Newshaat_Logo

जनता दरबार में आम लोगों की समस्याओं पर सुनवाई, जमीन मामलों में लापरवाही पर कार्रवाई के निर्देश

Ranchi: जनता दरबार का सबसे भावुक क्षण तब देखने को मिला जब रांची निवासी दिव्यांग शाहनवाज आलम अपनी समस्या लेकर पहुंचे. पैरों से चलने में असमर्थ शाहनवाज ने दैनिक जीवन में हो रही परेशानियों की जानकारी उपायुक्त को दी. मामले को गंभीरता से लेते हुए उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री ने तत्काल उनके दस्तावेजों की जांच करायी और कुछ ही देर में उन्हें इलेक्ट्रिक ट्राईसाइकिल उपलब्ध करा दी.
 
JHARKHAND

Ranchi: राज्य सरकार के जनता दरबार में एक बार फिर आम लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुना गया. कार्यक्रम के दौरान जहां एक ओर दिव्यांग और जरूरतमंद लोगों को तत्काल राहत देने की पहल की गई, वहीं जमीन विवाद और लंबित मामलों पर अधिकारियों को सख्त कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए.

JANATA DARBAR IN RANCHI

समस्याओं का तुरंत समाधान

जनता दरबार का सबसे भावुक क्षण तब देखने को मिला जब रांची निवासी दिव्यांग शाहनवाज आलम अपनी समस्या लेकर पहुंचे. पैरों से चलने में असमर्थ शाहनवाज ने दैनिक जीवन में हो रही परेशानियों की जानकारी उपायुक्त को दी. मामले को गंभीरता से लेते हुए उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री ने तत्काल उनके दस्तावेजों की जांच करायी और कुछ ही देर में उन्हें इलेक्ट्रिक ट्राईसाइकिल उपलब्ध करा दी.

जनता दरबार में दूर-दराज से पहुंचे लोगों ने अपनी समस्याएं मुख्यमंत्री और प्रशासनिक अधिकारियों के सामने रखीं. कई मामलों में मौके पर ही संबंधित विभागों को समाधान के निर्देश दिए गए. खासकर दिव्यांग व्यक्तियों, वृद्धों और आर्थिक रूप से कमजोर लोगों की समस्याओं को प्राथमिकता देते हुए तत्काल सहायता उपलब्ध कराने की बात कही गई.

उपायुक्त खुद शाहनवाज को ट्राईसाइकिल तक लेकर गए और कार्यालय परिसर से बाहर तक छोड़ा. नई ट्राईसाइकिल मिलने के बाद शाहनवाज के चेहरे पर खुशी साफ दिखाई दी.

अधिकारियों को पारदर्शिता बरतने की चेतावनी

जनता दरबार में भूमि संबंधी शिकायतें भी प्रमुखता से उठीं. अनगड़ा निवासी सेवाराम महतो ने जमीन म्यूटेशन में गड़बड़ी की शिकायत की. जांच में दस्तावेजों को नजरअंदाज कर एक व्यक्ति के नाम पर म्यूटेशन किए जाने की बात सामने आने पर उपायुक्त ने संबंधित तत्कालीन कर्मचारी के खिलाफ आरोप पत्र गठित करने का निर्देश दिया. उन्होंने इसे गंभीर त्रुटि बताते हुए अंचल अधिकारियों को पारदर्शिता बरतने की चेतावनी दी.

कार्यक्रम के दौरान जमीन विवाद, अतिक्रमण और लंबित दाखिल-खारिज मामलों को लेकर सरकार ने कड़ा रुख दिखाया. अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया गया कि भूमि संबंधी मामलों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और तय समय सीमा के भीतर कार्रवाई सुनिश्चित करनी होगी.

सरकार ने कहा कि जनता दरबार का उद्देश्य केवल शिकायत सुनना नहीं, बल्कि समयबद्ध समाधान देना है. अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि आम लोगों को दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें और उनकी समस्याओं का त्वरित निपटारा किया जाए.

जनता दरबार में बड़ी संख्या में पहुंचे लोगों ने अपनी समस्याओं के समाधान की उम्मीद जताई. कई फरियादियों ने मौके पर कार्रवाई शुरू होने पर संतोष भी व्यक्त किया.