JPSC में कैसे हुआ OMR घोटाला? यूपी कनेक्शन ने खोली पूरी पोल
JPSC-JSSC scam: JPSC घोटाले की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है. CID के अनुसार, यूपी की परीक्षा गड़बड़ी से जुड़े आरोपी से कथित तौर पर OMR शीट में हेरफेर के तरीके को लेकर मदद ली गई और इसी मॉडल पर JPSC में गड़बड़ी की योजना तैयार की गई. जांच एजेंसी OMR शीट, डिजिटल डेटा और परीक्षा प्रक्रिया...
JPSC-JSSC scam: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) नियुक्ति घोटाले और JSSC CGL परीक्षा में कथित गड़बड़ी की जांच के दौरान बड़ा खुलासा हुआ है। CID की जांच में सामने आया है कि उत्तर प्रदेश में परीक्षा से जुड़ी कथित गड़बड़ियों में शामिल रहा मो. उस्मान JPSC परीक्षा में कथित हेरफेर के नेटवर्क का अहम हिस्सा था। जांच एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस पूरे खेल में कौन-कौन लोग शामिल थे और परीक्षा प्रक्रिया के किस स्तर पर गड़बड़ी की गई।
यूपी में OMR से गड़बड़ी का आरोप, JPSC में मिला काम
जांच के अनुसार, मो. उस्मान उत्तर प्रदेश में एक दूसरी कंपनी के साथ काम करता था। वहां आयोजित परीक्षाओं में OMR शीट से कथित छेड़छाड़ किए जाने की जानकारी TDPL के निदेशक रामवीर सिंह को मिली थी।
आरोप है कि इसके बाद रामवीर सिंह ने उस्मान को JPSC से जुड़े काम के लिए बुलाया। उसे TDPL का कर्मचारी बताया गया, जबकि वह मूल रूप से दूसरी कंपनी से जुड़ा हुआ था और बाद में TDPL ने उसे हायर किया था।
CID की जांच में यह भी सामने आया है कि उस्मान के साथ तीन अन्य लोगों की मदद से JPSC अभ्यर्थियों की OMR शीट में कथित तौर पर हेरफेर की जाती थी।
OMR की PDF और मूल डेटा में भी छेड़छाड़ का आरोप
जांच एजेंसी के अनुसार, कथित गड़बड़ी केवल OMR शीट तक सीमित नहीं थी। आरोप है कि OMR की PDF में बदलाव करने के साथ-साथ मूल डेटा में भी छेड़छाड़ की जाती थी।
CID अब इस बात की जांच कर रही है कि OMR से संबंधित डेटा में बदलाव किस स्तर पर किया जाता था और इसके लिए किन तकनीकी साधनों का इस्तेमाल किया गया। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि कथित हेरफेर से कितने अभ्यर्थियों को फायदा पहुंचाया गया।
रामवीर सिंह पर लगे गंभीर आरोप
मामले में गिरफ्तार मो. उस्मान और एक अन्य आरोपी ने रामवीर सिंह पर सीधे तौर पर आरोप लगाए हैं। JPSC की उप-परीक्षा नियंत्रक श्वेता कुमारी ने भी अपने बयान में TDPL के निदेशक को कथित गड़बड़ी का मुख्य कर्ताधर्ता बताया है।
हालांकि, CID अब इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से जांच कर रही है। जांच का एक अहम पहलू यह भी है कि क्या JPSC परीक्षा में कथित गड़बड़ी केवल OMR शीट तक सीमित थी या मुख्य परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं में भी किसी तरह का हेरफेर किया गया।
यूपी की परीक्षाओं में हुई गड़बड़ी की भी होगी जांच
JPSC घोटाले में यूपी कनेक्शन सामने आने के बाद CID अब उत्तर प्रदेश में आयोजित उन परीक्षाओं की भी जांच कर रही है, जिनसे उस्मान के जुड़े होने की बात सामने आई है।
जांच एजेंसी यह सत्यापित करने में जुटी है कि यूपी में परीक्षा प्रक्रिया में वास्तव में किस तरह की गड़बड़ी हुई थी और उसमें शामिल लोगों की भूमिका क्या थी। इसके जरिए JPSC मामले में कथित तौर पर अपनाए गए तरीके की कड़ियों को जोड़ने की कोशिश की जा रही है।
JPSC पेपर लीक मामले में एक और गिरफ्तारी
इधर, JPSC पेपर लीक मामले में CID ने रविवार को गिरिडीह के बेंगाबाद थाना क्षेत्र से समीर कुमार को गिरफ्तार किया है। इसके अलावा दिल्ली से गिरफ्तार किए गए दो आरोपियों से भी लगातार पूछताछ की जा रही है।
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने वेबेल, उससे जुड़ी संस्था INS और कुछ अन्य कंपनियों के बारे में जानकारी दी है। आरोपियों का दावा है कि वे केवल निचले स्तर पर काम करते थे, जबकि मुख्य स्तर पर काम और JSSC से संबंधित बातचीत वेबेल कंपनी के निदेशक मिथिलेश सिंह और दो अन्य लोगों द्वारा की जाती थी।
CID अब आरोपियों के बयानों, दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों का मिलान कर पूरे नेटवर्क की भूमिका की जांच कर रही है।
जांच जारी, आगे और खुलासे की संभावना
JPSC नियुक्ति घोटाले और JSSC CGL परीक्षा में कथित गड़बड़ी की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, इसमें कई लोगों की भूमिका सामने आ रही है। OMR शीट में कथित हेरफेर, डिजिटल डेटा में बदलाव और अलग-अलग कंपनियों के बीच कनेक्शन की जांच की जा रही है।
फिलहाल CID की जांच जारी है और आरोपियों से पूछताछ के आधार पर इस कथित परीक्षा घोटाले के पूरे नेटवर्क की तस्वीर स्पष्ट करने का प्रयास किया जा रहा है। मामले में सामने आए आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगी।







