बाल-बाल बची दिल्ली! अगर साजिश सफल हो जाती तो दिल्ली में हो जाता बड़ा धमाका, झारखंड में पुलिस की रेड, ISIS का आतंकी मॉड्यूल
मुंबई के आफताब अंसारी और अबू सुफियान (दोनों दिल्ली के निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन से पकड़े गए, जिनके पास पिस्टल और डिजिटल डिवाइस बरामद), हूजैफा यामन (तेलंगाना से) और कमरान कुरैशी (मध्य प्रदेश से). ये सभी 20-26 वर्ष के युवा हैं.
मुंबई के आफताब अंसारी और अबू सुफियान (दोनों दिल्ली के निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन से पकड़े गए, जिनके पास पिस्टल और डिजिटल डिवाइस बरामद), हूजैफा यामन (तेलंगाना से) और कमरान कुरैशी (मध्य प्रदेश से). ये सभी 20-26 वर्ष के युवा हैं.
Jharkhand Desk: दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने ISIS मॉड्यूल आतंकियों से पूछताछ के बाद झारखंड में छापेमारी कर भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री बरामद की है. स्पेशल सेल ने ये कार्रवाई हाल ही में झारखंड से गिरफ्तार ISIS मॉड्यूल के गिरफ्तार आतंकियों से पूछताछ के आधार पर की है.
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दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने आईएसआईएस (ISIS) से प्रेरित एक खतरनाक आतंकी मॉड्यूल को ध्वस्त कर दिया है, जो दिल्ली में बड़े हमले की साजिश रच रहा था. अगर इनकी साजिश सफल होती तो ये दिल्ली में बड़ा धमाका कर सकते थे. 10 सितंबर 2025 को शुरू हुई संयुक्त कार्रवाई में झारखंड, दिल्ली, मुंबई, मध्य प्रदेश और हैदराबाद में छापेमारी की गई, जिसमें 5 संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया गया. इनमें मुख्य आरोपी अशहर दानिश (23 वर्षीय अंग्रेजी स्नातक, बोकारो निवासी) शामिल है.

दानिश के रांची स्थित ठिकाने से भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री, जिसमें पोटेशियम नाइट्रेट, नाइट्रिक एसिड, हाइड्रोक्लोरिक एसिड, धातु और बैल बेयरिंग्स बरामद हुईं. यह सामग्री आईईडी (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) बनाने के लिए इस्तेमाल होती है. कार्रवाई की शुरुआत दिल्ली पुलिस को मिली खुफिया जानकारी से हुई, जिसमें दानिश और उसके साथियों के पाकिस्तानी हैंडलर से संपर्क का खुलासा हुआ.
दानिश पिछले 18 महीनों से रांची के तबरक लॉज में छिपा हुआ था और सिग्नल व टेलीग्राम जैसे एन्क्रिप्टेड ऐप्स के जरिए भर्ती और प्रोपगैंडा चला रहा था. पूछताछ में पता चला कि यह गिरोह ‘खिलाफत’ मॉड्यूल चला रहा था, जिसमें युवाओं को रेडिकलाइज कर रासायनिक हथियार बनाने का प्रशिक्षण दिया जाता था.

मुंबई के आफताब अंसारी और अबू सुफियान (दोनों दिल्ली के निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन से पकड़े गए, जिनके पास पिस्टल और डिजिटल डिवाइस बरामद), हूजैफा यामन (तेलंगाना से) और कमरान कुरैशी (मध्य प्रदेश से). ये सभी 20-26 वर्ष के युवा हैं. 11 सितंबर को पटियाला हाउस कोर्ट ने दानिश और कुरैशी को 12 दिन की रिमांड पर पुलिस को सौंप दिया. पूछताछ से दिल्ली को दहलाने की साजिश का पता चला, जिसमें आईईडी से हमला कर भागने की योजना थी.

झारखंड एटीएस एसपी ऋषभ झा ने बताया कि दानिश के पास से ‘बमों का क्लासरूम‘ बरामद हुआ, जिसमें विस्फोटक बनाने की पूरी सामग्री थी. रांची, पलामू और अंगारा में अतिरिक्त छापे में 8-10 संदिग्ध हिरासत में लिया गया. दिल्ली पुलिस के अनुसार, यह मॉड्यूल 2023 के झारखंड रेड्स से जुड़ा हो सकता है, जहां आईएसआईएस ने ट्रेनिंग बेस बनाने की कोशिश की थी. केंद्रीय एजेंसियों के साथ मिलकर इनके फंडिंग चैनल और विदेश से इनके कनेक्शन की जांच की जा रही है. यह कार्रवाई भारत में आईएसआईएस के विस्तार को रोकने की बड़ी सफलता है, जो युवाओं को ऑनलाइन लुभाकर अपने जाल में फंसाता है. अधिकारियों ने चेतावनी दी कि साजिश अभी पूरी तरह उजागर नहीं हुई, इसलिए सतर्कता बरती जा रही है.







