Hemant Soren Court: बड़गांई जमीन केस में आज CM हेमंत सोरेन की पेशी...PMLA Court में क्या होगा?
Ranchi: राजधानी रांची के चर्चित बड़गांई अंचल की 8.86 एकड़ जमीन से जुड़े मामले में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की आज पीएमएलए की विशेष अदालत में पेशी होनी है। न्यायाधीश योगेश कुमार की अदालत में मामले में आरोप गठन को लेकर बहस होगी। इससे पहले 21 सितंबर को मुख्यमंत्री को अदालत में पेश होना था, लेकिन तकनीकी कारणों से उस दिन सुनवाई नहीं हो सकी थी।

बड़गांई जमीन मामले में पीएमएलए की विशेष अदालत कई सह-आरोपियों के खिलाफ पहले ही आरोप गठन कर चुकी है। इनमें अंतू तिर्की, आर्किटेक्ट विनोद कुमार सिंह, पूर्व राजस्व उप निरीक्षक भानु प्रताप प्रसाद, तापस घोष, शेखर कुशवाहा, मोहम्मद सद्दाम हुसैन, अफसर अली, मोहम्मद इरशाद अख्तर, कुमार राजश्री, मनोज कुमार यादव, प्रियरंजन सहाय, विपिन सिंह, विजेंद्र सिंह और संजीत कुमार समेत अन्य के नाम शामिल हैं।
19 सितंबर को नहीं हो सकी थी पेशी
इस मामले में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पहले 19 सितंबर को पीएमएलए कोर्ट में पेश होना था। हालांकि, उनके अधिवक्ता ने मुख्यमंत्री की व्यस्तता का हवाला देते हुए उस दिन पेशी से असमर्थता जताई थी। इसके बाद न्यायाधीश योगेश कुमार ने पेशी के लिए 21 सितंबर की तारीख निर्धारित की थी।
लेकिन 21 सितंबर को तकनीकी कारणों से सुनवाई नहीं हो सकी। अब अदालत में आज मामले की आगे की कार्रवाई होनी है।
हाईकोर्ट से पेशी में छूट की मांग खारिज
बड़गांई की 8.86 एकड़ जमीन से जुड़े कथित फर्जीवाड़े के मामले में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने झारखंड हाईकोर्ट में इंटरलोक्यूटरी एप्लीकेशन (IA) दाखिल कर पीएमएलए विशेष अदालत में पेशी से छूट देने का आग्रह किया था।
18 सितंबर 2026 को जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद की अदालत में इस आवेदन पर सुनवाई हुई। हाईकोर्ट ने मुख्यमंत्री की IA याचिका को खारिज कर दिया था। इसके बाद पीएमएलए कोर्ट में उनकी पेशी का रास्ता साफ हुआ।
जून में खारिज हो चुका है डिस्चार्ज पिटीशन
बड़गांई जमीन मामले में पीएमएलए की विशेष अदालत ने 8 जून 2026 को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की ओर से दाखिल डिस्चार्ज पिटीशन खारिज कर दी थी।
अदालत ने उस स्तर पर ईडी की ओर से प्रस्तुत सामग्री के आधार पर प्रथम दृष्टया मामला बनता हुआ माना था। इसके बाद मुख्यमंत्री की ओर से इस आदेश को झारखंड हाईकोर्ट में चुनौती दी गई।
हेमंत सोरेन की ओर से दाखिल क्रिमिनल रिवीजन याचिका में विशेष अदालत के आदेश को रद्द करने और मामले में चल रही आपराधिक कार्यवाही पर रोक लगाने का आग्रह किया गया है।
अब आरोप गठन पर होगी बहस
मामले में आज पीएमएलए की विशेष अदालत में आरोप गठन को लेकर बहस होगी। अदालत में होने वाली इस कार्रवाई पर सभी की नजरें रहेंगी। हालांकि, मामले में आरोपों और न्यायिक प्रक्रिया के अंतिम निष्कर्ष को अदालत के फैसले के आधार पर ही देखा जाएगा।







