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Hemant Soren Case: हेमंत सोरेन को कोर्ट से 6 दिन की मोहलत, 30 सितंबर को आरोप गठन पर सुनवाई

Ranchi:  मनी लॉन्ड्रिंग मामले में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन गुरुवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए ईडी के विशेष न्यायाधीश योगेश कुमार की अदालत में पेश हुए. उन्होंने अभियोजन पक्ष के कुछ दस्तावेजों का अवलोकन करने के लिए समय मांगा. अदालत ने छह दिन का समय देते हुए मामले की अगली सुनवाई 30 सितंबर को सुबह 11:15 बजे निर्धारित की है.
 
JHARKHAND

Ranchi:  बड़गाईं अंचल की 8.86 एकड़ जमीन से जुड़े कथित फर्जीवाड़े और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर आरोप गठन को लेकर गुरुवार को ईडी के विशेष न्यायाधीश योगेश कुमार की अदालत में सुनवाई हुई। हेमंत सोरेन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत के समक्ष उपस्थित हुए।

हेमंत सोरेन। (फाइल फोटो)

सुनवाई के दौरान हेमंत सोरेन की ओर से अभियोजन पक्ष द्वारा उपलब्ध कराए गए कुछ अन-रिलाएड दस्तावेजों को देखने के लिए समय देने का आग्रह किया गया। उनकी ओर से कहा गया कि दस्तावेजों के अवलोकन के लिए उन्हें कुछ और समय की आवश्यकता है।

अदालत ने कहा- अभी आरोप गठन का चरण

दस्तावेजों के अवलोकन के लिए समय मांगे जाने पर अदालत ने स्पष्ट किया कि मामला फिलहाल आरोप गठन यानी चार्ज फ्रेमिंग के चरण में है। अदालत के अनुसार, जिन दस्तावेजों का हवाला दिया गया है, वे सीधे तौर पर इस चरण से संबंधित नहीं हैं।

हालांकि, अदालत ने हेमंत सोरेन के आग्रह और दोनों पक्षों की दलीलों को ध्यान में रखते हुए दस्तावेजों के अवलोकन के लिए छह दिन का समय दिया।

अब मामले की अगली सुनवाई 30 सितंबर 2026 को होगी। अदालत ने उस दिन सुबह 11:15 बजे सुनवाई का समय निर्धारित किया है। इसी सुनवाई में हेमंत सोरेन के खिलाफ आरोप गठन की प्रक्रिया को लेकर आगे की कार्रवाई होगी।

16 आरोपितों पर पहले ही तय हो चुके हैं आरोप

बड़गाईं जमीन से जुड़े इस मामले में मुख्य आरोपित राजस्व कर्मचारी (सीआई) भानु प्रताप प्रसाद समेत कुल 16 आरोपितों पर पहले ही आरोप तय किए जा चुके हैं। अब इस मामले में हेमंत सोरेन के खिलाफ आरोप गठन की प्रक्रिया बाकी बताई गई है।

अदालत की अगली सुनवाई में यह स्पष्ट होगा कि मामले में हेमंत सोरेन के खिलाफ आरोप किस आधार पर और किस प्रक्रिया के तहत तय किए जाते हैं।

अदालत और हेमंत सोरेन के बीच हुआ संवाद

सुनवाई के दौरान अदालत और हेमंत सोरेन के बीच संवाद भी हुआ। हेमंत सोरेन की ओर से अदालत के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए कहा गया कि वह अदालत के आदेशों और कानून का पूरा सम्मान करते हैं।

इस पर न्यायाधीश ने कहा कि अदालत भी कानून का सम्मान करती है और कानून के दायरे में रहकर ही आगे की प्रक्रिया पूरी करनी होती है।

सुनवाई के दौरान हेमंत सोरेन ने यह भी कहा कि “आज मन बहुत व्यथित है” और उन्होंने दस्तावेजों को देखने के लिए बार-बार समय देने का आग्रह किया।

अब सभी की नजरें 30 सितंबर को होने वाली सुनवाई पर हैं, जहां बड़गाईं जमीन मामले में हेमंत सोरेन के खिलाफ आरोप गठन को लेकर अदालत आगे की कार्रवाई करेगी।