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रिम्स में स्वास्थ्य सेवाओं की होगी अपग्रेडेशन, बायोमेट्रिक से दर्ज होगी डॉक्टरों की हाजिरी

 
रिम्स में स्वास्थ्य सेवाओं की होगी अपग्रेडेशन, बायोमेट्रिक से दर्ज होगी डॉक्टरों की हाजिरी

Jharkhand News: रिम्स शासी परिषद की 61वीं बैठक में संस्थान की व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने और मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक की रिपोर्ट विभाग को भेज दी गई है, जिसमें चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार से लेकर स्वच्छता और स्टाफ उपस्थिति तक पर विशेष ध्यान दिया गया है।

ट्रॉमा सेंटर और इमरजेंसी होंगे हाईटेक

बैठक में 78 बेड वाले ट्रॉमा सेंटर को तत्काल वेंटिलेटर युक्त बेड में बदलने का निर्णय लिया गया। इसके साथ ही 100 नए वेंटिलेटर खरीदने की स्वीकृति भी दी गई है। मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए एक और नई एमआरआई मशीन की खरीदारी का प्रस्ताव भी विभाग को भेजा गया है।

पेयजल और सफाई पर सख्ती

परिषद ने माना कि रिम्स परिसर में पेयजल और स्वच्छता की समस्या गंभीर है। इसके समाधान के लिए दैनिक साफ-सफाई और जल आपूर्ति की मॉनिटरिंग का आदेश दिया गया है। अब स्वच्छता और पेयजल व्यवस्था की मासिक रिपोर्ट सीधे निदेशक को सौंपी जाएगी।

बायोमेट्रिक से दर्ज होगी उपस्थिति

अस्पताल में चिकित्सकों और कर्मचारियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए बायोमेट्रिक अटेंडेंस सिस्टम लागू करने का फैसला लिया गया। अब सभी कर्मियों की हाजिरी बायोमेट्रिक मशीन से दर्ज होगी।

रिक्त पदों पर होगी नियुक्ति

बैठक में चिकित्सा संवर्ग के असिस्टेंट प्रोफेसर के रिक्त पदों को शीघ्र भरने के लिए साक्षात्कार आयोजित करने की स्वीकृति दी गई। वहीं प्रोफेसर, अपर प्राध्यापक और सह-प्राध्यापक जैसे वरिष्ठ पदों की नियुक्ति के लिए चार सदस्यीय समिति का गठन किया गया है। इस समिति में रांची विश्वविद्यालय के कुलपति, एम्स देवघर के निदेशक, रिम्स के डीन और शिशु रोग विभागाध्यक्ष डॉ. राजीव मिश्रा शामिल होंगे।

बनेगा एडवाइजरी बोर्ड

रिम्स को देश की अग्रणी चिकित्सा संस्थाओं की बराबरी पर लाने के लिए एडवाइजरी बोर्ड गठित करने पर भी सहमति बनी। यह बोर्ड संस्थान की गुणवत्ता सुधार और नीतिगत सुझाव देगा। बैठक में उच्च न्यायालय द्वारा गठित अधिवक्ताओं की समिति की रिपोर्ट पर भी चर्चा हुई और तय किया गया कि सभी निर्देशों का कड़ाई से पालन किया जाएगा।