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अनशन खत्म, संघर्ष जारी! देवेंद्र नाथ महतो ने जल ग्रहण किया, सोनम वांगचुक से की वीडियो कॉल पर बातचीत

Ranchi: रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में भूख हड़ताल पर बैठे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने शिक्षा सुधारक और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक से वीडियो कॉल पर बातचीत के बाद जल ग्रहण किया. हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी अन्य मांगें पूरी होने तक आंदोलन और सत्याग्रह जारी रहेगा.
 
JHARKHAND

Ranchi: झारखंड में JPSC, JSSC और CGL परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की सीबीआई जांच की मांग को लेकर जारी छात्र आंदोलन के बीच बुधवार को बड़ा घटनाक्रम सामने आया. राजधानी रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में भूख हड़ताल पर बैठे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने शिक्षा सुधारक और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक से वीडियो कॉल पर बातचीत के बाद जल ग्रहण किया. हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी अन्य मांगें पूरी होने तक आंदोलन और सत्याग्रह जारी रहेगा.

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वीडियो कॉल पर सोनम वांगचुक ने जताया समर्थन

बुधवार को लद्दाख के प्रसिद्ध शिक्षा सुधारक और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने वीडियो कॉल के माध्यम से देवेंद्र नाथ महतो से बातचीत की. इस दौरान उन्होंने छात्र आंदोलन का समर्थन करते हुए कहा कि यह संघर्ष किसी व्यक्तिगत लाभ के लिए नहीं, बल्कि छात्रों के अधिकारों और शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए है.

सोनम वांगचुक ने कहा कि पूरे देश की नजर इस आंदोलन पर है और सरकार को छात्रों की मांगों पर गंभीरता से विचार करते हुए समाधान निकालना चाहिए.

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'सत्याग्रह का उद्देश्य जीवन बचाते हुए संघर्ष करना है'

बातचीत के दौरान सोनम वांगचुक ने देवेंद्र नाथ महतो से स्वास्थ्य का ध्यान रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि सत्याग्रह का उद्देश्य स्वयं को नुकसान पहुंचाना नहीं, बल्कि समाज और सरकार की अंतरात्मा को जगाना है।

उन्होंने सलाह दी कि अनशन के दौरान कम से कम पानी, नमक, नींबू या अन्य आवश्यक तरल पदार्थ लेते रहना चाहिए, ताकि आंदोलन लंबा और प्रभावी ढंग से जारी रखा जा सके. उन्होंने महात्मा गांधी के उपवासों का उदाहरण देते हुए कहा कि आंदोलनकारियों का स्वस्थ रहना संघर्ष की सफलता के लिए जरूरी है.

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2 अगस्त से अन्न और जल दोनों का किया था त्याग

देवेंद्र नाथ महतो ने बातचीत के दौरान बताया कि वह 25 जुलाई से सत्याग्रह पर हैं और 2 अगस्त से अन्न और जल दोनों का त्याग कर चुके थे. उन्होंने कहा कि लगातार अनशन की वजह से उनकी तबीयत बिगड़ रही है. शरीर में कमजोरी, सिर दर्द और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं बढ़ रही हैं.

उन्होंने यह भी बताया कि डॉक्टरों ने उनका शुगर लेवल और ब्लड प्रेशर लगातार गिरने की चेतावनी दी थी, लेकिन अब तक उन्होंने किसी की सलाह नहीं मानी थी.

'आप मेरे आदर्श हैं, इसलिए आपकी बात मानूंगा'

देवेंद्र नाथ महतो ने भावुक होकर कहा कि सोनम वांगचुक उनके आदर्श रहे हैं और जंतर-मंतर पर उनके आंदोलनों से उन्हें प्रेरणा मिली है. उन्होंने कहा कि यदि सोनम वांगचुक उनके आंदोलन का समर्थन जारी रखने और समय-समय पर मार्गदर्शन देने का भरोसा देंगे, तभी वह जल ग्रहण करेंगे.

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इस पर सोनम वांगचुक ने उन्हें आश्वस्त करते हुए कहा कि वह छात्रों के शांतिपूर्ण आंदोलन के साथ खड़े हैं और आगे भी हर संभव नैतिक समर्थन देते रहेंगे.

वीडियो कॉल के दौरान ही किया जल ग्रहण

सोनम वांगचुक के लगातार आग्रह के बाद देवेंद्र नाथ महतो ने वीडियो कॉल के दौरान ही जल ग्रहण किया. हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका सत्याग्रह समाप्त नहीं हुआ है और JPSC, JSSC तथा CGL परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की सीबीआई जांच, दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और छात्रों की मांगों के पूरा होने तक आंदोलन जारी रहेगा.

छात्रों से शांतिपूर्ण आंदोलन जारी रखने की अपील

वीडियो कॉल के अंत में सोनम वांगचुक ने आंदोलन में शामिल सभी छात्रों से लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से संघर्ष जारी रखने की अपील की. उन्होंने कहा कि आंदोलन को मजबूत बनाए रखने के लिए आंदोलनकारियों का स्वस्थ रहना जरूरी है.

उन्होंने भरोसा जताया कि यदि आंदोलन शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से चलता रहा तो सरकार को छात्रों की मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेने के लिए मजबूर होना पड़ेगा. साथ ही उन्होंने कहा कि वह आगे भी छात्रों के संपर्क में रहेंगे और उनके संघर्ष का समर्थन करते रहेंगे.