को आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है. राज्य के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने घोषणा की है कि रिम्स को जल्द ही 200 नए अत्याधुनिक वेंटिलेटर उपलब्ध कराए जाएंगे. इसके साथ ही अस्पताल परिसर में एयरपोर्ट जैसी आधुनिक और स्वच्छ टॉयलेट व्यवस्था विकसित की जाएगी.
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य रिम्स को देश के बेहतर सरकारी अस्पतालों की श्रेणी में लाना है. मरीजों को गुणवत्तापूर्ण इलाज के साथ-साथ बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है. स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी की अध्यक्षता में आयोजित रिम्स की गवर्निंग बॉडी की बैठक में मरीजों की सुविधा, चिकित्सा व्यवस्था और आधारभूत ढांचे को मजबूत करने से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए. बैठक के बाद स्वास्थ्य मंत्री ने दावा किया कि अगले एक महीने के भीतर रिम्स में बड़े बदलाव दिखाई देंगे.
अस्पताल में 200 नए वेंटिलेटर लगाए जाएंगे
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि सबसे पहले अस्पताल में 200 नए वेंटिलेटर लगाए जाएंगे, ताकि गंभीर मरीजों को बेहतर और समय पर इलाज मिल सके. उन्होंने कहा कि लंबे समय से आवश्यक चिकित्सा उपकरणों की खरीद लंबित थी, जिसे अब प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने का निर्देश दिया गया है. उनका कहना था कि आपात स्थिति में किसी भी मरीज को उपकरणों की कमी का सामना नहीं करना पड़ेगा. मेडिकल स्टूडेंट के लिए स्मार्ट क्लासेस की व्यवस्था होगी, इस पर स्वास्थ्य मंत्री ने सहमति दी है. वहीं, रिहैब सेंटर की भी शुरुआत होगी.
बैठक में रिम्स की खराब स्वच्छता व्यवस्था पर भी गंभीर चर्चा हुई. हाल ही में अस्पताल के टॉयलेट का वायरल वीडियो सामने आने के बाद स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि उस वीडियो ने उन्हें भी विचलित किया. उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि रिम्स में एयरपोर्ट की तर्ज पर आधुनिक और साफ-सुथरे शौचालय बनाए जाए.
उन्होंने कहा कि मरीजों और उनके परिजनों को बेहतर स्वच्छता उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है. गवर्निंग बॉडी ने रिम्स के हॉस्टलों के संचालन को लेकर भी बड़ा फैसला लिया. अब संस्थान का प्रबंधन हॉस्टलों का संचालन नहीं करेगा. सभी हॉस्टलों को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मोड पर संचालित किया जाएगा, ताकि छात्रों और रेजिडेंट डॉक्टरों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सके और प्रबंधन अधिक प्रभावी बनाया जा सके.
बैठक में अस्पताल परिसर की जर्जर स्थिति पर भी चिंता जताई गई. कई वार्डों और गलियारों में टूटे हुए फर्श को तत्काल दुरुस्त करने का निर्देश दिया गया है. स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि विभाग को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि मरम्मत कार्य जल्द पूरा किया जाए, ताकि मरीजों और उनके परिजनों को आने-जाने में किसी तरह की परेशानी न हो.
मरीजों की सहायता के लिए अस्पताल में वार्ड बॉय की नियुक्ति का भी निर्णय लिया गया है. स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि इलाज के लिए दूर-दराज से आने वाले कई मरीज और उनके परिजन अस्पताल की व्यवस्था से अनजान रहते हैं. भाषा की समस्या और जानकारी के अभाव में वे कई बार डॉक्टर तक भी नहीं पहुंच पाते. ऐसे में नियुक्त किए जाने वाले वार्ड बॉय मरीजों को सही विभाग, डॉक्टर और जांच केंद्र तक पहुंचाने में मदद करेंगे, जिससे इलाज की प्रक्रिया अधिक सुगम होगी.
बैठक में रिम्स में 250 नई पीजी (पोस्ट ग्रेजुएट) सीटें बढ़ाने के प्रस्ताव पर भी चर्चा हुई. स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि इस योजना के तहत प्रत्येक सीट के लिए लगभग 1.5 करोड़ रुपये का प्रावधान है. इस प्रस्ताव को भारत सरकार के पास भेजा जाएगा. स्वीकृति मिलने के बाद भवनों का विस्तार किया जाएगा. नई फैकल्टी की नियुक्ति होगी और विशेषज्ञ डॉक्टरों की संख्या भी बढ़ेगी. इससे चिकित्सा शिक्षा और मरीजों को मिलने वाली स्वास्थ्य सेवाओं दोनों को मजबूती मिलेगी.
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि राज्य सरकार रिम्स को देश के बेहतर सरकारी अस्पतालों की श्रेणी में लाने के लिए प्रतिबद्ध है. उन्होंने कहा कि गवर्निंग बॉडी की बैठक में लिए गए सभी निर्णयों को समयबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा और आने वाले एक महीने में मरीजों को रिम्स की व्यवस्था में स्पष्ट बदलाव दिखाई देगा. उनका कहना था कि सरकार का उद्देश्य रिम्स को आधुनिक सुविधाओं से लैस, स्वच्छ और मरीजों के लिए अधिक सुविधाजनक अस्पताल के रूप में विकसित करना है.







