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सड़क पर खड़े भारी वाहन बन रहे ‘मौत का खतरा’! हादसे के बाद भी नहीं बदली तस्वीर...

Jamshedpur: सोनारी मरीन ड्राइव पर ब्रेकडाउन ट्रक से कार की टक्कर में चार युवक-युवतियों की मौत के बाद शहर की सड़कों पर खड़े भारी वाहनों को लेकर सवाल उठने लगे हैं. पड़ताल में कई प्रमुख मार्गों पर बिना पर्याप्त चेतावनी बोर्ड और रिफ्लेक्टर के ब्रेकडाउन या पार्क किए गए भारी वाहन मिले.
 
Jamshedpur

Jamshedpur: सोनारी मरीन ड्राइव पर बीच सड़क पर ब्रेकडाउन हुए ट्रक से कार की जोरदार टक्कर में चार युवक-युवतियों की मौत के बाद भी शहर की सड़कों पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। शहर के कई व्यस्त मार्गों पर अब भी खराब भारी वाहन मुख्य लेन या सड़क किनारे लंबे समय तक खड़े देखे जा रहे हैं। कई वाहनों के पीछे न तो पर्याप्त चेतावनी संकेत लगाए जा रहे हैं और न ही रिफ्लेक्टर की व्यवस्था की जा रही है।

ऐसे में खासकर रात के समय तेज रफ्तार से गुजरने वाले वाहन चालकों के लिए खतरा बढ़ जाता है। स्थानीय स्तर पर सामने आए मामलों से पता चलता है कि ब्रेकडाउन वाहनों को हटाने और उनके आसपास पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम करने में लापरवाही बरती जा रही है।

हादसे के बाद भी नहीं बदली तस्वीर

गुरुवार अलसुबह सोनारी मरीन ड्राइव पर हुए दर्दनाक हादसे में कार की सड़क पर खड़े ब्रेकडाउन ट्रक से टक्कर हो गई थी। हादसे में चार युवक-युवतियों की मौत हुई। घटना के बाद सड़क पर खराब वाहनों की सुरक्षा व्यवस्था और ट्रैफिक निगरानी को लेकर सवाल उठे हैं।

जमशेदपुर के व्यस्त मार्गों पर कई जगह ऐसे भारी वाहन देखने को मिल रहे हैं, जो खराब होने के बाद लंबे समय तक सड़क के पास या मुख्य लेन में खड़े रहते हैं। कुछ स्थानों पर वाहन के पीछे केवल पेड़ की टहनियां लगाकर संकेत देने की कोशिश की जा रही है।

दो घंटे में ब्रेकडाउन वाहन हटाने का निर्देश

सड़क पर खराब वाहनों के खड़े रहने से होने वाले हादसों को लेकर झारखंड पुलिस मुख्यालय ने भी सख्ती के निर्देश दिए हैं। एडीजी मनोज कौशिक के मुताबिक, मुख्य मार्ग पर ब्रेकडाउन वाहन को लावारिस छोड़ना गैरकानूनी है।

उन्होंने जिलों को निर्देश दिया है कि मुख्य सड़कों पर ऐसे वाहन खड़े नहीं रहने चाहिए। जरूरत पड़ने पर क्रेन की मदद से दो घंटे के भीतर ब्रेकडाउन वाहन को हटाने की व्यवस्था की जाए।

एडीजी ने यह भी माना कि फिलहाल संसाधनों की कुछ कमी है। उन्होंने कहा कि जल्द ही इस कमी को दूर कर व्यवस्था को बेहतर किया जाएगा।

मरीन ड्राइव से बर्मामाइंस तक सामने आई लापरवाही

पुराना कोर्ट रोड मोड़, मरीन ड्राइव

पुराना कोर्ट रोड मोड़ के पास मरीन ड्राइव में वाहन संख्या JH 01 BN 7528 के खराब होने की जानकारी सामने आई। वाहन के पीछे स्लाइडर लगाया गया था, लेकिन चालक के मौके से चले जाने के बाद वाहन काफी समय तक मुख्य मार्ग पर खड़ा रहा।

बर्मामाइंस सुनसुनिया गेट

बर्मामाइंस सुनसुनिया गेट के पास मेन रोड पर दो-तीन ट्रेलर सड़क किनारे खड़े बताए गए हैं। इसके अलावा बिना चेसिस का एक खाली डाला भी सड़क के हिस्से को घेरकर पड़ा है। इसकी वाहन संख्या NL 01G 6232 बतायी गयी है।

आरडी टाटा टेक्निकल इंस्टीट्यूट के पास

बर्मामाइंस मेन रोड पर आरडी टाटा टेक्निकल इंस्टीट्यूट की दीवार के पास एक क्रेन खड़ी होने की बात सामने आई है। सड़क के दूसरे हिस्से की स्थिति भी खराब है और मरम्मत कार्य के कारण रास्ता संकरा है। इससे जाम के साथ-साथ दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।

सोनारी मरीन ड्राइव

शनिवार शाम सोनारी मरीन ड्राइव पर एक ट्रिप ट्रेलर के बीच सड़क पर ब्रेकडाउन होने की जानकारी सामने आई। बताया गया कि पीछे से वाहन का नंबर प्लेट भी स्पष्ट रूप से दिखाई नहीं दे रहा था। स्थानीय लोगों के मुताबिक, बिंदल मॉल के आगे भी दो ट्रक कई दिनों से सड़क किनारे खड़े हैं।

खराब वाहन के पीछे चेतावनी संकेत लगाना जरूरी

सड़क पर खराब वाहन खड़ा होने की स्थिति में दूसरे वाहन चालकों को पर्याप्त दूरी से इसकी जानकारी मिलना जरूरी है। इसके लिए वाहन के इंडिकेटर और चेतावनी संकेतों का इस्तेमाल किया जाना चाहिए।

दिए गए विवरण के मुताबिक, मोटर वाहन नियमों के तहत खराब वाहन के पीछे लाल रिफ्लेक्टिव ट्रायंगल लगाने की व्यवस्था है। केवल पेड़ की टहनी या पत्थर रखकर वाहन के खराब होने का संकेत देना सुरक्षित तरीका नहीं है।

जिम्मेदारी किसकी?

ब्रेकडाउन वाहन को सड़क पर लंबे समय तक लावारिस छोड़ने की प्राथमिक जिम्मेदारी चालक और वाहन मालिक की होती है। यदि वाहन को तत्काल हटाना संभव नहीं है, तो उसके आसपास पर्याप्त चेतावनी संकेत और सुरक्षा व्यवस्था करना जरूरी है।

वहीं, लंबे समय तक सड़क पर खड़े ऐसे वाहनों की जानकारी मिलने पर ट्रैफिक पुलिस द्वारा कार्रवाई और जरूरत पड़ने पर क्रेन से वाहन हटाने की व्यवस्था की जानी चाहिए।

हादसे के बाद कार्रवाई की जरूरत

सोनारी मरीन ड्राइव हादसे में चार लोगों की मौत ने एक बार फिर सड़क पर खड़े ब्रेकडाउन और भारी वाहनों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं। पुलिस मुख्यालय के दो घंटे के भीतर ऐसे वाहनों को हटाने के निर्देश के बाद अब निगरानी और उसके अनुपालन पर नजर रहेगी।

व्यस्त सड़कों पर ब्रेकडाउन वाहनों के लिए रिफ्लेक्टर, चेतावनी संकेत और तत्काल क्रेन व्यवस्था सुनिश्चित करना दुर्घटनाओं के जोखिम को कम करने के लिए अहम माना जा रहा है।