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झारखंड स्थापना की मूल भावना को पूरा करने में हम निचले पायदान पर - सीएम हेमंत

Jharkhand Desk: आज के दिन भी किसी भी राज्य से तुलना करें तो इस राज्य में लोगों का शैक्षिक, सामाजिक और आर्थिक रूप से मजबूती का दावा करें तो ये सही नहीं होगा. वर्तमान समय में आर्थिक, सामाजिक. शैक्षणिक और बौद्धिक रूप से मजबूत नहीं हैं और इसमें जो अपेक्षाकृत लोगों का सहयोग नहीं मिलता तो यह संघर्ष और लंबा हो सकता था.
 
JHARKHAND NEWS

Jharkhand Desk: आज झारखंड विधानसभा का 25वां स्थापना दिवस है. इसे रजत जयंती के रूप में बड़े धूमधाम से मनाया जा रहा है. रांची में विधानसभा भवन में हुए इस बड़े समारोह में राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, उनकी पत्नी कल्पना सोरेन, नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी, संसदीय कार्य मंत्री राधाकृष्ण किशोर, वरिष्ठ विधायक सरयू राय समेत कई मंत्री, विधायक और पूर्व विधायक शामिल हुए. कार्यक्रम की शुरुआत राज्यपाल, मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष ने मिलकर दीप प्रज्वलित कर की. इसके बाद स्पीकर रबींद्रनाथ महतो ने सभी मेहमानों का स्वागत किया और सभी का संबोधन किया.

स्थापना दिवस पर बोले सीएम हेमंत सोरेन, 2050 तक विकसित झारखंड; हम देश के  मूलवासी और पहले वारिस हैं

झारखंड स्थापना की मूल भावना को पूरा करने में हम निचले पायदान पर - सीएम हेमंत

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी सभी को संबोधित किया. सीएम हेमंत ने झारखंड स्थापना के पीछे की मूल भावना को लेकर बात की. उन्होंने कहा कि 

"मैं समझता हूं कि झारखंड राज्य की परिकल्पना तो पूरी हुई, लेकिन मूल विषय में हम अभी भी सबसे नीचले पायदान पर खड़े हैं. गरीबी, कुपोषण, पिछड़ापन, शिक्षा का अभाव, सामाजिक न्याय से महरूम, कई ऐसी चीजें हैं, जो आज भी इस राज्य के जनमानस को घेरे हुए हैं."

उन्होंने कहा कि अगर हम आज के दिन भी किसी भी राज्य से तुलना करें तो इस राज्य में लोगों का शैक्षिक, सामाजिक और आर्थिक रूप से मजबूती का दावा करें तो ये सही नहीं होगा. वर्तमान समय में आर्थिक, सामाजिक. शैक्षणिक और बौद्धिक रूप से मजबूत नहीं हैं और इसमें जो अपेक्षाकृत लोगों का सहयोग नहीं मिलता तो यह संघर्ष और लंबा हो सकता था. अगर किसी के जेब में एक रुपये ना हो, खेतों में पानी ना हो, शिक्षा विहीन हो, तो वह बेचारा करे तो क्या करे. किस दिशा जाए, किस दिशा ना जाए, वह समझ ही नहीं सकता. इसलिए हम सबका दायित्व बनता है कि इस देश का लोकतंत्र और इस देश का संविधान, इस देश का कानून, राज्य का कानून, हर व्यक्ति के हित में हो और उन्हें इसकी जानकारी भी हो. यही कारण है कि वर्तमान सरकार ने लोगों को आर्थिक, सामाजिक और शैक्षणिक रूप से मजबूत करने का संकल्प लिया है.

विधायक राज सिन्हा और विधानसभा कर्मी को किया गया सम्मानित

विधानसभा रजत जयंती कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण में धनबाद से भाजपा विधायक राज सिन्हा रहे, जिन्हें वर्ष 2025 का “उत्कृष्ट विधायक पुरस्कार” प्रदान किया गया. राज्यपाल संतोष गंगवार, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और स्पीकर रबींद्रनाथ महतो ने उन्हें एक प्रशस्ति पत्र, एक शॉल और एक स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया. इसके अलावा, छह विधानसभा के कर्मचारियों—संतोष कुमार, नीलम कुजूर, राकेश कुमार सिंह, मन्नू राम, रवींद्र पाल, और मोहम्मद शाहिद हैदर—को उत्कृष्ट विधानसभा कर्मी के रूप में सम्मानित किया गया. कार्यक्रम में दो महत्वपूर्ण प्रकाशनों का भी लोकार्पण हुआ- षष्ठी झारखंड विधानसभा के सदस्यों का जीवन परिचय संकलन और पिछले 25 वर्षों की विधायी यात्रा पर केंद्रित “सदन संवाद” पुस्तक.

नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी और नव-पुरस्कृत विधायक राज सिन्हा ने भी सभा को संबोधित किया. दोनों ने झारखंड विधानसभा के 25 वर्षों के गौरवशाली सफर को याद करते हुए इसके योगदान की सराहना की. यह रजत जयंती समारोह राज्य के लोकतांत्रिक इतिहास के 25 साल की उपलब्धियों, चुनौतियों और संसदीय परंपराओं के संरक्षण का प्रतीक बना.