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Hemant Soren Case: हाईकोर्ट से CM हेमंत को झटका! मनी लॉन्ड्रिंग केस में सुनवाई पर रोक से इनकार

Ranchi: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को बड़गाईं की 8.86 एकड़ जमीन से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में झारखंड हाईकोर्ट से राहत नहीं मिली है. अदालत ने निचली अदालत में चल रही कार्यवाही पर रोक लगाने की मांग को खारिज कर दिया है. हाईकोर्ट ने निचली अदालत द्वारा हेमंत सोरेन की डिस्चार्ज याचिका खारिज करने के आदेश को बरकरार रखा है.
 
JHARKHAND

Ranchi:  झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को बड़गाईं जमीन से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में झारखंड हाई कोर्ट से तत्काल राहत नहीं मिली है। अदालत ने मामले की निचली अदालत में चल रही कार्यवाही पर रोक लगाने की मांग स्वीकार नहीं की। यह मामला रांची के बड़गाईं अंचल की 8.86 एकड़ जमीन से संबंधित है।

The Supreme Court rejected Hemant's petition

डिस्चार्ज याचिका पर 14 अक्टूबर को सुनवाई

हेमंत सोरेन की ओर से मामले में डिस्चार्ज याचिका से जुड़े हाई कोर्ट में दाखिल मामले पर अगली सुनवाई 14 अक्टूबर को होगी। वहीं, निचली अदालत में मामले में आरोप गठन को लेकर सुनवाई 19 सितंबर को निर्धारित है।

डिस्चार्ज याचिका के जरिए आरोपी पक्ष की ओर से मामले में आगे की आपराधिक कार्यवाही से राहत की मांग की गई है। हाई कोर्ट से तत्काल रोक नहीं मिलने के बाद निचली अदालत की प्रक्रिया अपने निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आगे बढ़ सकती है।

8.86 एकड़ जमीन से जुड़ा है मामला

पूरा मामला रांची के बड़गाईं अंचल में स्थित 8.86 एकड़ जमीन को लेकर है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) की ओर से इस मामले में जमीन के कथित अवैध अधिग्रहण और दस्तावेजों में कथित हेरफेर से जुड़े आरोप लगाए गए हैं।

हालांकि, मामले में लगाए गए आरोपों पर अंतिम न्यायिक निष्कर्ष अभी नहीं आया है। हेमंत सोरेन की ओर से आरोपों का विरोध किया गया है और डिस्चार्ज की मांग की गई है।

निचली अदालत में भी जारी है प्रक्रिया

हाई कोर्ट में राहत की मांग के साथ-साथ मामले की सुनवाई निचली अदालत में भी जारी है। 19 सितंबर को आरोप गठन के मुद्दे पर सुनवाई निर्धारित है।

आरोप गठन का चरण यह तय करने से जुड़ा होता है कि उपलब्ध सामग्री के आधार पर आरोपी के खिलाफ मुकदमा आगे चलाने के लिए प्रथम दृष्टया आधार बनता है या नहीं। इस चरण पर अदालत का निर्णय मामले की आगे की न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित करेगा।

आगे की सुनवाई पर नजर

अब इस मामले में 19 सितंबर की निचली अदालत की सुनवाई और 14 अक्टूबर को हाई कोर्ट में होने वाली सुनवाई पर नजर रहेगी। हाई कोर्ट में हेमंत सोरेन की डिस्चार्ज याचिका पर आगे की कार्यवाही के बाद मामले की कानूनी स्थिति और स्पष्ट होगी।