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मुख्यमंत्री ने पेयजल एवं स्वच्छता विभाग की समीक्षा बैठक में जल जीवन मिशन योजना को गति देने का दिया निर्देश, समयबद्ध कार्य पूरा करने पर जोर

Ranchi: मुख्यमंत्री ने कहा कि पेयजल से जुड़ी परियोजनाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. उन्होंने अधिकारियों को नियमित मॉनिटरिंग करने, गुणवत्ता सुनिश्चित करने और ग्रामीण क्षेत्रों में जलापूर्ति व्यवस्था को मजबूत बनाने का निर्देश दिया. साथ ही योजनाओं के क्रियान्वयन में आने वाली बाधाओं को जल्द दूर करने पर भी जोर दिया गया.
 
JHARKHAND

Ranchi: मुख्यमंत्री ने पेयजल एवं स्वच्छता विभाग की समीक्षा बैठक में राज्य में चल रही पेयजल योजनाओं और जल जीवन मिशन की प्रगति का जायजा लिया. बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि जल जीवन मिशन के तहत लंबित योजनाओं को तेजी से पूरा किया जाए और हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने के लक्ष्य को समयबद्ध तरीके से हासिल किया जाए.

मुख्यमंत्री ने कहा कि पेयजल से जुड़ी परियोजनाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. उन्होंने अधिकारियों को नियमित मॉनिटरिंग करने, गुणवत्ता सुनिश्चित करने और ग्रामीण क्षेत्रों में जलापूर्ति व्यवस्था को मजबूत बनाने का निर्देश दिया. साथ ही योजनाओं के क्रियान्वयन में आने वाली बाधाओं को जल्द दूर करने पर भी जोर दिया गया.

बैठक में राज्य के पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के मंत्री योगेंद्र प्रसाद के अलावा मुख्य सचिव अविनाश कुमार, विकास आयुक्त अजय कुमार सिंह, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के सचिव अबू इमरान, अतिरिक्त सचिव, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग शशि रंजन सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे.

इस मौके पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जल जीवन मिशन के कार्यों में तेजी लाते हुए राज्य के प्रत्येक घर में पाइपलाइन एवं नल के जरिए शुद्ध पेयजल पहुंचाने के लक्ष्य को समयबद्धता के साथ पूरा करें. मुख्यमंत्री ने कहा कि पेयजल संकट की संभावना वाले क्षेत्रों की विशेष निगरानी रखी जाए, जहां भी पेयजल की समस्या उत्पन्न हो रही है उन क्षेत्रों को चिन्हित कर वहां त्वरित कार्रवाई कर आम जनों को शुद्ध पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित किया जाए.

CM Hemant Soren reviewed functioning of Drinking Water and Sanitation Department in Ranchi

मुख्यमंत्री ने पेयजल एवं स्वच्छता विभाग की ओर से निर्माणाधीन योजनाओं की कार्य प्रगति की समीक्षा करते हुए कहा कि बड़ी योजनाओं के लिए कांट्रैक्टरों का वाट्सएप ग्रुप बनाकर प्रतिदिन की कार्य प्रगति को अपडेट कराएं और निरंतर इसकी मॉनिटरिंग करें. मुख्यमंत्री ने कहा कि पेयजल एवं स्वच्छता विभाग की योजनाएं बहुत ही महत्वपूर्ण है. इन्हें धरातल पर उतारने के लिए प्रभावी कार्य किए जाएं साथ ही हर घर तक पानी पहुंचाने की दिशा में ठोस पहल करें.

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्रों में शुद्ध पेयजल पहुंचाया जाना चाहिए. इस अवसर पर अधिकारियों ने कहा कि जल जीवन मिशन योजना के तहत राज्य के शत प्रतिशत ग्रामीण घरों तक दिसम्बर 2028 तक पाइपलाइन के माध्यम से शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराये जाने का लक्ष्य है जिसपर विभाग काम कर रही है. ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को भी शहरी क्षेत्रों की तरह बेहतर पेयजल सुविधा उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है.

CM Hemant Soren reviewed functioning of Drinking Water and Sanitation Department in Ranchi

मुख्यमंत्री ने राज्य में जल संरक्षण एवं जल स्रोतों के संवर्द्धन पर भी विशेष जोर दिया. उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वर्षा जल संचयन, जल संरक्षण तथा भू-जल स्तर को बनाए रखने के लिए प्रभावी एवं दीर्घकालिक योजनाएं तैयार की जाएं. साथ ही लोगों को जल संरक्षण के प्रति जागरूक करने के लिए व्यापक जागरूकता अभियान चलाने का निर्देश दिया.

इस बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग करने, कार्यों में पारदर्शिता बनाए रखने तथा जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान के लिए जवाबदेह व्यवस्था विकसित करने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि राज्य का प्रत्येक परिवार सुरक्षित पेयजल एवं बेहतर स्वच्छता सुविधाओं का लाभ प्राप्त करे. इसके लिए पूरी प्रतिबद्धता और बेहतर कार्ययोजना साथ आगे बढ़ाने की आवश्यकता है.

मुख्यमंत्री ने भू-जल स्तर गिरने के कारण अनुपयोगी हो चुके चापाकलों के बोरिंग का उपयोग रिचार्ज पीट के रूप में करने का निर्देश दिया, ताकि वर्षा जल का संचयन कर भू-जल स्तर को बढ़ाया जा सके. उन्होंने शॉक पीट बनवाने के लिए भी लोगों को जागरूक करने का निर्देश दिया.

मुख्यमंत्री ने राज्य में जल गुणवत्ता की समस्या पर गंभीर चिंता जताते हुए कहा कि शुद्ध पेयजल प्रत्येक नागरिक का अधिकार है. ऐसे में शुद्ध पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित कराने के लिए पाइपलाइन से जल देने के साथ-साथ अन्य ठोस पहल करने का निर्देश अधिकारियों को दिया. मुख्यमंत्री ने कहा कि प्लास्टिक से उत्पन्न होने वाले संकट को लेकर लोगों को जागरूक किया जाए साथ ही प्लॉस्टिक मुक्त गांव बनाने वालों के प्रयास को सरकार/विभाग के स्तर पर पुरस्कृत करने का निर्देश दिया.

बैठक में विभिन्न जिलों में चल रही योजनाओं की प्रगति, पाइपलाइन विस्तार, जलापूर्ति नेटवर्क और नए कनेक्शनों की स्थिति की समीक्षा की गई. मुख्यमंत्री ने कहा कि आम लोगों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है और इस दिशा में सभी विभाग समन्वय के साथ काम करें.