Newshaat_Logo

झारखंड में पल-पल बदल रहा मौसम का मिजाज, 11 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

 
Heavy Rainfall in Jharkhand

Jharkhand Desk: झारखंड देश के उन राज्यों में से एक है, जहां वज्रपात एक प्राकृतिक आपदा के रूप में लोगों के ऊपर हर साल कहर बरपाता है. बंगाल की खाड़ी से निकटता की वजह से वहां बनने वाले सिस्टम की वजह से तेज हवा के झोंके, मेघगर्जन, ओलावृष्टि और अत्यधिक भारी बारिश की स्थिति बनती है. ऐसे में तात्कालिक मौसम चेतावनी जारी करने में बेहद अहम रोल 'रडार' (रेडियो डिटेक्शन एंड रेजिंग) का हो जाता है.

Radar

धरती के ठीक ऊपर कम ऊंचाई पर मौसमी हलचल की सटीक जानकारी देने में 'रडार' की भूमिका बेहद अहम हो जाती है. जिसके आधार पर मौसम केंद्र तात्कालिक मौसम की चेतावनी जारी करता है, जिससे कि क्षेत्र विशेष के लोग पहले से ही यह जान लें कि उनके क्षेत्र में वज्रपात या खराब मौसम की क्या संभावना है और यह अगले कितने घंटे तक रहेगा.

वहीं, दो सितंबर मंगलवार से झारखंड में एक बार फिर मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है. जहां अधिकांश जिलों में बादल छाए हुए है तो कहीं गरज के साथ बारिश और वज्रपात का प्रभाव देखने को मिल रहा है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने झारखंड के 10 जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी है. स्पेशल बुलेटिन जारी कर मौसम केंद्र रांची ने कहा है कि 3 जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. 

IMD

बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पश्चिमी हिस्से में बने निम्न दबाव और अपर एयर सर्कुलेशन की वजह से राजधानी रांची समेत राज्य के विभिन्न हिस्सों में बुधवार से बारिश का सिलसिला जारी है. बदलते मौसम का रुख देखते हुए मौसम विभाग ने अगले दो दिनों तक झारखंड के 11 से अधिक जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई है. 

Heavy Rain

मौसम विभाग ने 30 से 40  किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से हवाएं चल सकती है. इस दौरान रांची, गुमला, पूर्वी और पश्चिमी सिंहभूम, सिमडेगा, गढ़वा, लातेहार, लोहरदगा, पलामू, खूंटी और सरायकेला में भारी से मध्यम  दर्जे की बारिश हो सकती है. विभाग ने लोगों को सतर्क रहने और आंधी-तूफ़ान और वज्रपात से बचने की हिदायत दी है.