Jharkhand में Janmashtami को लेकर हाई अलर्ट! पुलिस की पैनी नजर, Special Branch ने जारी किए निर्देश
Janmashtami News: श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को लेकर झारखंड पुलिस मुख्यालय ने राज्यभर में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। 4 सितंबर 2026 को जन्माष्टमी मनाई जाएगी। इस दौरान मंदिरों में देर रात तक पूजा-अर्चना, श्रद्धालुओं की भीड़, दही-हांडी प्रतियोगिता, मेले और सांस्कृतिक कार्यक्रमों को देखते हुए पुलिस-प्रशासन को पहले से सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है।

झारखंड पुलिस की विशेष शाखा ने सभी संबंधित पुलिस अधिकारियों को पत्र भेजकर संभावित विधि-व्यवस्था संबंधी चुनौतियों की जानकारी जुटाने, संवेदनशील स्थानों को चिह्नित करने और आवश्यक सुरक्षा इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं।
विशेष शाखा ने जारी किया पत्र
आईजी विशेष शाखा, झारखंड की ओर से जारी पत्र में जिलों को निर्देश दिया गया है कि उनके क्षेत्र में जन्माष्टमी के अवसर पर आयोजित होने वाले सभी प्रमुख कार्यक्रमों की जानकारी पहले से जुटाई जाए।
पुलिस को मंदिरों में होने वाली पूजा-अर्चना, दही-हांडी प्रतियोगिता, मेले और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन स्थल, आयोजकों और संभावित भीड़ की जानकारी एकत्र करने को कहा गया है। इसके आधार पर सुरक्षा बलों की तैनाती और अन्य आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।
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इसके साथ ही 2021 से 2025 के बीच जन्माष्टमी के दौरान हुई घटनाओं की भी समीक्षा करने को कहा गया है, ताकि पूर्व में विधि-व्यवस्था संबंधी समस्या वाले क्षेत्रों की पहचान कर पहले से तैयारी की जा सके।
सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट की होगी निगरानी
जन्माष्टमी के दौरान WhatsApp, Facebook और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।
विशेष शाखा ने ऐसे ग्रुप और अकाउंट की जानकारी जुटाने को कहा है, जहां किसी समुदाय, धर्म या जाति की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली टिप्पणी या नफरत फैलाने वाली सामग्री प्रसारित की जाती हो।
ऐसे मामलों में संबंधित ग्रुप या अकाउंट की जानकारी, मोबाइल नंबर समेत जरूरी विवरण जुटाकर समय रहते कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस को सोशल मीडिया पर भड़काऊ कंटेंट के जरिए सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिशों को रोकने के लिए लगातार निगरानी रखने को कहा गया है।
रात में मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर विशेष जोर
जन्माष्टमी के अवसर पर कई मंदिरों में मध्य रात्रि में विशेष पूजा और कार्यक्रम आयोजित होते हैं। ऐसे में देर रात तक महिलाओं, युवतियों और अन्य श्रद्धालुओं के मंदिर आने-जाने की संभावना को देखते हुए पुलिस गश्ती बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।
जिन स्थानों पर छेड़खानी, छींटाकशी या अन्य अप्रिय घटनाओं की आशंका हो, वहां विशेष निगरानी रखने को कहा गया है। पूजा स्थलों तक जाने वाले रास्तों पर पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
दही-हांडी प्रतियोगिता में सुरक्षा का रखा जाएगा ध्यान
दही-हांडी प्रतियोगिताओं को लेकर भी पुलिस को विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं। कमजोर या कम ऊंचाई वाले भवनों तथा बिजली के तारों के आसपास दही-हांडी कार्यक्रम नहीं होने देने पर विशेष ध्यान देने को कहा गया है।
कार्यक्रम से पहले आयोजकों और स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय कर स्थल का निरीक्षण और सुरक्षा व्यवस्था की जांच करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि बिजली से संबंधित दुर्घटनाओं समेत अन्य हादसों को रोका जा सके।
अफवाह फैलने पर तत्काल कार्रवाई
विशेष शाखा ने अफवाहों के कारण अचानक उत्पन्न होने वाली स्थिति, जैसे भगदड़, से निपटने के लिए पहले से प्रभावी व्यवस्था तैयार रखने को कहा है।
अफवाह फैलने की स्थिति में उसके स्रोत की पहचान कर त्वरित कार्रवाई करने और स्थिति को जल्द सामान्य करने पर जोर दिया गया है।
पर्व के दौरान शराबबंदी के लिए आवश्यक आदेश जारी करने के साथ अवैध शराब, प्रतिबंधित मांस की बिक्री और जुआ अड्डों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई करने की आवश्यकता भी बताई गई है।
DJ और भड़काऊ नारों पर भी रहेगी नजर
जन्माष्टमी के दौरान लाउडस्पीकर और DJ पर बजने वाले उत्तेजक गानों, भड़काऊ नारों और अन्य आपत्तिजनक गतिविधियों पर भी पुलिस की नजर रहेगी।
पुलिस को परिस्थितियों के अनुसार निरोधात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। ऐसे इलाकों में विशेष निगरानी रखने को कहा गया है जहां छेड़खानी या छींटाकशी की आशंका अधिक रहती है और जहां रात में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का आवागमन होता है।
शांतिपूर्ण आयोजन सुनिश्चित करना लक्ष्य
जन्माष्टमी को लेकर जारी सुरक्षा निर्देशों का मुख्य उद्देश्य राज्यभर में धार्मिक आयोजनों को शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से संपन्न कराना है। पुलिस को स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार सुरक्षा योजना तैयार करने, संवेदनशील स्थानों की पहचान करने और किसी भी संभावित स्थिति से निपटने के लिए पहले से तैयारी रखने को कहा गया है।
त्योहार के दौरान भीड़ प्रबंधन, सोशल मीडिया मॉनिटरिंग, रात की गश्ती और कार्यक्रम स्थलों की सुरक्षा पर विशेष फोकस रहेगा।







