बिजली गई तो अब देना होगा हिसाब! 11 और 33 KV फीडरों की रोज होगी निगरानी
Jharkhand Power Supply News: झारखंड में 24 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति के दावों के बीच अब बिजली कटौती, ब्रेकडाउन और ट्रिपिंग पर निगरानी और सख्त होने जा रही है। झारखंड ऊर्जा विकास निगम के सीएमडी के. श्रीनिवासन के निर्देश पर झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (JBVNL) ने राज्यभर के 11 KV और 33 KV फीडरों की दैनिक मॉनिटरिंग के लिए चार सदस्यीय समिति का गठन किया है।

नई व्यवस्था के तहत अब सिर्फ यह नहीं देखा जाएगा कि किसी इलाके में बिजली पहुंच रही है या नहीं, बल्कि हर फीडर का विस्तृत प्रदर्शन रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा। इसमें बिजली कितनी बार बाधित हुई, कुल कितनी देर आपूर्ति बंद रही, ट्रिपिंग कितनी बार हुई और फॉल्ट दूर करने में कितना समय लगा, जैसी जानकारी दर्ज की जाएगी।
एक घंटे से अधिक ब्रेकडाउन वाले फीडरों पर विशेष नजर
नई मॉनिटरिंग व्यवस्था में उन फीडरों को विशेष रूप से चिह्नित किया जाएगा, जहां एक घंटे से अधिक समय तक बिजली आपूर्ति बाधित रहती है। ऐसे फीडरों की अलग रिपोर्ट तैयार की जाएगी और इसे प्रतिदिन JBVNL के प्रबंध निदेशक के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।
इससे लगातार खराब प्रदर्शन करने वाले फीडरों और बिजली आपूर्ति की समस्या वाले क्षेत्रों की पहचान आसानी से हो सकेगी। लंबे समय तक बिजली बंद रहने की स्थिति में अब स्थानीय स्तर पर बताए जाने वाले कारणों के साथ फीडरवार आंकड़े भी उपलब्ध होंगे।
हर फीडर का तैयार होगा पूरा रिपोर्ट कार्ड
नई व्यवस्था में दिनभर के दौरान बिजली आपूर्ति की स्थिति का विस्तृत रिकॉर्ड रखा जाएगा। इसमें मुख्य रूप से:
- दिन में कितनी बार बिजली बाधित हुई।
- कुल कितनी देर तक बिजली आपूर्ति बंद रही।
- कितनी बार फीडर ट्रिप हुआ।
- ब्रेकडाउन की अवधि कितनी रही।
- फॉल्ट दूर करने में कितना समय लगा।
- बिजली आपूर्ति में रुकावट के प्रमुख कारण क्या रहे।
इन आंकड़ों के आधार पर खराब प्रदर्शन करने वाले फीडरों पर आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई की जा सकेगी।
चार सदस्यीय समिति करेगी 11 और 33 KV फीडरों की निगरानी
सीएमडी के निर्देश पर गठित चार सदस्यीय समिति में कार्यकारी निदेशक (O&M) सुधीर कुमार सिंह को अध्यक्ष बनाया गया है। समिति में महाप्रबंधक (IT) संजय कुमार, महाप्रबंधक (Transmission Network) शंकर झा और महाप्रबंधक (Commercial) संजय सिंह सदस्य हैं।
समिति की जिम्मेदारी राज्य के सभी 11 KV और 33 KV फीडरों की दैनिक स्थिति की समीक्षा कर रिपोर्ट तैयार करने की होगी। रिपोर्ट में ब्रेकडाउन, ट्रिपिंग, बिजली आपूर्ति में रुकावट और फॉल्ट दूर करने में लगे समय समेत अन्य तकनीकी बिंदुओं को शामिल किया जाएगा।
सुबह 6 बजे से अगले दिन सुबह 6 बजे तक होगी समीक्षा
राज्य की पूरी बिजली व्यवस्था की निगरानी के लिए एक अलग उच्चस्तरीय समिति भी गठित की गई है। यह समिति रोज सुबह 6 बजे से अगले दिन सुबह 6 बजे तक की बिजली आपूर्ति व्यवस्था की समीक्षा करेगी।
इस दौरान ग्रिड संचालन, ट्रिपिंग, आउटेज, वोल्टेज की गुणवत्ता और बिजली आपूर्ति से जुड़ी अन्य तकनीकी समस्याओं का आकलन किया जाएगा।
समिति को 24 घंटे की बिजली व्यवस्था की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर प्रतिदिन सुबह 11 बजे तक अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक के समक्ष प्रस्तुत करनी होगी। यानी एक दिन की बिजली व्यवस्था का पूरा रिपोर्ट कार्ड अगले कुछ घंटों में शीर्ष प्रबंधन तक पहुंच जाएगा।
ग्रिड से फीडर तक पता चलेगी समस्या की जगह
राज्यस्तरीय समिति में SLDC और JUSNL के कार्यकारी निदेशक मुकेश कुमार सिंह को अध्यक्ष बनाया गया है। समिति में JBVNL के महाप्रबंधक (STN) शुभंकर झा, JUUNL के महाप्रबंधक (तकनीकी/परियोजना) कुमुद रंजन सिन्हा और JUSNL के महाप्रबंधक (Commercial & Regulatory Affairs) अजय कुमार सदस्य हैं।
दैनिक रिपोर्टिंग की इस व्यवस्था से बिजली आपूर्ति में आने वाली तकनीकी समस्या की वास्तविक जगह का पता लगाने में मदद मिलेगी। इससे यह भी स्पष्ट हो सकेगा कि समस्या फीडर स्तर, ट्रांसफॉर्मर, ग्रिड या वितरण व्यवस्था में कहां उत्पन्न हो रही है।
लगातार खराब प्रदर्शन वाले क्षेत्रों पर होगी कार्रवाई
फीडरवार आंकड़े उपलब्ध होने के बाद यह पता लगाना आसान होगा कि किसी इलाके में बिजली बार-बार क्यों बाधित हो रही है और समस्या कितनी पुरानी या दोहराव वाली है। लगातार खराब प्रदर्शन करने वाले फीडरों की पहचान कर वहां सुधारात्मक कदम उठाए जा सकेंगे।
इस नई व्यवस्था का उद्देश्य बिजली आपूर्ति की निगरानी को अधिक पारदर्शी बनाना और ब्रेकडाउन व ट्रिपिंग की स्थिति में जवाबदेही तय करना है।
एक नजर में
- राज्यभर के 11 KV और 33 KV फीडरों की रोजाना मॉनिटरिंग होगी।
- एक घंटे से अधिक ब्रेकडाउन वाले फीडरों की अलग रिपोर्ट बनेगी।
- दिन में बिजली कितनी बार गई, इसका रिकॉर्ड रखा जाएगा।
- कुल कितनी देर बिजली बंद रही, इसकी जानकारी दर्ज होगी।
- फीडरवार रिपोर्ट रोज शीर्ष प्रबंधन को दी जाएगी।
- सुबह 6 बजे से अगले दिन सुबह 6 बजे तक बिजली व्यवस्था की समीक्षा होगी।
- ग्रिड संचालन, ट्रिपिंग और आउटेज पर निगरानी रहेगी।
- वोल्टेज की गुणवत्ता की भी दैनिक समीक्षा होगी।
- राज्यस्तरीय समिति की रिपोर्ट रोज सुबह 11 बजे तक अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक के समक्ष प्रस्तुत की जाएगी।







